चलो आरक्षण के खिलाफ आंदोलन चलाने वाले इस जाहिल मैरिटधारी को थोड़ा grammar समझा दूं 😑
1)- Students में t और s के बीच apostrophe (') लगेगा
2)- peacefull नहीं peaceful होता है
3)- kha नहीं Kahan (कहां) होता है
4)- Bjp cjp aap राजनीतिक दलों के शाॅर्ट फाॅर्म हैं इसलिए इन्हें कैपिटल अक्षरों में लिखा जाएगा, साथ में comma भी लगेगा। जैसे- BJP, CJP, AAP
5)- congress का पहला शब्द कैपिटल होगा क्योंकि वो कोई अंग्रेजी की स्पैलिंग नहीं बल्कि एक पार्टी का नाम है- Congress
6)- प्रश्न पूछ रहे हो इसलिए आखिर में question mark (?) भी लगेगा।
पढ़ते-लिखते हैं नहीं बस दिन भर आरक्षण-आरक्षण चिल्लाते रहते हैं जाहिल 😅😅
"Across the country, private sector companies are responding to President Trump’s call by delivering tangible price reductions on everyday goods and services — putting money back in the pockets of American workers and families."
https://t.co/o8nFKG6v1F
Any kind of casteist joke should never be normalized. Abhinav Mishra is openly mocking the Dalit community and provoking them. The authorities should take immediate action under SC/ST act before this escalates further.
@Uppolice@NCSC_GoI
Video 1-
Senior Supreme Court advocate and Rajya Sabha MP Menaka Guruswamy delivered a powerful and eye-opening speech highlighting the deep-rooted lack of diversity within the Indian judiciary.
She pointed to the systemic barriers faced by women and members of historically marginalised communities in judicial appointments, stating:
“They will not appoint women to the judiciary. They will not appoint people from lower castes. They will not appoint Scheduled Castes.”
If women, Dalits, Adivasis and other marginalised communities remain severely underrepresented in the institutions that interpret the Constitution and decide people’s rights, then where is equal representation in the justice system ?
My info was put on display by a US based AI startup @RESecurity to showcase their AI tool during FutureCrime Summit 2026 at Bharat Mandapam.
This happened in the presence of many Govt officials as I am being told by someone who attended the summit.
Is the Govt taking help of US companies to spy on us?
UPSC में interview का खेल समझिए -
सिविल सर्विस परीक्षा 2020 के अंक -
• Name - Apala mishra
AIR - 9
Mains : 816 अंक
Interview : 215 अंक
Total Marks : 1031 अंक
★ Name - Ria Dabi
AIR - 15
Mains : 859 अंक
Interview: 162 अंक
Grand Total : 1021 अंक
दोनों के लिखित परीक्षा मार्क्स में 43 नंबर का अंतर था लेकिन अपाला मिश्रा को 53 अंक इंटरव्यू में ज्यादा देकर उसे टॉपर बना दिया गया।
अगर रिया डाबी को इंटरव्यू में Apala mishra के बराबर अंक मिल जाते तो AIR 1 रिया डाबी होती।
@Pvsindhu1 ఎంత టాక్స్ డబ్బు మెంగుతావు ….
sachin, వైసీపీ అండ్ టీడీపీ… అందరు దగ్గరనా??
ఫ్యామిలీ డబ్బు గలది, గిఫ్ట్ మనీ, AP అండ్ తెలంగాణ డబ్బు.. పైగా upper caste.
मुर्दा न्याय व्यवस्था! 🚨💔😡
2015 के राजस्थान के डांगवास में छह दलितों की निर्मम हत्या कर दी गई थी। दलितों ने इस भयावह नरसंहार के खिलाफ देश भर में आंदोलन किया तो मामला CBI को सौंपा गया।
CBI ने गलत लोगों को गवाह बनाया। नतीजन, अदालत ने आज सभी 40 आरोपियों के बरी कर दिया। इतने बड़े पैमाने पर हुए खूनी संघर्ष और हत्याओं के बाद अदालत से सभी आरोपियों का बरी होना न्याय व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। यह घटना एक प्रमाण है कि इस देश में दलित होना कितना भयावह है।
समाज के आधा दर्जन लोगों की हत्या कर दी गई, और राज्य सरकार, पुलिस प्रशासन एवं CBI इस नरसंहार कोई लेकर ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई? जब हत्यारे जाट समुदाय से थे और स्थानीय प्रशासन एवं राजनीती में जाटों का ही प्रभुत्व है। ऐसे में भला वे अपने समाज के खिलाफ ठोस सबूत पेश करेंगे भी क्यों?
