ब्रिटेन के प्लायमाउथ के पास अभ्यास कोंकण-2026 संपन्न
➣ भारत और ब्रिटेन के बीच द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास कोंकण-2026 15 अक्टूबर, 2026 को ब्रिटेन के प्लायमाउथ के निकट संपन्न हुआ।
➣ यह अभ्यास 8 से 15 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित किया गया।
➣ इस दौरान भारतीय नौसेना और ब्रिटेन की रॉयल नेवी ने विभिन्न पेशेवर व परिचालन क्षेत्रों में संयुक्त रूप से अभ्यास किया।
विवरणः https://t.co/PvaCv5uYqM @DefenceMinIndia
🥔 भारत का पोषक तत्वों से भरपूर बैंगनी आलू कुफरी जमुनिया: भारत की सबसे आम मुख्य फसलों में से एक में पोषण का समावेश
🌱 मुख्य विशेषताएं :
💜 कुफरी जमुनिया: इसे ICAR-CPRI द्वारा विकसित किया गया है और 2024 में आधिकारिक तौर पर जारी किया गया।
🧬 पोषण में वृद्धि: अन्य रंग वाली किस्मों की तुलना में इसमें विटामिन C, एंथोसायनिन और कैरोटीनॉयड की मात्रा अधिक होती है।
📈 परीक्षण प्रदर्शन: 90 दिनों के स्टेशन परीक्षणों में लगभग 49 टन प्रति हेक्टेयर की पैदावार दर्ज की गई।
🍽️ बहुउपयोगी खाद्य उपयोग: इसका इस्तेमाल करी, पराठे, पूरी, रायता, डोसा, इडली के घोल, बेकरी उत्पादों और सूप बनाने में किया जा सकता है।
💚 'छिपी हुई भूख' (Hidden Hunger) से लड़ना: बायोफोर्टिफिकेशन के जरिए, आम तौर पर खाए जाने वाले खाद्य पदार्थों की पोषण गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है।
#NutrientRichPurplePotato | @PIBHindi
शिशुओं के पोषण की सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने खाद्य सुरक्षा और मानक (शिशु पोषण के लिए खाद्य पदार्थ) विनियम, 2020 में संशोधन का मसौदा प्रकाशित किया है।
इसमें छह माह तक के शिशुओं के लिए बनाए जाने वाले खाद्य उत्पादों में सुक्रोज और फ्रक्टोज मिलाने पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है।
राजपत्र अधिसूचना यहां देखें : https://t.co/czfCVMFYXV
अधिक जानकारी : https://t.co/4jq7fW4YS6
#FSSAINotice #FSSAINotification #InfantNutrition
@fssaiindia@MoHFW_INDIA
भारत की प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में एक और कदम 🏞️🦆
चंडीगढ़ की सुखना आर्द्रभूमि और उत्तर प्रदेश की सौज झील को अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों की सूची में शामिल किया गया है।
इसके साथ ही भारत में रामसर स्थलों की कुल संख्या बढ़कर 103 हो गयी है।
#RamsarSites
सुखना आर्द्रभूमि, चंडीगढ़ और सौज झील, उत्तर प्रदेश रामसर सूची में शामिल
भारत के रामसर स्थलों की कुल संख्या बढ़कर 103 हो गई है।
सुखना आर्द्रभूमि, चंडीगढ़ को रामसर सूची में शामिल किया गया है।
सौज झील, उत्तर प्रदेश भी इस सूची में जोड़ी गई है। सौज झील (Sauj Jheel) उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में स्थित है
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने 15 अक्टूबर 2026 को यह घोषणा की।
भारत आर्द्रभूमि संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता मजबूत कर रहा है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आर्द्रभूमियों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
आर्द्रभूमियाँ जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
ये जल सुरक्षा, जलवायु सुरक्षा और स्थानीय आजीविका को बनाए रखने में सहायक हैं।
यह उपलब्धि भारत के आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्रों के संरक्षण के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है।
श्री भूपेंद्र यादव ने उत्तर प्रदेश और चंडीगढ़ को बधाई देते हुए पर्यटकों को इन स्थलों की प्राकृतिक सुंदरता देखने के लिए आमंत्रित किया।
Source: PIB15 OCT 2026
#RamsarSites #RamsarSitesIndia #WetlandConservation #SukhnaWetland #SaujJheel
@MIB_India@airnewsalerts
आपका समय सचमुच जाता कहाँ है? कहीं व्यर्थ के पचड़ों में ही तो नहीं बीत रही ज़िंदगी?
