#खानपुत्र दिल्ली पुलिस से कह रहा था कि FIR में लिखो कि पुलिस ने पैलेट गन से घायल किया, फिर पुलिस अड गयी, आखिर में FIR में लिखा गया कि नीली वर्दी में व्यक्ति ने पैलेट गन चलाई।अब खान कह रहा है हम जीत गये।
अरे सिद्ध करो नीली वर्दी में कौन था ?
यह संभव नहीं,कल को अगर रोड ऐक्सिट पर गडकरी का स्तीफा और कतर से गैस न आ पाने पर मोदी का स्तीफा मांगा जाए, ऐसी मांगें रोज उठेंगी।।सडक पर स्पीड लिमिट में चलने, साईड से चलने, हेलमेट पहनने का दायित्व भी जनता के स्थान पर मंत्री का ही मान लो और ईरान युद्ध के लिए मोदी को धरना तो बनता है
पहला केस झूठा है, आरोपी के मोबाइल से परिवार को धटना की जानकारी देना संभव नहीं। एससी /एसटी एक्ट नहीं लगाना चाहिए ,लव प्रकरण की जांच हो। दूसरा केस आवारागर्दी का है जिसमें बदमाशो ने कहा होगा हमें भी मौका दो, क्या घर पर बता कर रील बना रहे थे? मित्र का भी मेडिकल हो आरोपी को जमानतनही