धन्य है ये सरकार, धन्य है ये न्यायपालिका। लंबी कानूनी प्रक्रिया और सीबीआई जांच के बाद भी यदि एक भी आरोपी को सजा न मिले, तो इससे देश की न्याय प्रणाली और कानून के इकबाल पर एक गंभीर और उपेक्षा का धब्बा लगा है।
जो न्यायालय में बैठे हैं वो मेरिट के आधार पर नहीं बल्कि जातीय प्रभुता और भाई-भतीजावाद के कारण हैं। 85% आबादी के 1% जज उच्च न्यायालय क्यों नहीं हैं ? कोलेजियम को ध्वस्त करना ही होगा।
~ @sanjuydv जी
जिन सवालों के जवाब वो देना नहीं चाहते वही सवाल मज़बूती से दागे गए हैं।
शानदार✊🏾
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में फीस एवं हॉस्टल शुल्क वृद्धि, सीटों में कटौती तथा छात्र हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर 10 जुलाई से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राओं के विरुद्ध पहले एफआईआर दर्ज करना, उन्हें निलंबित करना, विश्वविद्यालय परिसर में उनके प्रवेश पर प्रतिबंध लगाना तथा उसके बाद आंदोलन के दौरान उनके साथ लगातार मारपीट और हमले की घटनाएं अत्यंत पीड़ादायक व चिंताजनक हैं।
2 अगस्त को दर्शनशास्त्र विभाग में प्रवेश लेने वाले एक छात्र के साथ सुरक्षाकर्मियों द्वारा अभद्रता और मारपीट की घटना भी सामने आई। इसके बाद, 3 अगस्त को प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं पर हमला हुआ, जिसमें कई छात्र-छात्राएं घायल हो गए। घायल छात्रों की शिकायत लिए जाने के बावजूद समय पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। साथ ही, घटना लगभग दोपहर 3 बजे हुई, लेकिन अधिकांश घायल छात्र-छात्राओं को रात लगभग 11 बजे पुलिस प्रशासन द्वारा चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिसके बाद ही उनका चिकित्सीय परीक्षण (मेडिकल) कराया गया। घायलों को समय पर उपचार न मिलना तथा शिकायतों पर विलंब से कार्रवाई होना अत्यंत गंभीर विषय है, जिसकी निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जानी चाहिए।
हम @EduMinOfIndia से मांग करते हैं कि पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, हमले और मारपीट की सभी घटनाओं की सत्यता सामने लाई जाए, दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए, घायल छात्र-छात्राओं को समुचित चिकित्सा, सुरक्षा एवं न्याय उपलब्ध कराया जाए।
साथ ही, छात्र-छात्राओं पर दर्ज मुकदमों, निलंबन तथा परिसर में प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध की निष्पक्ष समीक्षा कर लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया जाए। छात्र प्रतिनिधियों के साथ तत्काल सार्थक संवाद स्थापित कर फीस वृद्धि, सीटों में कटौती तथा छात्र हितों से जुड़े सभी मुद्दों का न्यायपूर्ण समाधान निकाला जाए।
भीम आर्मी–आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की प्रयागराज की स्थानीय टीम घटना के बाद मौके पर पहुंची और पीड़ित छात्र-छात्राओं के साथ मौजूद रही।
@mygovindia@UoA_Official@JoshiPralhad
#AllahabadUniversity
ब्राह्मण अभय कुमार तिवारी हैं, 🔥🔥🔥
झारखंड Jpsc परिक्षा घोटाला का मास्टरमाइंड है, और इसका साथ दिया है, परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक रामवीर सिंह ने, इन मनुवादीयों की वजह से आज छात्रों को आंदोलन करना पड़ रहा है।
ऐसा कोई घोटाला नहीं है जिसमें में ब्राह्मणवादीयों के नाम ना हो,
यह लोग देश के दीमक हैं। अंदर ही अंदर से देश को खोखला कर रहे हैं।
जनवरी 2021 से अब तक सीवर और सेप्टिक टैंकों की सफाई के दौरान 593 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, केंद्र सरकार ने संसद में ऐसी केवल 332 मौतों की ही जानकारी दी है। सीवर में हो रही मौतों के खिलाफ सफाई कर्मचारी आंदोलन और उसके मुखिया बेजवाड़ा विल्सन के नेतृत्व में 4 अगस्त को दिल्ली के जंतर मंतर पर 10 से अधिक राज्यों से आए सफाई कर्मचारी, सीवर और सेप्टिक टैंक में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों ने नागरिकों को सीवर और सेप्टिक टैंकों की सफाई के लिए जबरन उतारने और इस अवैध प्रथा के कारण लगातार हो रही मौतों की कड़ी निंदा की।
#SafaikaramchariAandolan #ska #BejwadaWilson #jantarmantarprotes
ఎవరికి చెప్పుకుంటారో చెప్పుకోండి… నేను వైద్యం చేయను
ఏపీ ప్రభుత్వ ఆసుపత్రిలో డాక్టర్ దురుసు ప్రవర్తన
తిరుపతి జిల్లా చిన్న గొట్టిగల్లు ప్రభుత్వ ఆసుపత్రిలో ఘటన
రోగులను పట్టించుకోకుండా ఉండడంతో వైద్యం చేయాలని డాక్టర్ను కోరిన బంధువులు
వైద్యం చేయను.. ఎవరికి చెప్పుకుంటారో చెప్పుకోండి అంటూ నిర్లక్ష్యపు సమాధానం ఇచ్చిన డాక్టర్
While New York Times took Abhijeet Dipke seriously, India's Liberal Upper Caste Journos and their english news media platforms never wanted to platform him,that is obviously because of their deep seated hate towards giving visibility to rising Dalit Leadership.
Ironically, many of these platforms amplified mediocre opportunists like Kanhaiya,Shehla,Raghav etc.
Such editorial choices raise fundamental questions of gatekeeping and unequal distribution of visibility within India's liberal English Media landscape.
Karnataka Commerical Tax Inspectors exam released on 13-01-2026 shows
Rank 1- SC
Rank 2 - OBC
Rank 4- SC
Rank 6- SC
Rank 7-OBC
Rank 8- OBC
Rank 9- OBC
Rank 10-SC
As you can see in the last column, the interview marks have made all the difference. Once there is transparency in interviews and as more marks are given to SC, ST, and OBC kids, they start capturing the general merit seats as well.
So when all students have the same marks in interviews and when interview marks are given without any prejudice, 25% of the seats of general merit will be occupied by SCs, STs, and OBCs.
So, I need to ask you one question...
Kahan hai merit