बिहार में चंद मिनटों के उपयोग के लिए बना रेड कार्पेट वाला सबसे 𝐕𝐕𝐕𝐈𝐏 शौचालय!
चंद माह पूर्व प्रगति यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री के एक घंटे के कार्यक्रम में चंद सेकंड के उपयोग के लिए 𝟕.𝟒𝟏 लाख की लागत से एक अस्थायी 𝐕𝐕𝐕𝐈𝐏 टॉयलेट का निर्माण कराया गया।
𝐑𝐓𝐈 से खुलासा हुआ है कि गरीब राज्य के सबसे वंचित और पिछड़े जिले अररिया के रानीगंज में मुख्यमंत्री ने यह कारनामा कराया।
सर्वविदित है कि आम आदमी को शौचालय निर्माण के लिए ₹𝟏𝟐,𝟎𝟎𝟎 की सरकारी राशि तय है जिसमें 𝟐𝟎 फीसदी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता है। 𝟕.𝟒𝟏 लाख में गरीबों के लिए 𝟑𝟕 स्थायी शौचालयों का निर्माण कराया जा सकता था।
क्या बिहार दिवालिया होने के कगार पर है? क्या डबल इंजन सरकार की पूंजीपरस्त नीतियों और जनविरोधी निर्णयों से वित्तीय आपातकाल की स्थिति उत्पन्न होने वाली है?
बिहार का वित्तीय संकट इतना गंभीर हो चुका है कि कल बिहार कैबिनेट ने मई, जून और जुलाई 𝟐𝟎𝟐𝟔 की सामाजिक सुरक्षा पेंशन देने के लिए बिहार आकस्मिकता निधि से 𝟑,𝟔𝟔𝟐 करोड़ रुपए निकालने की स्वीकृति प्रदान की है।
आकस्मिकता निधि का उपयोग सरकार द्वारा किसी भी अप्रत्याशित संकट, प्राकृतिक आपदा या वित्तीय विपत्ति के समय जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाता है।
जिस प्रदेश में अब पेंशन देने के लिए आकस्मिकता निधि का उपयोग होने लगे तो समझ जाइए कि हालात कितने खराब और खतरनाक हो चुके है। 𝟔 महीनों से हम निरंतर कह रहे है और सर्वविदित भी है कि 𝟒-𝟓 महीनों से बिहार में कर्मचारियों के वेतन और पेंशन संबंधित भुगतान नहीं हो रहा है क्योंकि खजाना खाली है। एक वर्ष से अधिक समय बीतने पर भी ठेकेदारों का भुगतान नहीं हुआ है।
नए प्रॉजेक्ट तो दूर, 𝟐𝟎𝟐𝟑-𝟐𝟒 में स्वीकृत कार्य योजनाओं का अभी तक कार्यारंभ नहीं हुआ है? 𝟐𝟎𝟐𝟓 और 𝟐𝟎𝟐𝟔 में बिना सोचे समझे की गयी घोषणाओं का तो जिक्र ही छोड़ दीजिए। बिजली में भारी कटौती की जा रही है। छात्रवृति का पैसा नहीं दिया जा रहा। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना ठप्प है। फंड की कमी के कारण कल कैबिनेट में पूर्व से चली आ रही “बिहार राज्य फ़सल सहायता योजना” को भी बंद कर दिया गया है।
बिहार के वित्तीय हालत चिंताजनक है। नियमित बजटीय प्रावधान (𝐑𝐞𝐠𝐮𝐥𝐚𝐫 𝐁𝐮𝐝𝐠𝐞𝐭𝐚𝐫𝐲 𝐏𝐫𝐨𝐯𝐢𝐬𝐢𝐨𝐧𝐬) की बजाय आकस्मिकता निधि (𝐂𝐨𝐧𝐭𝐢𝐧𝐠𝐞𝐧𝐜𝐲 𝐅𝐮𝐧𝐝) से (𝟑,𝟔𝟔𝟐) तीन हज़ार छ: सौ बासठ करोड़ रुपए की निकासी कर उस निधि से पेंशन देने जैसे निर्णय पर मुख्यमंत्री को जवाब देना चाहिए कि दशकों से डबल इंजन सरकार होते हुए ऐसी नौबत क्यों आई?
