मोदी क्यों जरूरी है?
1-- जेवर एयरपोर्ट का निर्माण।
2-- 5 राज्यों में UCC लागू करना।
3-मिस काल पर गैस सिलेंडर;
4-आनलाईन बिलों का भुगतान;
5-यू पी आई पेमेंट;
6-डी जी लोकर
7-जन औषधि केंद्र
8-आयुष्मान कार्ड
9-नयी संसद भवन
10-फ्री वैक्सीनेशन
11-जन धन योजना
12-सर्जिकल स्ट्राईक
13-आप्रेशन सिंदूर
14-तीन तलाक़ बिल
15-आधार लिंक
16-फास्ट टैग
17-चिनाब ब्रिज
18-जम्बू की सुरंग
19- गंगा एक्सप्रेस-वे
20-काशी कोरीडोर
21-विश्वनाथ कोरीडोर
22-केदारनाथ पुनर्निर्माण
23-श्री राम मंदिर निर्माण
24-सुकन्या समृद्धि योजना
25-शौचालयों का निर्माण
26-रेलवे पटरियों का दोहरीकरण
27-टिकट बुकिंग में दिन कम
28-टिकट कैंसिलेशन सुविधा
29-स्वर्णिम चतुर्भुज योजना
30-भारत माला प्रोजेक्ट
31-18 एम्स का निर्माण
32-S I R
33-महात्मा गांधी सेतु पुनर्निर्माण
34-भूपेन हजारिका सेतु
35-सेना का आधुनिकीकरण
36-मेक इन इंडिया
37-ड्रोन क्रांति
38-किसानों के खाते में सीधे पैसे
39-राशन डिजिटलाईजेशन
40-फ्री राशन
41-नोटबंदी
42-G S T लागू करना
43-G S T में भारी कटौती
44-सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण
45-हर घर नल से जल
44-अभूतपूर्व बिजली उत्पादन
45-इनकम टैक्स में अभूतपूर्व छूट।
46-धारा 370 का हटाना।
47-553 नये रेलवे स्टेशन।
48-1500 नये ओवर ब्रिज।
49-200 से अधिक बेकार कानून हटाना।
50-E D के रिकार्ड तोड भ्रष्टाचारियों पर छापे।
51-3000 रु में फास्ट टैग की वर्षभर की छूट।
52-E V M में VV pad लागू करना।
53-कर्तव्य पथ मार्ग।
54-नोटों में सांस्कृतिक धरोहरों के चित्र।
55-नांलदा यूनिवर्सिटी का पुनर्निमाण।
56-तेजस का उत्पादन।
57-मोबाइल निर्माण में दुनियां में दूसरे नंबर पर।
58-मुद्रा योजना।
59-उज्ज्वला योजना।
60-सुरक्षा बीमा।
61-390 नये विश्वविद्यालय
62-7 नये IIT
63-7 नये IIM
64-300 नये मेडिकल कालेज।
65-पंबन ब्रिज का निर्माण।
66-ऋषिकेश -कर्णप्रयाग रेलवे प्रोजेक्ट।
67-उत्तराखंड चारधाम सड़क निर्माण।
68-ब्रह्मोस उत्पादन फैक्ट्री।
69-असाल्ट रायफल निर्माण अमेठी।
70-वंदे भारत आधुनिक ट्रेनें।
71-वक्फ बोर्ड प्रापर्टी पर कानून।
72-रेलवे में बायोट्वायलेट।
73-G RAM जी योजना लागू करना।
74-सड़कों के निर्माण में भारत चीन को पीछे छोड़ चुका है।
75- 12 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां।
76- 8 लाख से अधिक कार्मिशियल लाइसेंस आवंटन।
77-80,000 नये पैट्रोल पंप।
78-शौर्य स्थल का निर्माण।
79-रेल बजट का आम बजट में विलय।
80-9000 से अधिक नये स्कूल।
81-बार्डर पर फैन्सिंग।
82-आर्मी को आतंक के विरुद्ध खुली छूट।
83-विकास कौशल योजना।
84-विमुद्रीकरण।
85-टोल नाके समाप्त करके फास्ट टैग सुविधा।
86--चंद्रयान।
87-मंगल मिशन।
88-मल्टी सैटेलाईट स्टैबिलाइजेशन।
89-बिहार में बाढ प्रभावित क्षेत्रों को कम करना।
90-- स्मार्ट सिटी विस्तार।
91--P F निकालना सुविधाजनक
92--निजी और घरेलू क्षेत्रों में 5 करोड़ से अधिक नये रोजगार का सृजन।
93-- निर्भया जैसे जघन्य अपराधों पर फांसी की सजा का कानून बनाना, वर्ना कांग्रेस के राज में तो बलात्कारियों को जमानत भी तुरंत मिल जाती थी!
94-- डिजिटल खसरा - खतौनी भू लेख
95-- कृर्षि कानून पारित हुए होते तो दलाली भी खत्म होती और मंडियों पर बहुत से बांग्लादेशियों के अवैध कब्जे भी खत्म हुए होते।
96-- स्टैच्यू आफ यूनिटी!
97-- 90 नये एयरपोर्ट !
98-- 500 किमी रेलवे सुरंगे जिनसे रेलवे की यात्रा की दूरी कम हुई है!
99 -- स्वर्णिम चतुर्भुज योजना!
100- अटल आदर्श ग्राम योजना!
101-- मुद्रा योजना!
102- नमामि गंगे!
103- स्वच्छ भारत!
104-- वन रैंक वन पेंशन!
105-- तीनों सेनाओं के प्रमुख CDS की नियुक्ति!
106- जन सेवा केंद्र!
107-- जोजिला सुरंग !
108-- 52,000 अमृत सरोवर बन चुके हैं!
109-- प्रधानमंत्री आवास योजना!
