⚠️ A follower shared this with me.
They ordered Harpic Bathroom Cleaner (1L Pack of 2) from Flipkart and felt something was off about the packaging. They reached out to Reckitt, shared photos and proof, and received a response confirming that the products were counterfeit. According to Reckitt, the label artwork and manufacturing details did not match their official records.
What caught my attention was something else.
While checking older reviews of the seller, the same batch number, UTB678, was visible in review photos posted 1 to 3 years ago.
If the same batch number has been showing up for years, this raises a bigger question. Is this really just one seller, or is there a larger counterfeit supply chain operating in the background?
Counterfeit household products are not just a consumer rights issue. They can also become a safety issue.
Sharing this so more people can check the products they buy online and verify anything that looks suspicious.
सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं, सारी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए।
मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही, हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए
लड़ाई जारी रहेगी..
#SSC_System_Sudharo
बच्चे बस शांतिपूर्वक खड़े थे,
अपने हक़ की बात कर रहे थे —
पूछ रहे थे, “Sytem kab sahi honga ?”
लेकिन एक वर्दीवाले ने लाठी उठा ली।
मानो वो दुश्मन थे…
मानो सवाल पूछना अब गुनाह है।
सर…
वो बच्चे आपके बेटे जैसे हैं,
उन्हें मत मारिए…
वो पढ़ते हैं, लड़ते नहीं।
वो बस नौकरी माँग रहे थे,
भीख नहीं।
क्या इतनी भी जगह नहीं बची हमारे लोकतंत्र में
जहाँ बच्चे एक शब्द बोल सकें
बिना डरे, बिना पीटे जाएं?
#Delhi_Chalo अब मजबूरी नहीं, ज़रूरत है।
#sscreform
#SSC_VENDOR_FAILURE
#SSC_System_Sudharo
@RahulGandhi@narendramodi@grok
जब शिक्षक छात्रों के हक़ में आवाज़ उठाते हैं,
तो उन्हें सड़कों से उठाकर थानों तक ले जाया जाता है।
ना राजनीति, ना विरोध — सिर्फ़ एक सवाल था- न्याय कब मिलेगा?
क्या सवाल पूछना अब अपराध है?
क्या यही है हमारी व्यवस्था की तस्वीर?
#SSCProtest#SSC_System_Sudharo
दिल्ली पुलिस ने शिक्षकों को जबरन बसों में भरकर 4 घंटे तक घुमाया।
DoPT ऑफिस में कोई जवाब नहीं मिला ❌
Students पर अन्याय क्यों?
और जब Teachers उनकी आवाज़ उठाते हैं, तो उनकी आवाज़ को दबाने की कोशिश क्यों?
क्यों नहीं सुन रही DoPT और सरकार ये सच्चाई?
ये सिर्फ विरोध नहीं, हक़ की लड़ाई है ।
#sscprotest #SSC_System_Sudharo
एक ईमानदार शिक्षक का हाथ तोड़ा गया, लेकिन साथ ही तोड़ी गई हजारों छात्रों की उम्मीदें
कसूर?
उन्होंने #SSC में हो रहे भ्रष्टाचार पर सवाल उठाया
मैं पूंछना चाहता हूँ पार्लियामेंट में बैठे उन तमाम दिग्गजों से क्या यही है अच्छे दिन?
क्या इसी को कहते हैं लोकतंत्र?
और अगर इसी को कहते है तो युवा बदल देगा ऐसे system को !
#Delhi_Chalo
इस ट्वीट को No.1 ट्रेंड पर लाना है!
हर यूट्यूबर, ट्विटर हैंडल, छात्र, शिक्षक —
अब सबको एक साथ बोलना होगा।
शिक्षक शांति से DOPT गए थे,
मुद्दा था SSC की खामियाँ।
मिला क्या? लाठीचार्ज, गिरफ़्तारी, और बस में बंदी!
क्या अब शिक्षक भी अपराधी हैं?
क्या संवाद करना भड़काना कहलाता है?
हम किसी पार्टी के विरोधी नहीं,
बस चाहते हैं —
परीक्षा समय पर हो, रिज़ल्ट आए, भर्ती पूरी हो।
आज शिक्षक सड़क पर हैं,
कल छात्र भी होंगे।
अब डरना नहीं,
अब एक साथ बोलना है।
#Delhi_Chalo — क्योंकि सिस्टम अब बहरा हो चुका है।
शांति पूर्ण तरीके से Examination system खामियों को लेकर शिक्षक DOPT से बात करने जाते है तो उन्हें पुलिस के द्वारा मारा पीटा जाता है !
क्या इस देश में शिक्षकों के साथ ये दुर्व्यवहार ठीक है ?
लोकतंत्र में क्या कोई जिम्मेदार लोगो से बात भी नहीं कर सकता!
शिक्षकों को बस में जबरदस्ती भर कर वहा से हटाकर बस घुमाया जा रहा है 4 घंटे से !
ये क्या तरीका है ?
#SSC_System_Sudharo
SSC needs structural reforms. Enough is enough. It needs the same professionalism of UPSC/IBPS.
-Exam centres not given as per student preference.
-1st day 1st shift – multiple centre cancellations
-System freeze, mouse not working
-Invigilators don’t know system handling
#SSCVendorFailure
#SSCMisManagement
#ReformSSC
#SSC_System_Sudharo
#ssc_jawab_do
इन सबके लिए पैसे है सरकार के पास लेकिन exam centres, labs, computer system ,mouse की व्यवस्था करके बच्चों का सही से पेपर करवाने के पैसे नहीं है 😡😡
#SSCMisManagement
SSC फेज़ 13 की परीक्षा में सामने आ रही गड़बड़ियां सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि मोदी सरकार के विफल और सड़े हुए सिस्टम का आईना हैं।
400–500 किलोमीटर दूर से परीक्षा देने पहुंचे युवाओं को केंद्र पर जाकर पता चलता है कि उनकी परीक्षा रद्द कर दी गई है। सिस्टम की खामियों के कारण लगातार पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने से लाखों युवाओं और उनके परिवारों की मेहनत, समय और उम्मीदें बर्बाद हो रही हैं।
पिछले 10 सालों में NEET, UGC-NET, UPPSC, BPSC और बोर्ड परीक्षाओं सहित 80 से ज्यादा पेपर्स में खुलेआम धांधली हुई है। सिर्फ इस साल की धांधली से 85 लाख बच्चों का भविष्य प्रभावित हुआ है। इन्हें रोकने में सरकार नाकाम रही है और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुधार के उसके बड़े-बड़े वादे खोखले साबित हुए हैं।
यह सरकार के निकम्मेपन, प्रशासनिक भ्रष्टाचार और परीक्षा माफियाओं के गठजोड़ का नतीजा है। युवाओं के सपनों के साथ यह विश्वासघात बंद होना चाहिए।