नौसिखिए मुख्यमंत्री को गैर जरूरी मुद्दों को हवा देने की बजाय अविलंब प्रदेश की दयनीय वित्तीय स्थिति को लेकर चिंतित, भयभीत और आशंकित बिहारवासियों को संबोधित करना चाहिए।
भाजपा राज में ‘गर्मी की छुट्टी’ गीत!
न बिजली जले, न पंखा चले
गर्मी में जनता दिन-रात जले
पानी के नाम पर पसीना बहे
यूपी की जनता अब किस से कहे
न बिजली जले, न पंखा चले
गर्मी में जनता दिन-रात जले
बातों से सपना सबको दिखे
लेकिन हक़ीक़त में दुख ही मिले
न बिजली जले, न पंखा चले
गर्मी में जनता दिन-रात जले
सब-टेसन पर पीएसी पहरा करे
जनता के सवालों से नेता डरे
चिट्ठी लिख-लिख अपनी बातें कहे
यूपी की जनता अब किस से कहे
न बिजली जले ~ न पंखा चले
गर्मी में जनता दिन-रात जले
#नहीं_चाहिए_भाजपा
एनडीए सरकार ज्वलंत जनसमस्याओं एवं अपनी नीतिगत विफलताओं से ध्यान भटकाने, भरमाने और बरगलाने के लिए आवास और सुरक्षा जैसे गैर-जरूरी मुद्दों को तरजीह दे रही है। आख़िरकार जनता को इन मुद्दों से क्या हासिल होगा?
बिहार के Cheap Minister एनडीए के किसी भी ऐरा-गैरा नत्थू खेरा तथा अयोग्य, अक्षम, कुपात्र, भ्रष्ट और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को सरकारी खर्च पर उच्च कोटि की सुरक्षा श्रेणी, मंत्रिस्तरीय आवास और सुविधाएं बिना किसी मानक के रेवड़ी की तरह बांट रहे है। परिभाषित नियमों की अवहेलना कर अनुपयुक्त लोगों को सुरक्षा और आवास से उपकृत करने में इस भ्रष्ट और भ्रमित सरकार का कोई निश्चित पैमाना व मापदंड नहीं है।
बिहार का खजाना खाली है। कर्मचारी-व्यापारी, किसान-नौजवान, मजदूर, छात्र-शिक्षक सभी वर्ग त्राहिमाम कर रहे है।
बिहार की दिशाहीन सरकार में भ्रष्टाचार, अपराध, गरीबी, बेरोजगारी और प्रशासनिक अराजकता चरम पर है। शिक्षा-स्वास्थ्य और विधि व्यवस्था बदहाल है। आपराधिक, घृणित, दूषित, संकीर्ण मानसिकता के अवसाद ग्रस्त नौसिखिए लोगों के हाथ में लोकतांत्रिक रूप से समृद्ध बिहार जैसे प्रदेश की बागड़ोर होना, किसी आपदा से कम नहीं है।
कभी मंत्री जी ने आईसीयू में गहरी साँस भर रहे अपने विभाग के स्वास्थ्य के बारे में कोई सवाल पूछा है क्या? ये दायित्वहीनता जनहित के प्रति उनकी अयोग्यता, उदासीनता, लापरवाही, असमर्थता, अक्षमता को दर्शाती है।
#असफल_मुख्यमंत्री#असफल_उप_मुख्यमंत्री
जो पीड़ित वो पीडीए।
आज के भाजपा शासनकाल में हर तरह से उपेक्षित-उत्पीड़ित आशा वर्कर बहनों की माँगों के समर्थन में हम पूरी निष्ठा के साथ हैं। उनकी आर्थिक सुरक्षा व सामाजिक सुरक्षा से भाजपा सरकार पीछे क्यों हट रही है? जब भाजपा के झूठे प्रचार और निर्जीव पर अपव्यय के लिए सरकार के पास धन लूटाने को है तो आशा वर्कर्स के साथ भेदभाव का आधार क्या केवल यही है कि वो शोषित, वंचित, निर्धन पृष्ठभूमि से आती हैं या वो पीडीए में शामिल आधी आबादी मतलब महिलाएं हैं, क्या उन्हें सम्मान से जीने का हक़ नहीं?
