अब लग रहा है कि जेन ज़ी लाखों की संख्या में दिल्ली आने वाले थे। इसलिए उन्हें रोकने के लिए ट्रेनें बंद हो रही हैं। मेट्रो स्टेशन बंद हो रहे हैं।
RWA के ज़रिए रोका जा रहा है। हमने तो लाखों ही लिखा है, हो सकता है सरकार करोड़ों में समझ रही हो। यह आंदोलन शुरू होने से पहले ही सफ़ल हो चुका है। जेन ज़ी को दिल्ली का आंदोलन समाप्त कर देना चाहिए। उनका मकसद पूरा हो गया। किसी और नए जगह की घोषणा करी चाहिए। इससे यह होगा कि देश भर से सुरक्षा बलों का जो काफिला दिल्ली लाया गया है, उन्हें तुरंत उस शहर की तरफ रवाना करना होगा, जब उस शहर पहुंच जाएं तो जेन ज़ी को तीसरे शहर की घोषणा कर देनी चाहिए। टॉम एंड जेरी की तरह भागा-भागी वाला फन आएगा। जेन ज़ी अगर ये कह दें कि आंदोलन दिल्ली में नहीं नागपुर में होगा तो दिल्ली आईं सारी सुरक्षा एजेंसियाँ नागपुर पहुंच जाएंगी। जेन ज़ी को आज मोदी सरकार से बहुत बड़ा सर्टिफिकेट मिल गया है। वो इंस्टा प्राणी नहीं हैं। वही असली इंडिया हैं। जिस जेन ज़ी को इंस्टाग्राम का वासी बता कर खारिज किया जा रहा था, सरकार को वही जेन ज़ी अक्खा इंडिया में नज़र आ रहे हैं। सरकार के पास वोट चोरी और SIR पर जवाब होता तो वह जवाब देती। उसने मान लिया कि वह अपने जवाबों से संतुष्ट नहीं कर पा रही है। इसलिए मेट्रो स्टेशन बंद करना पड़ेगा। ट्रेनों को कैंसिल करना पड़ेगा। स्टेशन पर अनाउंसमेंट बदल देना चाहिए। टिंग टॉंग- यात्रीगण कृपया ध्यान दें, आपका वोट चोरी हो गया है। शिकायत के लिए कोई थाना उपलब्ध नहीं है। आपका लोकतंत्र लुट गया है। टिंग टॉंग।
जब विपक्ष को दिल्ली में प्रदर्शन करने नहीं दिया गया तो जेन ज़ी को कैसे मिलता। यह बात जेन ज़ी को समझना है। दोनों का मुद्दा एक ही है। अलग अलग मोर्चा होने के बाद भी सरकार दोनों को एक ही चश्मे से देख रही है। सरकार का यह कदम सभी को सोचने के लिए मजबूर करेगा कि अलग-अलग लड़ाई लड़ें या मिल कर लड़ें। गोदी ऐंकरों को आज कल स्पेक्टेकल बड़ा पसंद आ रहा है, वो अब बता सकते हैं कि यह जो हुआ है, वह किस स्केल का स्पेक्टेकल है, उसमें आने वाला कल है भी या जो बचा हुआ था वो कल हो चुका है।
सोचा तथा रेलवे स्टेशन मेट्रो स्टेशन बंद करने देने आंदोलन को दबा देंगे मोदी जी।
मोदी जी एक अमित शाह जी देखिए तस्वीरें जनता जंतर-मंतर कि तरफ़ कूंच कर चुकी हैं।
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UPDATE: Detainment happening in full swing. TOO many police + security forces here at Cannaught Place.
#Jantarmanatar#IndiaFirst#DigitalIndia Dhruv Rathee
कनॉट प्लेस की तरफ कई समूह एक साथ मार्च कर रहे हैं। और दिल्ली पुलिस इन्हे रोकने का पूरा प्रयास कर रही है।
लेकिन बढ़ती भीड़ सरकार के लिए चिंता का विषय बन सकती है 😱
#Jantarmanatar#IndiaFirst#DigitalIndia
आज जंतर मंतर पर कुछ बड़ा होने जा रहा है इसलिए हजारों कि संख्या मे यूथ आना शुरु हो गए है और लगातार जंतर मंतर पर भीड़ इक्क्ठा हो रही है
कॉकरोच जनता पार्टी के लोग भी 10 बजे पोहच जायेंगे उसके बाद ज्ञानेश कुमार के इस्तीफा का मांग जोर पकड़ेगी
#Jantarmanatar#IMCBeyond10#SayNoToCJP
मस्क अंबानी को प्रधानमंत्री लिख रहे हैं। भारत की सरकारी फैक्ट चेकर PIB खंडन भी नहीं कर रही है। पूरी भारत सरकार मस्क के आगे चुप है। मंत्री चुप हैं। मस्क अंबानी को नहीं, प्रधानमंत्री मोदी को चैलेंज कर रहे हैं। उनका यह पोस्ट कॉरपोरेट वॉर का इशारा नहीं करता है बल्कि प्रधानमंत्री पद और दफ्तर की गरिमा की ऐसी तैसी कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी भी चुप हैं। यहाँ विपक्ष ज्ञानेश कुमार चोर है का नारा लगाने के लिए जंतर-मंतर जाना चाहता है तो उसे रोक दिया जाता है। जेन ज़ी को दिल्ली आने से रोक दिया जाता है। सारी ताकत विपक्ष पर दिखा रहे हैं, दो लाइन किसी मंत्री से लिखा नहीं जा रहा है कि मस्क जी हम जिस मंत्रिमंडल के मेंबर हैं, उसके प्रधानमंत्री तो नरेंद्र मोदी हैं। आप भूल सुधार कर लीजिए।