वक़्त कब फिसल जाता है, पता नहीं चलता। अपने समय को क़ीमती मानते हो, तो उसको साफ़-साफ़ मेज़र करना सीखो। समय बर्बाद कहाँ जाता है, बस ये नापो और उसको काट दो।
क्योंकि जो चीज़ जीने न दे, उसको ही मौत बोलते हैं। अभी बहुत समय है, व्यर्थ के पचड़ों में फँसने से पहले अधिक-से-अधिक इस्तेमाल करो इस समय का।
आणविक ज्यामिति में मामूली बदलाव से स्मार्ट बायोमटेरियल्स के विकास की नई राह खुली
🔸शोधकर्ताओं ने साबित किया है कि अणु की संरचना में बहुत छोटा बदलाव भी पेप्टाइड आधारित अणुओं के व्यवस्थित होने और काम करने के तरीके को काफी हद तक प्रभावित कर सकता है।
🔸इस तरीके से ऐसे अनुकूलनीय पेप्टाइड आधारित नैनो पदार्थ विकसित करने में मदद मिल सकती है। इनका उपयोग जैव संवेदन, जैव चित्रण, स्मार्ट प्रकाशीय सामग्री, प्रकाश-इलेक्ट्रॉनिकी और आणविक इलेक्ट्रॉनिकी में किया जा सकता है।
🔸पेप्टाइड प्रोटीन के निर्माण खंड हैं। ये अपने आप व्यवस्थित होकर नैनो स्तर की सुव्यवस्थित संरचनाएं बना सकते हैं। हालांकि मनचाही संरचनाएं और गुण प्राप्त करने के लिए इस प्रक्रिया को नियंत्रित करना एक बड़ी चुनौती है।
विवरण: https://t.co/4s141Kw7mc
@IndiaDST
एक दिन तुम पाओगे तुम्हारे बाल सफ़ेद होने शुरू हो गए हैं, दाँत हिलने लगे हैं
एक दिन पाओगे कि मौत सामने खड़ी है और तुम्हारे हाथ खाली हैं
मौत भी तुम्हें देखकर हँसेगी इतने साल तुझे दिए गए, तू जिया क्या? तूने किया क्या?
पूछो अपने आपसे, सुबह से शाम जो कुछ करते हो, वो कर क्यों रहे हो?
ज़्यादा से ज़्यादा 10 से 20 साल बचे हैं तुम्हारे पास जीने को
क्या इन्हें भी बस ऐसे ही गुज़ार देना है?
कोई कला सीखिए, कोई क्राफ्ट सीखिए अपने आप को शिक्षित कीजिए
अपनी उन्नति, अपनी तरक्की के लिए खर्च करना सीखिए। वो पैसे का सबसे ऊँचा सदुपयोग है
अपने लिए समय निकालना सीखिए और उसी समय में अध्यात्म की ओर बढ़िए।
~ आचार्य प्रशांत
पीएम गतिशक्ति के पाँच वर्ष:भारत की बुनियादी ढांचा योजना में परिवर्तनकारी बदलाव
💠पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (पीएमजीएस-एनएमपी) एक राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा मानचित्रण प्लेटफॉर्म से धीरे-धीरे विकसित होकर एक व्यापक नियोजन ढाँचे के रूप में उभरा है
💠यह जीआईएस आधारित मंच के माध्यम से विभिन्न मंत्रालयों, राज्यों और बुनियादी ढांचा नेटवर्कों को एक साथ जोड़ता है, ताकि एकीकृत योजनाएं बनाने और परियोजनाओं के समन्वय में सहायता मिल सके
💠वर्तमान में इसके दायरे में 58 केन्द्रीय मंत्रालय और विभाग तथा सभी 36 राज्य एवं केन्द्र शासित प्रदेश शामिल हैं।
विवरण: https://t.co/msZGpE1iYt
@DoC_GoI
अर्थशास्त्र का नोबेल 2026 -- रॉबर्ट ई. हॉल और माइकल वुडफोर्ड को सम्मान
2026 के अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार के लिए अमेरिकी अर्थशास्त्रियों रॉबर्ट ई. हॉल और माइकल वुडफोर्ड के नाम की घोषणा की गई है।
दोनों को ऐसे आर्थिक मॉडल विकसित करने के लिए सम्मानित किए जाने की बात कही गई है, जो मंदी और महंगाई जैसी समस्याओं को समझने और प्रभावी आर्थिक नीतियां बनाने में मदद करते हैं।
इनकी रिसर्च का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि लोगों के खर्च और कंपनियों के फैसले पूरी अर्थव्यवस्था को कैसे प्रभावित करते हैं। जब लोग भविष्य में आय कम होने की आशंका के कारण खर्च घटाते हैं, तो बाजार में वस्तुओं और सेवाओं की मांग कम हो जाती है। इससे कंपनियां उत्पादन घटा सकती हैं, नई भर्तियां रोक सकती हैं और कर्मचारियों की छंटनी भी कर सकती हैं।
अर्थशास्त्री जॉन मेनार्ड कीन्स ने लगभग एक सदी पहले बताया था कि मांग में गिरावट के दौरान सरकार सार्वजनिक खर्च बढ़ाकर आर्थिक गतिविधियों को सहारा दे सकती है। इससे कारोबार, उत्पादन और रोजगार को बढ़ावा मिल सकता है।
रॉबर्ट ई. हॉल की रिसर्च ने यह समझने में योगदान दिया कि परिवार अपनी मौजूदा आय के साथ भविष्य की आय और आर्थिक परिस्थितियों की उम्मीदों को ध्यान में रखकर खर्च के फैसले लेते हैं। जब बड़ी संख्या में परिवार खर्च कम करते हैं, तो उसका असर पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