#Protest
#AashaWorkers
#ashaworkersprotest
कल सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कांग्रेस की खूब क्लास लगाई।
~डीएमके कहां है?
~कांग्रेस द्वारा केरला के पूर्व मुख्यमंत्री पर निजी हमला क्यों किया गया?
~जब सहयोगी दलों पर ED/CBI की कारवाई होती है, तो चुप्पी क्यों?
यूपी विधानसभा चुनाव के लिए:
~सीट की जिद्द नहीं करना चाहिए, बात सीट की नहीं, जीत की है।
~जिस सीट पर जीत की गारंटी होगी, वही मिलेगी।
~ज्यादा सीट की जिद्द की जगह जमीनी हक़ीक़त समझें।
~हमारा संगठन ज्यादा मजबूत है, पूरी मदद मिलेगी।
अभी हाफ़ हुए हैं, विधानसभा में टिकट नहीं मिलेगा तो साफ़ हो जाएंगे। जब सारे ‘घटिया एक्सप्रेसवे’ बन गये और भ्रष्टाचार का आपसी लेनदेन का टारगेट पूरा हो गया तब हटाया तो क्या हटाया?
सुना है इलाहाबाद की सारी सीटों पर भाजपा अपने प्रत्याशी बदलने जा रही है क्योंकि भाजपा को लगता है कि ये सारे विधायक और प्रत्याशी केवल खाने-कमाने में लगे रहे और लोकसभा सीट हाथ से निकल गई।
यही फ़ार्मूला उप्र की उन सभी 43 लोकसभा सीटों पर लागू किया जा रहा है जहाँ इंडिया गठबंधन की जीत हुई थी और बाक़ी उन 9-10 सीटों पर भी जहाँ भाजपा हेरफेर करके सर्टिफ़िकेट से जीती थी, वोट से नहीं।
इसका मतलब तो ये हुआ कि लगभग 225 सीटों पर प्रत्याशी बदले जाएंगे। वैसे तो सुना है कि भाजपा के वर्तमान विधायक ख़ुद भी चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं क्योंकि ‘पीडीए’ के सामने उनके जीतने की कोई भी उम्मीद नहीं बची है। भाजपा के मूल वोटर अब एक-चौथाई भी नहीं रह गये हैं, इसीलिए भाजपा के वर्तमान विधायक हारे हुए चुनाव में अपनी कमाई ख़र्च नहीं करना चाहते हैं बल्कि बाक़ी जीवन के लिए पैसे बचाकर रखना चाहते हैं क्योंकि उनको ये भी पता है कि इस बार भाजपा पक्का जाएगी और फिर कभी नहीं आएगी।
दरअसल भाजपा के वर्तमान विधायकों ने जनता के आक्रोश को पढ़ लिया है क्योंकि भाजपा की महा-भ्रष्ट, बेईमान और दमनकारी नीतियों की वजह से आई हर तरह की दिक़्क़तों जैसे दिनदहाड़े की लूट, रंगदारी, हत्या, ज़मीनों की क़ब्ज़ेबाज़ी, घूसख़ोरी-कमीशनख़ोरी, महंगाई, बेरोज़गारी, पीडीए पर अत्याचार, पक्षपात, सांप्रदायिक राजनीति की वजह से हो रही नाइंसाफ़ी, पेपर लीक, संविधान की अवहेलना, आरक्षण की हक़मारी, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ व महिलाओं के प्रति बेतहाशा बढ़ते अपराध, चुनावी हेराफेरी और चंदा-चढ़ावा चोरी की वजह से जन-जन का गुस्सा उबाल-उफ़ान पर आ चुका है।
