कर्नाटक में एक ड्रोन बनाने वाली कंपनी है जो भारतीय सेना को ड्रोन सप्लाई करती है।
उस इलाके के पुलिस इंस्पेक्टर एक मुस्लिम हैं, जिनका नाम मोहम्मद सादिक पाशा है।
जब उस पुलिस इंस्पेक्टर मोहम्मद सादिक पाशा को पता चला कि यह कंपनी भारतीय सेना को ड्रोन सप्लाई करती है, तो उन्होंने जान-बूझकर कंपनी को परेशान करना शुरू कर दिया।
उन्होंने कंपनी के कर्मचारियों, मालिकों और सभी को परेशान और प्रताड़ित करना शुरू कर दिया, ताकि प्रोडक्शन रुक जाए और कंपनी भारतीय सेना को ड्रोन सप्लाई न कर पाए।
कंपनी इतनी परेशान हो गई कि वह कर्नाटक हाई कोर्ट चली गई।
और जब कर्नाटक हाई कोर्ट के सामने सारे तथ्य रखे गए, तो देखिए कैसे हाई कोर्ट ने मुस्लिम पुलिस इंस्पेक्टर मोहम्मद सादिक पाशा को कड़ी फटकार लगाई।
उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए, नौकरी से निकाला जाना चाहिए और उन पर देशद्रोह का आरोप लगाया जाना चाहिए।
लेकिन चूंकि कर्नाटक में मुसलमानों के प्रति नरम रुख रखने वाली कांग्रेस सरकार है, इसलिए कांग्रेस सरकार उन्हें प्रमोट करके 'डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस' बना देगी।
क्योंकि कांग्रेस सरकार और राहुल गांधी उनके खिलाफ हैं। वे जरूर खुश होंगे क्योंकि उन्होंने भारतीय सेना को ड्रोन की सप्लाई रोकने की पूरी कोशिश की।
और एक और अहम बात: प्रियांक खड़गे रो रहे थे कि सारे इन्वेस्टमेंट और कंपनियाँ बीजेपी शासित राज्यों में क्यों जाती हैं।
अब प्रियांक खड़गे को समझ आ गया होगा कि कंपनियाँ हमेशा इन्वेस्टमेंट करने और फ़ैक्ट्री लगाने के लिए बीजेपी शासित राज्यों को ही क्यों चुनती हैं।
𝐆𝐞𝐧 𝐙, 𝐭𝐡𝐢𝐬 𝐨𝐧𝐞'𝐬 𝐟𝐨𝐫 𝐲𝐨𝐮. 🫵🏻
The list was so long... it nearly exhausted the entire Parliament. You know the craziest part?
𝐓𝐡𝐚𝐭 𝐰𝐚𝐬𝐧'𝐭 𝐞𝐯𝐞𝐧 𝐚𝐥𝐥 𝐨𝐟 𝐢𝐭. 𝐓𝐡𝐞𝐫𝐞 𝐰𝐞𝐫𝐞 𝐦𝐨𝐫𝐞 ▶️
1. Daughter of BJP MP Aparajita Sarangi from Bhubaneswar.
2. Dibisa Mahanta, daughter of Assam Cabinet Minister Keshab Mahanta.
3. Daughter of Ex-BJP MLA Vikram Singh, UP.
These leaders can’t even teach their daughters who were targeting the BJP govt. Such individuals should be sacked.
ये है शिवानी वर्मा इन्होंने बिजनौर के सुभान अहमद से बिजनौर मे कोर्ट मैरेज की।
इनके प्रेग्नेंट होने पर इन्हे पता चला शुभान तो मुस्लिम है फिर ये अपनी शादी, बच्चा बचाने को धर्मांतरण कर बन जाती है शुभाना अंसारी।
अब अंततः 6 साल और 3 बच्चो के बाद शुभाना उर्फ शिवानी को उसके सौहर ने लात मारके निकाल दिया और फोन से 3 तलाक़ देकर स्वम मुंबई चला गया।
Finally बेइंतहा मोहब्बत का कुछ यु हुआ सुखद अंत। ❤
सुनिए कॉकरोच पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके के बारे में उनके माता-पिता ने क्या कहा मां ने कहा वह शुरू से ही लफंगा था पहले वह केजरीवाल के लिए काम करता था फिर घर छोड़कर चला गया था एक दिन अमेरिका से फोन आया कि मैं अब ऐसा काम करने जा रहा हूं या तो मैं भारत का किसी प्रदेश का मुख्यमंत्री होगा या प्रधानमंत्री आगे सुनिए पूरी कहानी
@ProfKapilKumar
Can someone identify her? Let’s make her famous; make her parents famous. Let her neighbours' city know how talented she is. GenZ Icon.
