@NCIBHQ पुलिस को ऐसी कार्यवाही करने के लिए अधिकार है अगर यह भागने वाले लोग आतंकवादी होते हैं और कहीं आतंकवादी हमला कर देते तो सोचो क्या होता ??? एक बात याद रखना जब हमें हमारा घर वाला काम नहीं आएगा तब पुलिस मदद के लिए आती है
@BJP4India यह रुपया बीजेपी वाले अपनी मां के दहेज में लाए थे ?? यह तो हमारा ही रुपया है और हमको ही वापस मिल रहा है उसमें कौन सा उपकार कर रहे हो ?? साले जातिवादी पार्टी नंबर एक
@epanchjanya Bsdk आज तक संघ की लाठी हिंदुओं के कोई काम नहींआई , यह सब साले बीजेपी के चट्टवे हैं , हम शंघ को बहुत अच्छी तरह समझ चुके हैं , अब तुम लोग शंघ वाले बीजेपी के चट्टवे लाठी से एक दूसरे का पिछवाड़ा खुजलाते रहो ।अब शंघ जातिवादका अड्डा बनचुका है जहां पेरियार और फूले को महान बताया जाता है
जाति जनगणना शुरू कर दी
UGC क़ानून बना दिया
ओबीसी आयोग संविधानिक कर दिया
SC/ST एक्ट कठोर कर दिया
अंबेडकर धाम के लिये बज़ट दे दिया
UPSC फ्री कोचिंग में भी आरक्षण ज़ारी है।
मंडल को सलाहकार भी बना लिया
DU से मनुस्मृति (प्रस्ताव) हटवा दी
ओबीसी स्कालरशिप बढ़ा दी
उड़ीसा में आरक्षण बढ़ा दिया
अब और मैं क्या करूँ मित्रों ?? 😛🤷🏻♂️
🚨 बरगदिया गाँव में भूख से जूझता एक ब्राह्मण परिवार …
सबसे दर्दनाक बात ये है कि …
बच्चों की थाली में महीनों से दाल-सब्जी नहीं, सिर्फ सूखे चावल, नमक और थोड़ा तेल है। 😢
अर्पिता पांडे नाम की यह महिला अपने तीन मासूम बच्चों के साथ ऐसी गरीबी में जी रही हैं, जिसे “गरीब” कहना भी कम होगा। यह परिवार महा-गरीब है। घर का हाल इतना बुरा है कि दीवारें टूट-फूट चुकी हैं, छत कहीं-कहीं धँसी हुई है और पूरा मकान खंडहर जैसा लगता है।
सबसे दर्दनाक बात यह है कि इनके तीन छोटे-छोटे बच्चे आज नहीं, बल्कि कई महीनों से भूखे पेट सो रहे हैं। उनका रोजाना का भोजन सिर्फ सूखे चावल में नमक और थोड़ा तेल मिलाकर बनाया जाता है। न दाल, न सब्जी, न दूध… सिर्फ वही एक थाली जो भूख मिटाने के बजाय सिर्फ जिंदा रहने के लिए काफी है।
जब अर्पिता पांडे ने रो-रोकर अपना दुख सुनाया तो रूहें थर्रा गई 🥹💔
अयोध्या के बरगदिया गाँव का यह परिवार अब आपकी नजर में है। अगर आप मदद करना चाहते हैं, तो आगे बढ़कर हाथ बढ़ाएँ।
क्योंकि भूख से लड़ते इन मासूम चेहरों को देखने के बाद, चुप रहना संभव नहीं।