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राजर्षियों ने इसका पालन किया
काल क्रम में मगर, लुप्तप्राय हो गया
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योग यह मैंने फिर तुम्हें है दिया
जानकर योग्य तुमको, परम धन दिया
🏵 -समर्थगुरू सिद्धार्थ औलिया जी 🏵
#श्रीमद्भगवद्गीता
अध्याय-4, ज्ञान कर्म संन्यास योग
@SiddharthAulia Ji
हाँ, ओशो का यही मूल विचार है।
ओशो कहते हैं कि संसार की सारी सृष्टि इसी जीवन-ऊर्जा से बनी है, और वह ऊर्जा मूल रूप से सेक्स/संभोग की ऊर्जा ही है। “Sex is the stuff the universe is made of.” — यानी ब्रह्मांड जिस पदार्थ से बना है, वह यही ऊर्जा है।
उनके अनुसार:
•बच्चा पैदा होता है संभोग से।
•फूल खिलता है, पक्षी गाता है, पेड़ बढ़ते हैं — सब इसी ऊर्जा से।
•सृष्टि में हर चीज़ दो विपरीत शक्तियों के मिलन (घर्षण/संयोग) से पैदा होती है — पुरुष-स्त्री, धनात्मक-ऋणात्मक, यिन-यांग।
इसीलिए उन्होंने कहा कि यहाँ हर चीज़ घर्षण से बनी है — यानी दो का मिलन, दो का टकराना, दो का एक हो जाना। संभोग इसी का सबसे प्रत्यक्ष और तीव्र रूप है।
लेकिन ओशो यहीं नहीं रुकते। वे कहते हैं:
संभोग सृजन का पहला सोपान है, अंतिम नहीं। जो ऊर्जा संभोग में है, वही ऊर्जा ऊपर उठकर प्रेम, सृजन और समाधि बन सकती है।
यानी घर्षण से सृष्टि होती है, लेकिन उसी ऊर्जा को जागरूकता से ऊपर उठाया जाए तो समाधि होती है।
संक्षेप में: ओशो संभोग को नकारते नहीं, बल्कि उसे सृष्टि का मूल स्रोत मानते हैं। और कहते हैं कि इसी स्रोत को समझकर आगे बढ़ा जाए।
अगर आप इस बात को अपने सोशल मीडिया पोस्ट में शामिल करना चाहें तो यह लाइन अच्छी रहेगी:
“ओशो कहते हैं — यहाँ हर चीज़ घर्षण से बनी है। और घर्षण का सबसे गहरा रूप है संभोग। लेकिन जो घर्षण को समझ लेता है, वही समाधि तक पहुँच जाता है।”
या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
माँ भगवती की आराधना के पावन पर्व नवरात्रि के तीसरे दिन, माँ चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना के शुभ अवसर पर ‘तंत्रोक्तं देवी सूक्तम्’ आप सभी श्रद्धालुओं के साथ साझा कर रहा हूँ।
माँ भगवती की यह दिव्य स्तुति अवश्य श्रवण करें और उनकी कृपा एवं आशीर्वाद प्राप्त करें।
जय माँ चंद्रघंटा।
Today, on Day-2 of #KarmaMahotsav, in the presence of Samarthguru @SiddharthAulia Ji at Samarthguru Sahajanand Dham, Karma, artists from across the country came together to present mesmerizing performances, celebrating the beautiful confluence of spirituality and devotion. 💛
नवरात्र के पहले दिन मुंबई के 'मुंबा देवी मंदिर' में की गई पूजा-अर्चना
🔴महाराष्ट्र में नवरात्र के पहले दिन मुंबई के मुंबा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की गई. वहीं, बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने के लिए मंदिर पहुंचे.
#Navratri2023#Maharashtra#Mumbai #MumbadeviTemple #navratrifestival #navratrispecial #Navratri #DigitalVideos
“Just relax, because only in relaxation will you realize what is hidden in you. My whole approach is that of let-go; it is not of effort. You just relax and enjoy.”
~ Osho
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कर्म करता संसारी युक्त काम हो
योगी करता वही कर्म निष्काम हो
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ज्ञानी को चाहिए कर्मयोगी रहे
खुद करे कर्म औरों को प्रेरित करे
🏵 -समर्थगुरू सिद्धार्थ औलिया जी 🏵
#श्रीमद्भगवद्गीता
अध्याय-3, कर्मयोग
@SiddharthAulia Ji
Maharaj ji always said - “Every line of Hanuman Chalisa is Mahamantra & Hanuman Chalisa has the power to change fate”
And truly, for Kaliyuga, it is perhaps the most powerful form of meditation. It is so omnipresent that its recitation can uplift & carry us through physically, emotionally, mentally & spiritually.