110--सैल्फ अटैस्टेड डाक्यूमेंटेशन!
111-- बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ!
112--कच्छ में दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क स्थापित करना!
113--प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना!
114-- सिनेमाघरों में राष्ट्रगान!
115-- पूर्ण वंदे मातरम्
116-- अटल सेतु का निर्माण!
117-- सुरक्षा बीमा योजना!
118-- दिव्यांगों के लिए विशेष योजनाएं!
119- A I के 124 डाटा सैंटर मोदी ने बनवा दिए!
भा ज पा के साथ डटकर खड़े रहो ---
एक देश एक चुनाव;
जनसंख्या नियंत्रण कानून;
ये भी लागू होने हैं -----
आपने भाजपा को वोट दिया इसीलिए काश्मीर में पत्थरबाजी में 90% गिरावट आई।
और भी काम गिनवा सकते हैं -----
कांग्रेस झूठ और अफवाहें फैलाने की मशीन है! बचें।
Neera Mudgal, Ex Principal of GD Goenka International School, Sonepat, teacher at Sherwood college, has few words for Sonia Gandhi and Rahul Gandhi.
The way Rahul Gandhi is conducting himself, he may not score the marks needed to qualify for the PM post.
@AnilYadavmedia1 फ्री में मिल री मेरे मोहाली के बनिये के पास, आजा और ले जा ले लटकन। दो कट्टे तेरे बाप के लिए भी पैक करवा दे क्या, जिसका हुक्का भर र आजकल । वैसे तेरे को फ्री में लेने की आदत ही पड़ी होगी ।
अग्नाशय ( पैंक्रियाज) को मजबूत करें, शुगर अपने आप खत्म होगा -- मानव प्राणी के शरीर में शुगर इतना पांव पसार चुका है , जिसका कोई हद नहीं।इसका मुख्य कारण है पैंक्रियाज कमजोर होना-- पैंक्रियाज
कमजोर होने से शरीर में इंसुलिन का बनना कम हो जाता है। इंसुलिन की मात्रा कम होने से शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ने लगती है। शुगर की मात्रा बढ़ने पर एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति में इंसुलिन बढ़ाने की दवा का विधान है ना कि शुगर बढ़ने के कारण की। लेकिन आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में किसी भी रोग की दवा ना करके,रोग के "कारण" की दवा की जाती है। आज हम शुगर के लिए ऐसी औषधियों सुझाव शेयर करता हूं, जिससे पेंक्रियाज को ताकत मिलती है ।सुषुप्त कोशिकाएं पुन:
जागृत हो जाती है और शुगर कंट्रोल होने लगती है। पैंक्रियाज को मजबूत बनाने वाली औषधियां इस प्रकार है--
1.गुड़मार -- गुड़मार शर्करा नाशक होती है।यह इंसुलिन बढ़ाने वाली बीटा कोशिकाओं को दोबारा जीवित करने और इंसुलिन स्राव बढ़ाने में मदद करती है।
2. हल्दी -- हल्दी में करक्यूमिन नाम का सक्रिय तत्व होता है।यह सूजन रोधी होने के कारण पैंक्रियाज की सूजन को कम करती है।और इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार करती है।
3. मेंथीदाना --- मेथी के बीज फाइबर और न्यूट्रिएंट्स से भरपूर होते हैं।यह रक्त में ग्लूकोज़ के स्तर को नियंत्रित करके पैंक्रियाज पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव को कम करती है।
4. विजयसार--आयुर्वेद में विजयसार का उपयोग पैंक्रियाज के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए विशेष किया जाता है।यह इंसुलिन के स्राव को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करता है।
5. अदरक -- अदरक पाचन एंजाइमों को उत्तेजित करता है ।और पेंक्रियाज की पुरानी सूजन से राहत दिलाने में सहायक है।
6.तुलसी -- यह शरीर के तनाव और कोर्टिसोल के स्तर को कम करती है।
पुराना तनाव ,पैंक्रियाज को कमजोर करता है। तुलसी अप्रत्यक्ष रूप से रक्षा करती है।
7. दाल चीनी -- दालचीनी एक तेज असरकारक मसाला है।इसका काम रक्तवाहिनियों को साफ करना है। ब्लड में मिश्रित कचरा को साफ कर रक्त को पतला करती है।
दवा बनाने का फार्मूला -- गुड़मार के पत्तों का पावडर 100 ग्राम, हल्दी पावडर 50 ग्राम, मेंथी दाना को हल्का भूनकर पीस कर बनाया गया पावडर100 ग्राम,तीनों औषधियों के पावडर को मिक्सर में अच्छी तरह से मिलाकर किसी कांच के ढक्कनदार बर्तन में रखकर सुबह दोपहर शाम को भोजन से पहले चौथाई चम्मच से एक चम्मच तक (शारीरिक क्षमता मुताबिक) सामान्य अथवा गुनगुने पानी के साथ सेवन किया जा सकता है।
विजय सार की लकड़ी का एक टुटकीकड़ा रात में एक गिलास पानी में भिंगोकर रखें सुबह लकड़ी निकाल कर पानी पियें।
अदरक का छोटा टुकड़ा कुचल कर या किस कर, तुलसी के 25/30पत्ते, दालचीनी पावडर एक चुटकी एक पाव पानी में उबाल कर काढ़ा बनाकर ठंडा या हल्का गुनगुना पियें।
ऐसा तीन महीने तक लगातार सेवन करें।।
@AnilYadavmedia1 यह लटकन मार्च 27 चुनाव तक टोंटी की गान में लटका रहेगा, उसके बाद ढीला होके लटक के नीचे गिर जाएगा, और इसकी लड़ाई करने की आदत और लोगो को पास में लडने का भी वही खात्मा हो जायेगा।