मक्का (अज़ीज़िया) में हिंदुस्तानी हाजियों के साथ इंतिहाई बदइंतज़ामी! आसफ़ अल क़ुरैशी हॉस्टल की हालत शर्मनाक, लगभग ₹4 लाख लेने के बावजूद फैमिली अलग, एक रूम में 16 लोग, लिफ़्ट ख़राब, 16 लोगों पर एक गंदा वॉशरूम। रूम के अंदर वॉशरूम का गंदा पानी खड़ा है। यह नाकाबिल-ए-बर्दाश्त है।
Haj Committee of India फौरन कार्रवाई करे।
#Haj2026 #HajPilgrims #JusticeForHajis
"नमाज में कोई शोर-शराबा नहीं होता”
“नमाज में पड़ोसियों को कोई परेशानी नहीं होती”
“दुनिया की सबसे खामोश इबादत है नमाज”
- आरफ़ा खानम
तो सुबह से दिन में 5 बार लाउडस्पीकर पर क्या चीख रहे होते?
मध्य्प्रदेश के बैतूल में अब्दुल नईम अपनी निजी जमीन पर नर्सरी से कक्षा 8 तक के बच्चों के लिए स्कूल बना रहे थे. लेकिन प्रशासनिक आदेश के बाद भवन का एक हिस्सा गिरा दिया गया। नईम इस बात से दुखी हैं😢
रात 10 बजे गूगल मैप्स के काम न करने पर एक विदेशी महिला अकेली और डरी हुई हालत में रास्ता भटक गई। आसपास कोई न देखकर रैपिडो राइडर सिंधु कुमारी रुकीं, उन्हें दिलासा दिया और सुरक्षित रूप से होटल कोकोनट तक पहुँचा दिया जिससे उनका डर राहत में बदल गया। इस बहादुर भारतीय महिला राइडर को सलाम
ये उमर ख़ालिद है। राजनीतिक क़ैदी है। पांच साल से भी अधिक समय से जेल में बंद है। इनकी ज़मानत याचिका सुप्रीम कोर्ट तक ने खारिज कर दी है। उमर का यह भाषण सुनिए! उनके विचार सुनिए। फिर सोचिए! इस देश में इन विचारों से किसकी सत्ता डगमगाती है। क्या ये अपराध है?
हेलो @Uppolice@ghaziabadpolice!
बस इतना पूछना था की क्या ये हेट स्पीच में आता है या नहीं?
आप लोगों की निष्क्रियता इस देश के क़ानून और सरकार पर स्वाल खड़े करती है, अपना विश्वास आप खोते जा रहे हैं।
@HMOIndia@PMOIndia
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है।
जिसमें एक व्यक्ति शौचालय में बैठकर और जो भी करते हुए गुजरात हाई कोर्ट की वर्चुअल कार्यवाही में भाग ले रहा है।
बताओ भला लोगों के पास इतना भी टाईम नहीं है की कहीं सही जगह पर बैठ कर Zoom पर आएं।
सीतापुर जेल में बंद सपा के संस्थापक व पूर्व मंत्री आज़म खान की पत्नी तंज़ीम फ़ातिमा उनसे मिलने जेल पहुंची तो मीडिया ने सवाल किया "आज़म खान कर यहां कभी टिकट की सिफ़ारिश करवाने वालों का तांता लगता था लेकिन अब उनसे कोई मिलने नही आता है,क्यो?"
इस पर आज़म खान की पत्नी ने कहा "वो तो समाजवादी पार्टी वाले ही जाने, हमें किसी से कोई उम्मीद नही उम्मीद है तो सिर्फ़ अल्लाह से!"
बहादुरी की जिंदा मिसाल लखीमपुर में देखने को मिली है!
लखीमपुर के बबुरी गाँव में एक तेंदुए ने भट्ठे पर काम करने वाले एक मजदूर पर हमला कर दिया था।
ऐसे मौके पर अक्सर लोग दिल छोड़ बैठते हैं मगर उस जिंदा दिल मजदूर ने तेंदुआ के साथ लड़ना मंजूर किया और आखिर में अपनी जिंदगी की लड़ाई उसे जीत गया।
मुझे नहीं मालूम इस मजदूर का क्या नाम है मगर इसकी बहादुर को सलाम है 🫡