लखनऊ से 3 दिनों से थका हारा मैं अभी अपने घर पर आकर बैठा ही था कि पापा ने चिल्लाते हुए कहा कि सारा दिन ठाली बैठा रहता है, कभी खेतों पर भी जाकर देख लिया कर, वहां दो पैर वाले आवारा सांडों को रोकना हमारे बस्की बात नहीं है...
उनकी बात सुनते ही मैं तुरंत उठकर खेतों की तरफ चल दिया, क्योंकि मुझे पता था घर पर रहूंगा तो उन्हें चैन नहीं मिलेगा...
रास्ते में जाते हुए सोच रहा था कि ट्यूबेल पर ठंडी खुली हवा में चैन की नींद लूंगा...
लेकिन ट्यूबेल पर पहुंचने से पहले ही मुझे एक लड़का और एक जवान लड़की गन्ने के खेत वाले रास्ते दिखाई पर खुलेआम एक दूसरे से लिपटा चुपटी करते हुए दिखाई दे गए...
मुझे देखकर भी वो दोनो बड़ी बेशर्मी से एक दूसरे को अपने आगोश में इस कदर भरे हुए थे जैसे यहीं पर अपनी कामवासना को बुझाने लग जाएंगे...
खुलेआम उन लोगों की ये बेशर्मी मुझसे बर्दाश्त नहीं हुई, मैं ट्यूबेल में रखी हुई लाठी निकालकर ले आया...
अब जैसे ही दोनों के पास पहुंचकर बोलता हूं कि तुम्हे शर्म नहीं आती है क्या...??
लड़का तो शांत खड़ा रहा लेकिन लड़की तुरंत जवाब देती है कि मैं इससे बोल रही थी कि गन्ने के खेत में चलते हैं लेकिन ये बोला कि वहां गर्मी लगेगी...
अब तुम जाओ अपना काम करो...
हम लोग खेत के अंदर अपना प्रोग्राम निबटाकर जल्दी चले जायेंगे...
लड़की के मुंह से इस तरह बड़ी बेशर्मी से निकली ये बात सुनकर मेरा खून खोल उठा...
लेकिन धैर्य से काम लेते हुए मैने उस लडकी को बोला कि तुम पागल हो, जो इतनी गर्मी में गन्ने के खेत में जाओगी, इससे अच्छा तो मेरी ट्यूबेल में चली जाओ, वहां पंखा भी लगा है, बिल्कुल भी गर्मी नही लगेगी...
बस अब उन दोनों के ट्यूबेल के अंदर जाते ही मैंने उन्हें बंद करके उनके घरवालों को बुलाने के लिए बोल दिया है...
अब आप हो बताओ ऐसे बेशर्म लड़का लडकी को पकड़कर उनके घरवालों को सौंपने वाला मेरा फ़ैसला ठीक है या गलत है...???
भाजपाइयों के भोजनार्थ
भ्रष्टाचारियों के शर्मनार्थ
अभिभावकों के संदर्भार्थ
मुख्यमंत्री जी यदि सक्रिय, सचेत और सजग होते तो उनके संज्ञानार्थ भी भेज देते लेकिन हमेशा के लिए जानेवालों से, चला-चली की इस अंतिम बेला में क्या तो शिकायत करें और क्या ही अपेक्षा। जो दस साल में नहीं जागे वो आख़िरी के चंद महीनों में क्या ही कर लेंगे। ये वीडियो देखकर वो कोई सुधार तो करेंगे नहीं बल्कि या तो किसी की नौकरी ले लेंगे या फिर एफ़आइआर करवा देंगे।
घोर निंदनीय… कम-से-कम बच्चों का निवाला तो न छीनें।
"प्रधानमंत्री जी ने मुझपर विश्वास रखकर ये जिम्मेदारी सौंपी है"
◆ शिक्षा मंत्री का पद संभालने के बाद प्रह्लाद जोशी ने कहा
#PralhadJoshi | Pralhad Joshi | #PMModi | PM Modi | Dharmendra Pradhan
किसान सो रहा था शर्ट में कोबरा सर्प घूस गया , खेती किसानी आसान काम नही है ।
अन्नदाता की जय बनी रहे जो सभी की भूख मिटाता है सभी के पेट भरता है अपने अनाज की नाम मात्र कीमत लेकर ।
भाजपा और उनके संगी-साथियों के दुर्व्यवहार, दुर्वचनों और हिंसा को सब देख लें। इनका दुस्साहस देखिए कि अभी युवाओं को वचन दिए हुए चंद घंटे भी नहीं हुए हैं और ये भाजपाई अपने इतिहास को दोहराते हुए फिर से धोखा दे रहे हैं। भाजपा के ये संस्कारी नेताजी अपने शीर्ष नेतृत्व के दिये गये आश्वासन की सरेआम धज्जियाँ उड़ा रहे हैं और वीडियो भी बना रहे हैं। अब क्या ये भी डबल इंजन की टकराहट के कारण हो रहा है।
तुरंत गिरफ़्तारी हो!
@dgpup
धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा... PM मोदी को भेजी चिट्ठी
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है. NEET-UG परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर देशभर में जारी विवाद और जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच उन्होंने यह फैसला लिया. धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर एक इसका ऐलान किया और इस्तीफा देने की वजह भी बताई.
#NEETExamProtest #DharmendraPradhanResigns #ATReel #AajTakSocial
चाचा ने दीपके की 'लेफ्ट' नस दबा दी...
यही असली देश है, यही देश का प्यार है..
प्रधानमंत्री @narendramodi जी बहुमत को आप पर पूर्ण भरोसा है...जमकर रहिये...कायम रहिये...
More Power to You