इस रिसर्च की प्रमुख सीख यह है कि आर्थिक नीतियां बनाते समय लोगों की उम्मीदों, उपभोग और कंपनियों के व्यवहार को समझना जरूरी है। इससे सरकारों और केंद्रीय बैंकों को आर्थिक मंदी और महंगाई जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए बेहतर रणनीतियां बनाने में मदद मिल सकती है।
जानकारी के अनुसार, दोनों अर्थशास्त्रियों के बीच कुल 1.2 करोड़ स्वीडिश क्रोनर की पुरस्कार राशि बराबर बांटी जानी है।
"झूठ अगर मीठा न होता,
तो कोई झूठों में क्यों फँसता!
झूठ की मजबूरी है
कि उसको मीठा होना पड़ता है।
और ये सच का जलवा है
कि वो कड़वा है,
तो भी अनंत है अमर है।"
~ आचार्य प्रशांत
लक्षद्वीप को पूर्ण साक्षरता प्राप्त केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया।
लक्षद्वीप के प्रशासक @prafulkpatel ने इसकी घोषणा की। नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत विशेष शिक्षण और मूल्यांकन अभियानों के फलस्वरूप, सभी पात्र शिक्षार्थियों ने साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की।
#Lakshadweep
राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन
National Supercomputing Mission (NSM)
देश की कंप्यूटिंग क्षमताओं को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने अप्रैल 2015 में राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन शुरू किया।
इस मिशन को लगभग 4,500 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ लॉन्च किया गया था।
इस मिशन को संयुक्त रूप से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) संचालित करता है।...
Source: PIB 04 OCT 2026
#NationalSupercomputingMission #NSM #Supercomputing #Supercomputers #DigitalIndia
@GoI_MeitY@IndiaDST@cdacindia@MIB_India
2026 के नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नवी पिल्लै (Navi Pillay) की सार्वभौमिक कानूनी सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता और उनका दृढ़ नैतिक कंपास (नैतिक दिशा-बोध) उनके लंबे करियर की निरंतर विशेषताएं रही हैं। दक्षिण अफ्रीका के डरबन में रंगभेद (apartheid) के दौरान भारतीय तमिल मूल के परिवार में जन्मीं पिल्लै, एक वकील और कानूनी अग्रणी बनीं, जिन्होंने गहरी संरचनात्मक भेदभाव, अलगाव और बहिष्करण का सामना किया। रंगभेद के खिलाफ खड़े होने वाले नेल्सन मंडेला और अन्य लोगों का बचाव करने के उनके शुरुआती काम से लेकर हमारे समय के कुछ प्रमुख अंतरराष्ट्रीय अदालती मामलों में एक न्यायाधीश के रूप में उनकी सेवा तक, एक साझा सिलसिला जुड़ा हुआ है।
इस वर्ष की विजेता ने अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे और प्रभाव को काफी हद तक बढ़ाया है। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में उच्च न्यायालय, रवांडा के लिए अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायाधिकरण और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में काम किया है। वह संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्च कमिश्नर थीं और हाल ही तक, उन्होंने कब्जाए गए फिलिस्तीनी क्षेत्र पर संयुक्त राष्ट्र स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग की अध्यक्षता की। आज नवी पिल्लै अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में एक न्यायाधीश हैं, जहाँ म्यानमार पर नरसंहार का आरोप है।
ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय अदालती मामलों में, उन्होंने दिखाया है कि कानूनी उपाय युद्ध और हिंसा के कृत्यों को रोकने में मदद कर सकते हैं। नवी पिल्लै ने अंतरराष्ट्रीय कानून की संस्थाओं को मजबूत करने में भी योगदान दिया है। उनकी स्वतंत्रता, विशेषज्ञता और दृढ़ता ने उन्हें हमारे समय के सबसे सम्मानित अंतरराष्ट्रीय न्यायविदों में से एक बना दिया है।
#NobelPrize @NobelPrize
क्या मन सच में आज़ादी चाहता है?