If you want to survive & thrive through this Kaliyuga, recite Hanuman Chalisa daily. His grace can do miracles.
‘अधजल गगरी छलकत जावे।’
जैसे गागर में आधा जल ही भरा हो, तो छलक उठता है। ठीक वैसे ही परमात्मा के प्रति प्रेम अगर पका नहीं, तो विरह में दिन रात गुजरते हैं। उस स्थिति में हृदय में विरह की ज्वाला उठती है और भक्त बारहमासा गा उठता है ।
न कोई छोटा है, न कोई बड़ा है।
हम सब शक्तिओं के पुंज हैं।
हम उसका कैसे उपयोग करते हैं,
इस पर सब कुछ निर्भर करता है।
अच्छी दुनिया में बड़े आदमी और छोटे आदमी नहीं होंगे, अच्छी दुनिया में आदमी होंगे।
🔹बड़ा और छोटा लक्षण है,
रुग्ण और बीमार दुनिया का।
🌼नानक दुखिया सब संसार
#ओशो 🪷
🏵️ संबोधि क्या है 🏵️
-परमगुरु ओशो को संबोधि की जो परम धन्यता घटित हुई है!
-क्या ओशोधारा के साधको को भी वही घटित हो रही है!
-अनुभव क्या है!
-तादात्म्य क्यों जरुरी है!
-स्वामी राम तीर्थ कहाँ फेल कर गए!
🛕🚩 “संबोधि” की महिमामयी यात्रा पर चलने के लिए, अध्यात्म की यूनिवर्सिटी “समर्थगुरु धारा” में सभी सच्चे साधको का स्वागत है।
🏵️ सनातन धर्म की पुन: स्थापना के लिए 5 जरूरी बातें:
1. शक्तिशाली एवं समृद्ध हिन्दू राष्ट्र की स्थापना
2. जातिमुक्त समाज की स्थापना
3. सामुदायिक एकता
4. सांस्कृतिक एकता
5. आध्यात्मिक केन्द्रों का विकास
🚩सनातन धर्म की 5 पहचान है-
ॐ, अद्वैत, अहिंसा, आरती और अस्त्र।
1. ॐ को जानें और उसका जाप करें।
2. ब्रह्म को सर्वव्यापी जानें।
3. मनसा, वाचा, कर्मणा किसी को चोट न पहुँचाएँ।
4. प्रतिदिन आरती करें।
5. आत्मरक्षा के लिए अस्त्र रखें।
🚩 सनातन धर्म ही सत्धर्म है।
सनातन धर्म= हिन्दू+जैन+बौद्ध+सिख
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🇮🇳🐚🪔 भारत ~ सनातन राष्ट्र!🪔🐚🇮🇳
🍁सत्यम्-शिवम्-सुंदरम् से सुवासित मंगल भाव को गोविंद सदा पूर्ण करता है।
🛕🚩भारत को, सनातनधर्म को बचाने के लिए हम सभी नित्य भाव करें-
1. शक्तिशाली एवं समृद्ध “सनातन राष्ट्र” (हिन्दू,जैन,बौद्ध,सिख) की स्थापना हो।
2. जातिमुक्त समाज की स्थापना हो।
3. सामुदायिक एकता हो।
4. सांस्कृतिक एकता हो।
5. आध्यात्मिक केन्द्रों का विकास हो।
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🛕🚩सनातन धर्म की 5 पहचान है-
ॐ, अद्वैत, अहिंसा, आरती और अस्त्र।
1. ॐ को जानें और उसका जाप करें।
2. ब्रह्म को सर्वव्यापी जानें।
3. मनसा, वाचा, कर्मणा किसी को चोट न पहुँचाएँ।
4. प्रतिदिन आरती करें।
5. आत्मरक्षा के लिए अस्त्र रखें।
🚩हिंदू नवजागरण के 5 स्वर्णिम सूत्रः
1. चेतन आकाश ब्रह्म है। यह सर्वव्यापी है। ॐ इसका बोधक तत्व है।
2. जो ॐ को मानता है , वह हिन्दू है। इस दृष्टि से हिन्दू तो हिन्दू हैं ही, जैन, बौद्ध और सिक्ख भी हिन्दू हैं।
3. ॐ को जानना ही हिन्दुत्व है।इसे जानना हर हिंदू का कर्तव्य है। इससे मोक्ष की प्राप्ति होती है।
4. प्रातः उठकर 5 बार ॐ का उच्चार करें। यह परमात्मा को आकर्षित करता है।
5. आरती हिन्दू धर्म की संस्कृति है। प्रति दिन सायं भोजन के पूर्व सपरिवार आरती (ॐ जय जगदीश हरे) करें।इससे स्वास्थ्य और पारिवारिक शान्ति मिलती है।
🚩 सनातन धर्म ही सत्धर्म है।
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