भाजपा राज में उप्र में हर तरफ़ टकराहट है। भाजपा ने अपनी भ्रष्ट, पक्षपाती और नफ़रती राजनीति से समाज को हिंसक बना दिया है, जिससे प्रशासनिक अधिकारी तक निशाने पर हैं।
#असफल_मुख्यमंत्री
भाजपा सरकार के मंत्रियों का ये ‘मानमर्दन’
सुनने में कटु लगे जैसे ‘मुख्य-मुख’ के वचन
मुख्यमंत्री जी पता करके बताएं जनमानस में आक्रोश का विषय बना ये वीडियो AI जेनरेटेड है या सत्य है। अगर ये सत्य है तो जवाब आपको ही देना होगा क्योंकि मंत्रियों का चयन तो आपने ही किया है। ये आपको चुनौती है मंत्रियों को नहीं, लेकिन आपके इन विशेष मंत्रियों के नामों की भी पर्ची अगर ऊपर से ही आई थी तो आप ये वीडियो ऊपर भी भेज सकते हैं। बच नहीं सकते, हर हाल में जवाब तो देना ही पड़ेगा क्योंकि ये दो समाज के मान-सम्मान का सवाल बन गया है। अगर कहनेवालों ने किसी एक व्यक्ति विशेष का नाम लिया होता तो बाद दूसरी थी परंतु एक ‘समाज विशेष’ और एक ‘दल विशेष’ का नाम लेकर दो बड़े समाजों के मान को सरेआम ठेस पहुँचायी गयी है। इन दलों के नेताओं को भी आगे आकर बोलना चाहिए। अगर उन दोनों समाज के मंत्री बने नेताओं ने कुछ नहीं किया तो मान लिया जाएगा कि उन्हें व्यक्तिगत स्तर पर अपना मंत्री पद ज़्यादा प्यारा है, अपने समाज का मान-सम्मान नहीं।
घोर आपत्तिजनक व निंदनीय!
कल आजमगढ़ के मंगरावां रायपुर में "दुबई ऑल इंडिया नाइट वॉलीबॉल टूर्नामेंट" का उद्घाटन कर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया |
आपसी प्रेम,भाई चारा एवं नौजवानों में खेल की भावना को बढ़ाने के लिए शानदार आयोजन के लिए मोहम्मद राशिद जी एवं साथियों का बहुत बहुत आभार |
चौरीचौरा, गोरखपुर के अस्पताल में एक गर्भवती महिला की मृत्यु की ज़िम्मेदारी तय की जाए और उचित कार्रवाई हो।
यदि प्रदेश में कोई सार्थक और सक्रिय स्वास्थ्य मंत्री हैं तो वो पोडकॉस्ट छोड़कर अपने विभाग पर ध्यान दें।
भाजपा राज में विशेष कृपा प्राप्त लोगों ने नराई, लखनऊ में स्कूल की ज़मीन पर क़ब्ज़ा करके स्कूल बंद करा दिया है।
बच्चों की पुकार सुननेवाला कहीं कोई ‘संवेदनशील-सहृदय’ है?
घोर निंदनीय!
भरथना के ग्राम रतनपुरा में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी की प्रतिमा का अनावरण एवं नवनिर्मित पार्क का लोकार्पण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस अवसर पर आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी के अद्वितीय व्यक्तित्व, सुशासन, जनकल्याण एवं राष्ट्रनिर्माण में उनके अमूल्य योगदान को स्मरण किया।