म्यूजिक को सिर्फ सुनो मत—उसकी एक-एक रिदम को ध्यान से सुनो और महसूस करो। जिस तरह शरीर को सही पोषण की जरूरत होती है, उसी तरह दिमाग को भी लगातार सीखने, ध्यान और मानसिक अभ्यास की जरूरत होती है। म्यूजिक को ध्यान से सुनना एकाग्रता और सुनने की क्षमता का अच्छा अभ्यास बन सकता है।
कम से कम 90 दिन लगातार करके देखो—अपने अंदर का बदलाव खुद महसूस करो।
— जय केदार 🎧🧠
मस्त Music सुनो, कम से कम 1 घंटा पूरी एकाग्रता के साथ। दिमाग़ 99% लोगों से अलग तरीके से काम करने लगेगा।
कम से कम 90 दिन practice करके देख लो, ठाकुर।
लेकिन इसे सिर्फ सुनना नहीं है—हर एक rhythm को ध्यान से observe करना है।
जब तुम हर beat और rhythm को consciously महसूस करने लगोगे, तब concentration और focus में फर्क महसूस हो सकता है।
— जय केदार 🎧🧠🔥
श्राद्ध का असली अर्थ क्या है?
तुमने एक व्यक्ति को चाहा, या तो वो व्यक्ति विदा होगा या तुम विदा होगे।
इस विदाई में उसने तुमको एक संदेश दिया है कि जैसे तुमने मुझे चाहा लेकिन पाया कि मैं खो गया,
वैसे ही तुम जो कुछ भी चाह रहे हो, वो सब खो जाना है, नष्ट हो जाना है, हाथ से फिसल जाना है।
तो मैं जाकर के अपनी मृत्यु के द्वारा तुमको एक संदेश, एक सीख दे रहा हूँ।
स्त्रियाँ अक्सर अपनी सुविधा के हिसाब से रिश्ते बनाती हैं। उनका आकर्षण बहुत त्वरित और अकारण होता है, जहाँ बुद्धि से अधिक क्षणिक आवेग का नियंत्रण होता है। उनका प्रेम या तो अर्श तक ले जाता है, या क्षण भर में फर्श पर ला पटकता है। जब छोड़ती हैं, तो केवल साथ नहीं छूटता; साथ चला जाता है आपका आत्मविश्वास, आपका स्वाभिमान और आपका करियर। पुरुष का प्रेम क्षणिक नहीं, भविष्य-केंद्रित होता है; वह आज भी उसे जीवनसंगिनी बनाकर घर लाने का स्वप्न संजोता है।
दुनिया के कीचड़ में गंदे मत होना |
अपनी innocence को बचाओ और उसके लिए उनके पास जाओ, जो जीवन भर innocent रहे आए।
मैं इस मामले में थोड़ा किस्मत वाला था। lucky था कि मुझे contact करने को मिला।
बहुत सारी किताबों से और अच्छी किताबों से, Books, Books are the way to go. पढ़ो, पढ़ो।
दुनिया का सबसे Powerful word
जो ज़्यादातर लोगों से कभी
बोला नहीं जाता...
‘ना’
तुम्हें ना बोलना
आना चाहिए...
ना का अर्थ है गुलामी को ना कहना
ना का अर्थ है बेहोशी को ना कहना
ना बोलना आज़ादी की दिशा में
पहला कदम है
मैं कहता हूँ -
“Freedom begins with a No”
~ आचार्य प्रशांत