चित्र में दिख रहे बूजुर्ग व्यक्ति अपनी जेब स�� टाटा हॉस्पिटल के बाहर खाना बांट रहे थे
उनकी एक ही अपील थी कि प्रत्येक व्यक्ति जय श्री राम बोलकर भोजन को ग्रहण करें
इतने में इस नकाब धारी महिला की खाना लेने की बारी आती है तब वह कहती है कि राम का नाम नहीं लूँगी
चाचा कहते है कि राम का नाम नही ले सकते तो लाइन से हट जाइये
तब यह महिला इस बूजुर्ग से अभद्रता करने लगती है और बूजुर्ग को अपशब्द बकती है
कौम विशेष का एक व्यक्ति भी वहाँ पर मौजूद होता है और वह जानबूझकर इस मामले को यह कहकर साम्प्रदायिक रंग देने लगता है कि बूजुर्ग ने उस महिला को आतंकवादी कहा जबकि बूजुर्ग इससे इनकार करता रहा और बूजुर्ग ने ऐसा कुछ भी नहीं कहा
मेरे कुछ सवाल हैं
- क्या चाचा ने कोई ज़ोर जबरदस्ती की महिला के साथ ?
उत्तर है नहीं
- क्या चाचा ने महिला को आतंकवादी कहा ?
उत्तर है नहीं
- क्या चाचा को अपने द्वारा दिये जा रहे दान धर्म को अपनी मर्जी से करने का हक है ?
उत्तर है हाँ बिल्कुल है
कुछ कट्टर पंथी इस घटना पर इस बूजुर्ग से आहत है कि उसने जय श्री राम का नाम लेने को क्यों कहा
मेरा सवाल ये है कि ये कौन सी नफरत है जो तुम्हे हिन्दुओ के आराध्य का नाम लेने से रोक रही है ?
गाली दे सकती हो पर प्रेम से भगवान का नाम नही ले सकती ?
क्यों ?
जबकि वो खाना ही खिला रहा है
राम का नाम लेने के लिए ही कह रहा है, बम फोड़ने के लिए नहीं
तुम खुद दूसरे धर्म के भगवानों को इज्जत नही दे सकते, प्रेम से नाम नही ले सकते पर तुम्हे मुफ्त का माल भी उन्ही लोगो से चाहिए जिनके भगवानों का नाम लेना भी तुम्हे गंवारा नहीं, वो भी लड़ झगड़ कर गाली गलौच करके
ये कैसी मानसिकता है ?
ये कैसी नफरत है कि इस महिला ने गाली तो आसानी से दे दी पर भगवान का नाम नहीं लिया गया इससे
और हिन्दू 70 साल से गंगा जमनी तहजीब वाली सेक्युलरिज्म की चरस फूंक कर मस्त है
नोट - लंगर, भंडारे और तमाम तरह के सामाजिक कार्य हिन्दू, सिख, पारसी, जैन इत्यादि समय समय पर चलाते हैं, इसलिए इनसे अलग वो लोग तो ज्ञान देने की हरगिज कोशिश न करें जिनके द्वारा ऐसे कोई सार्वजनिक कार्य नहीं किये जाते पर लेने में सबसे आगे होते हैं
ज़्यादातर शिक्षक अपने गृह ज़िला में पदस्थापित नहीं, अन्य राज्यों से भी शिक्षक बिहार शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं ऐसे में #दिवाली जैसे महत्वपूर्ण त्योहार के मौके पर सिर्फ़ 1 दिन ��ी छुट्टी तर्कसंगत नहीं!
कृपया 1-2 नवंबर को भी छुट्टी की घोषणा हो!
@NitishKumar @samrat4bjp
सभी शिक्षकों और अभिभावकों की ओर से सरकार से आग्रह है कि दुर्गा पूजा और छठ पूजा में पूर्व की भांति छुट्टियों का ही कैलेंडर लागू हो! https://t.co/Xulew2D6Q7
@amitkvikram लगता है माननीय को पता नही की हमारे acs साहब माननीय kk pathak sir पहले ही सबको बोल दिए हैं की विद्यालय के करीब लगभग 8 km के दायरे में रहना है तो नही आपको घर का प्यार भी चाहिए और नोटों की बौछार भी चाहिए है ना भाई साहब आप 20 km दूर रहोगे और रेलवे फाटक का रोना रोज तो कैसे चलेगा
@amitkvikram आपको क्या लगता है कि वो लोग एहसान के लिए वीडियो डाल रहे हैं तो आपकी सोच गलत है सुदूर क्षेत्र में जाने में थोड़ा समय इधर उधर हो सकता है और वहां हाजिरी लगाने में ससमय दिक्कत होती है इस लिए शेयर किए हैं इसमें वैसे क्षेत्र में बिहार सरकार की नाकामी का भी भी दर्शन होता है महाशय ।।।।