आज इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट, वाराणसी में आयोजित 13 वें राष्ट्रीय बीज सम्मलेन के समापन समारोह में सम्मिलित होकर देश-विदेश से पधारे वैज्ञानिक गण व कृषि अधिकारियों के साथ बीज सेक्टर के समृद्ध विस्तार और उज्ज्वल भविष्य पर चर्चा की एवं बीज के क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध करने वाले छात्रों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। पश्चात संस्थान में 1.स्पीड ब्रीड लैब,2. ज��ओ स्पॆटीयल इंटेलीजेंस डिजिटल इनोवेशन लैब ,3. नेक्स्ट जेन कंप्यूटेशनल बायोलॉजी फैसिलिटी लैब ,4. प्लांट एंड सोयल लैब 5.सेंटर ऑफ इनोवेशन एंड रिसेंस डेवलेपमेंट लैब, 6. सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन राइस वैल्यू एडिशन लैब का निरीक्षण कर शोधकर्ताओं से मुलाकात की। इस आयोजन के दौरान विचार-विमर्श न केवल ज्ञानवर्धक रहा है, बल्कि प्रेरणादायक भी रहा है,क्योंकि इसमें कृषि और बागवानी में उन्नति का मार्ग प्रशस्त किया है।
साथ ही उपस्थित महानुभावों के साथ तुर्की देश की अपनी हाल की यात्रा का अनुभव साझा करते ��ुए वहां इस्तेमाल की जा रही उल्लेखनीय बीज की किस्मों और रोपण सामग्री को प्रत्यक्ष रूप से देखने का अवसर भी मिला.जिससे विश्व स्तर पर तकनीक के - साझाकरण के महत्व और भारत में ऐसे नवाचारों को पेश करने के संभावित लाभों को रेखांकित करने का मौका म��ला। मैं विशेष रूप से सीड्स विदाउट बॉर्डर्स (SWB) की पहल के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय सीमा पार निर्बाध बीज विनिमय को सुविधाजनक बनाने में ISARC की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जानकर अति प्रसन्न हूं। SWB के अंतर्गत भारत में भूटान से ली गई आलू की बायो-फोर्टीफ़िएड क़िस्म पोषण देने में सहायक होगी।
इस अवसर पर महानिदेशक-आईआरआरआई, डॉ. यवोन पिंटो जी, रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के चांसलर, फार्ड फाउंडेशन के अध्यक्ष, आईसीएआर के पूर्व महानिदेशक, श्री पंजाब सिंह जी, उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार, श्री के.वी. राजू जी, प्रमुख सचिव कृषि,श्री रवीन्द्र जी, महानिदेशक, यूपीसीएआर, लखनऊ, श्री संजय सिंह जी,निदेशक, कृषि विभाग, उत्तर प्रदेश, डॉ. जे. के. तोमर जी, सार्क कृषि केंद्र ढाका के निदेशक डॉ. मोहम्मद हारूनूर रशीद जी, पद्मश्री चंद्रशेखर जी, ISARC के संयोजक एवं निदेशक डॉ. सुधांशु सिंह जी,सह-संयोजक एवं उपायुक्त (बीज-गुणवत्ता नियंत्रण) डीए एंड एफडब्ल्यू, भारत सरकार डॉ. दिलीप श्रीवास्तव जी,आयोजन सचिव और वैज्ञानिक और दक्षिण एशिया प्रमुख, आईआरआरआई, डॉ. स्वाति नायक जी सहित सम्मानित वैज्ञानिकगण, न��जी क्षेत्र के सदस्यगण एवं किसान बंधु उपस्थित रहें।
आज इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट, वाराणसी में आयोजित 13 वें राष्ट्रीय बीज सम्मलेन के समापन समारोह में सम्मिलित होकर देश-विदेश से पधारे वैज्ञानिक गण व कृषि अधिकारियों के साथ बीज सेक्टर के समृद्ध विस्तार और उज्ज्वल भविष्य पर चर्चा की एवं बीज के क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध करने वाले छात्रों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। पश्चात संस्थान में 1.स्पीड ब्रीड लैब,2. जिओ स्पॆटीयल इंटेलीजेंस डिजिटल इनोवेशन लैब ,3. नेक्स्ट जेन कंप्यूटेशनल बायोलॉजी फैसिलिटी लैब ,4. प्लांट एंड सोयल लैब 5.सेंटर ऑफ इनोवेशन एंड रिसेंस डेवलेपमेंट लैब, 6. सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन राइस वैल्यू एडिशन लैब का निरीक्षण कर शोधकर्ताओं से मुलाकात की। इस आयोजन के दौरान विचार-विमर्श न केवल ज्ञानवर्धक रहा है, बल्कि प्रेरणादायक भी रहा है,क्योंकि इसमें कृषि और बागवानी में उन्नति का मार्ग प्रशस्त किया है।
साथ ही उपस्थित महानुभावों के साथ तुर्की देश की अपनी हाल की यात्रा का अनुभव साझा करते हुए वहां इस्तेमाल की जा रही उल्लेखनीय बीज की किस्मों और रोपण सामग्री को प्रत्यक्ष रूप से देखने का अवसर भी मिला.जिससे विश्व स्तर पर तकनीक के - साझाकरण के महत्व और भारत में ऐसे नवाचारों को पेश करने के संभावित लाभों को रेखांकित करने का मौका मिला। मैं विशेष रूप से सीड्स विदाउट बॉर्डर्स (SWB) की पहल के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय सीमा पार निर्बाध बीज विनिमय को सुविधाजनक बनाने में ISARC की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जानकर अति प्रसन्न हूं। SWB के अंतर्गत भारत में भूटान से ली गई आलू की बायो-फोर्टीफ़िएड क़िस्म पोषण देने में सहायक होगी।
इस अवसर पर महानिदेशक-आईआरआरआई, डॉ. यवोन पिंटो जी, रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के चांसलर, फार्ड फाउंडेशन के अध्यक्ष, आईसीएआर के पूर्व महानिदेशक, श्री पंजाब सिंह जी, उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार, श्री के.वी. राजू जी, प्रमुख सचिव कृषि,श्री रवीन्द्र जी, महानिदेशक, यूपीसीएआर, लखनऊ, श्री संजय सिंह जी,निदेशक, कृषि विभाग, उत्तर प्रदेश, डॉ. जे. के. तोमर जी, सार्क कृषि केंद्र ढाका के निदेशक डॉ. मोहम्मद हारूनूर रशीद जी, पद्मश्री चंद्रशेखर जी, ISARC के संयोजक एवं निदेशक डॉ. सुधांशु सिंह जी,सह-संयोजक एवं उपायुक्त (बीज-गुणवत्ता नियंत्रण) डीए एंड एफडब्ल्यू, भारत सरकार डॉ. दिलीप श्रीवास्तव जी,आयोजन सचिव और वैज्ञानिक और दक्षिण एशिया प्रमुख, आईआरआरआई, डॉ. स्वाति नायक जी सहित सम्मानित वैज्ञानिकगण, निजी क्षेत्र के सदस्यगण एवं किसान बंधु उपस्थित रहें।
On this auspicious Govardhan Puja, let’s celebrate the divine blessings of Lord Krishna and express our gratitude for nature’s bounty!
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