Now you understand why I stress so much about parenting?
नीट छात्र हर्ष दूबे ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ले लेने से क्या छात्र आत्महत्या करना बंद कर लेंगे? उन्होंने कहा - नहीं।
हर्ष दूबे ने आगे कहा कि 90% छात्र सामान्य वर्ग से हैं, जो आरक्षण के चलते आत्महत्या कर रहे हैं। असली मुद्दा यह है कि छात्र आरक्षण की वजह से आत्महत्या कर रहे हैं, लेकिन इस पर बात क्यों नहीं हो रही है?
पत्रकार ने पूछा कि जंतर मंतर पर जो प्रदर्शन हो रहा है, उससे कुछ नहीं होगा।
हर्ष दूबे ने जवाब दिया कि यदि नीट के छात्र प्रदर्शन कर रहे होते तो जरूर असर होता, लेकिन जब हम लोग प्रदर्शन कर रहे थे तब सरकार ने लाठियों से मारकर हमें भगा दिया था।
हर्ष दूबे ने गुस्से में कहा कि इन आतंकवादियों और उपद्रवियों को सरकार प्रदर्शन करने की इजाजत दे देती है, लेकिन जब हम जैसे नीट के छात्र प्रदर्शन करते हैं तो सरकार हमें प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं देती और अपनी पुलिस से लाठियों से मारकर हमें हटवा देती है।
जब आतंकवादी और उपद्रवी प्रदर्शन करते हैं तो सरकार उन्हें उपद्रव करने और प्रदर्शन करने की पूरी छूट दे देती है और उनके आगे-पीछे दौड़ती है।
हर्ष दूबे ने कहा - एक व्यक्ति अमेरिका से आया है और नीट छात्रों के नाम पर प्रदर्शन कर रहा है। यहां देखिए, मैं शर्ट के अंदर जो बनियान पहनकर आया हूं, वह फटा हुआ है, लेकिन इज्जत ढककर आपके न्यूज़ रूम में आया हूं।
हम नीट के छात्रों के पास अमेरिका जाने के लिए पैसे नहीं हैं, यहां पढ़ाई करने के लिए भी पैसे नहीं हैं। लेकिन जब हम प्रदर्शन करते हैं तो सरकार हमें लाठियों से पीटती है। वहीं जब कोई उपद्रवी अमेरिका से आकर छात्रों के नाम पर प्रदर्शन के नाम पर उपद्रव करवाता है और आतंक फैलाता है, तो सरकार उसके तलवे चाटती है।
हर्ष दूबे का सीधा कहना था कि छात्रों की और देश की असली समस्या आरक्षण है, लेकिन इस पर कोई बात नहीं कर रहा है।
उनका कहना था कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दे देंगे, फिर दूसरा आएगा, वो भी वही करेगा। इससे क्या बदलेगा?
हर्ष दूबे का यह बयान चारों तरफ खूब वायरल हो रहा है।
Punjab Pharmacy Exam के पेपर लीक और नकल घोटाले पर केजरीवाल और मनीष सिसोदिया चुप क्यों?
उन्होंने वादा किया था, पंजाब में एक भी स्कैम हुआ, तो शिक्षा मंत्री को हटाया जाएगा। AAP और इंडी गठबंधन के लोग पंजाब में प्रदर्शन क्यों नहीं कर रहे? हर मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले केजरीवाल-सिसोदिया अब जवाब क्यों नहीं दे रहे?
पंजाब और देश की जनता जवाब मांग रही है।