प्रधानमंत्री पद की गरिमा को मुद्दा बनाने वाली बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को ही ट्वीट कर देना चाहिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, अंबानी नहीं। गोदी मीडिया के ऐंकरों को चिल्लाना चाहिए कि मस्क ग़लती सुधार लो, वरना इस दीवाली फुलझड़ियों को छोड़ टेस्ला के ख़िलाफ अभियान चलाने लगेंगे। सब चुप है। दूसरों को चुप कराने वाले चुप हैं।
जिस मस्क को कभी भारत में जेल जाने से डर लगता था, उस मस्क को क्या हुआ है? क्यों पिनक गए हैं, चिंता की बात होनी चाहिए। सूचना प्रसारण मंत्रालय के मंत्री को एक्स के किसी मैनेजर को बुलाकर पूछना चाहिए कि तुम्हारे मालिक नरेंद्र मोदी को छोड़ अंबानी को कैसे प्रधानमंत्री लिख रहे हैं? यह शपथ कब हुआ है? फोटो दिखाओ? मस्क, अंबानी, अदाणी, सरकार इन सबके बीच जो हो रहा है, उनके बीच सही बात क्या है, किसी को पता तो है नहीं। कौन किसे मैनेज कर रहा है, पर्दे के पीछे के पर्दे के पीछे कौन-कौन है, यह जान लेने से क्या बदल जाता है। मगर प्रधानमंंत्री अंबानी हैं, ये कब बदल गया? राहुल गांधी तो वोट चोरी को प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और ज्ञानेश कुमार के प्रोजेक्ट तक ही देख पा रहे हैं, इसके ऊपर का भी मामला है क्या?
वैसे इस प्लेटफार्म के लिए मस्क आपका शुक्रिया। ठीक है सरकार के कहने पर आप भी पोस्ट हटा देते हैं लेकिन आदमी अपनी बात तो लिख पा रहा है। अगर एक्स करोल बाग के किसी टाइकून का प्लेटफार्म होता तो हम लोगों के प्लेटफार्म के आगे बैरिकेड लगवा देता और डिलीट कर देता। इसलिए आपके पोस्ट पर इधर के उद्योगपति लोग भी चुप हैं। आसान नहीं है आपकी तरह लब-लब कुछ भी बोल देना। इधर सारा आंत्रोपन्योरशिप सरकार से लाइसेंस, ठेका, ज़मीन वाले प्रोजेक्ट लेने में लगा रहता है। ज़िलाधिकारी से लेकर सचिव के चक्कर काटने में लगा रहता है। एक प्रोडक्ट ढंग का नहीं बनता। अपने प्रोडेक्ट को ग्लोबल लेवल पर पहुंचाने के बजाए 24 घंटा इसी में लगे रहते हैं कि सरकार से क्या मिल सकता है। आपको भी वही झेलना पड़ेगा। आप भारत आओ, दीवाली का टाइम है, गिफ्ट-विफ्ट लेकर आओ, बात समझो, आप देखना यही मंत्री लोग आपके साथ कैसे फोटो खिंचाते हैं। आओ तो सही, पूरी सरकार बिछी मिलेगी। मुस्कुरा दोगे पीएम साहब को देख कर तो गोदी मीडिया हेडलाइन बना देगा। अपनी वैल्यू समझो आप। कॉकरोच दिल्ली आ गए हैं और आप उधर से ही पोस्ट फायर किए जा रहे हो। COME.
इसीलिए मस्क जी, भारत के प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र मोदी है। अंबानी नहीं है। भारत में आपकी जीवनी हिन्दी में भी छप चुकी है। आपकी माँ मेय मस्क जी की किताब जब औरत सोचती है, राजकमल प्रकाशन से छप चुकी है।आप एक मामूली पॉलिसी निर्णय को लेकर पिनके हुए हैं, यहां तो करोड़ों लोगों के वोट काट दिए गए हैं। वोट का अधिकार छीन लिया गया है। बात को समझो आप। सोशल मीडिया की तरह वोटर को ब्लॉक कर दिया जाता है। नेता प्रतिपक्ष को धक्का दिया जाता है। स्टार लिंक लेकर आ भी गए होते तो क्या हो जाता, आपका भी आज सीपी और चार किलोमीटर के दायरे में बंद रहता। अच्छा हुआ है आप नहीं आए। वैसे अगर स्टार लिंक का कोई पर्सनल लिंक है तो व्हाट्स एप पर भेज देना। आज जंतर-मंतर से वीडियो अपलिंक करना है। बच्चों को प्यार देना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से भी। हम लोग डर जाते हैं मगर प्यार ज़रूर करते हैं। ख़ुश रहिए।