"आज़ादी बाहर नहीं है, आज़ादी भीतर है। मन ऐसा कर लीजिए कि उसके भीतर गुलामी के प्रति जो आकर्षण है, वो बिल्कुल शून्य हो जाए, क्योंकि भीतर से जो आज़ाद है, बाहर से उसको गुलाम बनाना असंभव है।
मन सत्य के सिवा, मुक्ति के सिवा किसी और से राज़ी ही न हो"
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग 12 अक्टूबर 2026 को 33वां स्थापना दिवस मनाएगा
➣ भारत के मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति सूर्यकांत मुख्य अतिथि होंगे
➣ 33 वर्षों में आयोग ने 3,100 स्वतः संज्ञान मामलों सहित 24 लाख से अधिक मामले दर्ज किए और मानवाधिकार उल्लंघन के पीड़ितों को राहत के तौर पर 274 करोड़ रुपये देने की अनुशंसा की
➣ कार्यक्रम में जल जीवन का अमृत: जल के अधिकार द्वारा मानवीय गरिमा को बढ़ावा विषय पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन भी शामिल
विवरणः https://t.co/oP0j89J46F @India_NHRC
Nobel Prize Winners 2026 :
1. Physiology or Medicine: Karl Deisseroth, Peter Hegemann and Georg Nagel
2. Physics: Francis Halzen
3. Chemistry: Henri B. Kagan and Kenso Soai
4. Literature: Anne Carson
5. Peace: Navanethem “Navi” Pillay (Indian origin)
6. Economic :Not announced
जीएसटी व्यवस्था को और सरल, सहज और सुगम बनाने की दिशा में बड़े कदम! 📢📄
गिरफ्तारी और अभियोजन के प्रावधानों को आसान बनाने से लेकर कम दंड, त्वरित रिफंड, सरल अनुपालन और राज्यों के बीच वस्तुओं की सुगम आवाजाही तक, 57वीं जीएसटी परिषद की बैठक में करदाताओं और कारोबारों के लिए कई महत्वपूर्ण सुधारों की सिफारिश की गई है।
और पढ़ें : https://t.co/ulRzc7CcFX
#GSTCouncil #GST #TaxReforms
भारत के विकास और रणनीतिक सुरक्षा के लिए Critical Minerals क्यों हैं इतने महत्वपूर्ण?
वर्ष 2023 में भारत ने 30 Critical Minerals की सूची जारी की, जिनका उपयोग स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, सेमीकंडक्टर, रक्षा, अंतरिक्ष और अत्याधुनिक तकनीकों में होता है। इनमें से 24 खनिजों को MMDR Act की प्रथम अनुसूची के Part D में शामिल कर इनके खनन और अन्वेषण को गति देने के लिए महत्वपूर्ण कानूनी बदलाव किए गए।
जानिए भारत के Critical Minerals, उनकी रणनीतिक अहमियत और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में उनकी भूमिका हमारे ख़ास कार्यक्रम ''DEEP INSIDE'' में ।
#CriticalMinerals #Mining #EnergySecurity #AatmanirbharBharat #CleanEnergy #Semiconductors #StrategicMinerals @MinesMinIndia
Watch Full Video: https://t.co/sT0DVWlmca
भारतीय मूल की दक्षिण अफ्रीकी न्यायविद् नवनीतम “नवी” पिल्लई को 2026 के नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान सार्वभौमिक कानूनी सिद्धांतों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और दृढ़ नैतिक दिशा-बोध के साथ शांति एवं अंतरराष्ट्रीय कानून को आगे बढ़ाने के उनके प्रयासों को मान्यता देता है।
#NaviPillay #NobelPeacePrize