With warming of the earth due to unrestricted exploitation and abuse—or use of it out of compulsions of increasing population in greed or need of development of infrastructure
It’s not the flood but—-
Glaciers every where, which will crack and break and fall below—-Causing obstructions in rivers below.
Sweeping away all below.
It can now be anywhere and every where.
Humanity is at risk. Whoever survives only nature know. Listen to @Advait_Prashant
नेपाल: बाढ़ कैसे आई? || आचार्य प्रशांत https://t.co/ij9s6Wla01 via @YouTube
चित्रा त्रिपाठी ने आचार्य प्रशांत में सिर्फ प्रशांत त्रिपाठी देखा और सवाल किया- किस बात का डर था कि आपने नाम के आगे से त्रिपाठी हटा लिया?
सवाल का टोन सुनिए समझ आ जाएगा उन्हें क्या ज़वाब चाहिए था? पीड़ित पंडित पर्सपेक्टिव चाहिए था।
@Advait_Prashant ने उल्टा किया, जाति गौरव के टाइटल को गैर जरूरी तो बताया ही, साथ ही बेवजह जाति से चिपके रहने को शर्मनाक बता दिया।
बहुत बुरा हुआ चित्रा के साथ, दिल टूट गया 🥹
सत्य कभी परंपरा होता ही नहीं है। सत्य तो व्यक्ति के हृदय की निजी पुकार होता है।
परंपराएँ सार्वजनिक होती हैं, अतीत से आती हैं; और सत्य तब आता है जब इंसान का दिल पुकारता है, रोता है, विरह-वेदना उठती है।
सच कभी सामूहिक हो ही नहीं सकता।
'वास्तविक अध्यात्म संतुलन की बात नहीं करता' - ब्रिटिश संसद में आचार्य प्रशांत 🇮🇳🇬🇧✨️
12 जून को आचार्य प्रशांत को हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधन देने के लिए आमंत्रित किया गया।
उन्होंने ब्रिटिश लॉर्ड्स, संसद सदस्यों और नीति-निर्माताओं के साथ संवाद भी किया।
उन्होंने अध्यात्म और हमारी 'संतुलन' खोजने की चाहत के बारे में क्या कहा? - पूरा वीडियो अब YouTube पर लाइव है!
🔗: https://t.co/TadADPhwDy
जलवायु संकट का असली कारण क्या है? - लंदन क्लाइमेट ऐक्शन वीक में आचार्य प्रशांत 🌍🇮🇳🇬🇧✨
आचार्य प्रशांत ने पूर्व क्लाइमेट डिप्लोमेट गोतिए उएल के साथ एक संवाद किया जो जलवायु संकट की जड़ों की गहराई तक पहुँचता है।
क्या "सफलता" की हमारी परिभाषा ही हमारे विनाश को गति दे रही है? पूरा संवाद देखें - अब YouTube पर लाइव!
🎥: https://t.co/vYjLmW9a3R
आचार्य प्रशांत का साप्ताहिक लेख Navbharat Times में, 23rd August '26
जेन ज़ी: एक 'वाइब' कोई क्रांति नहीं होती
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"जिसे पीढ़ीगत बदलाव कहा जा रहा है, वह एक क्षणिक, परिस्थिति-जन्य घटना है, और हर किसी ने इसे गलत समझ लिया है, चाहे वे जश्न मनाने वाले हों या घबराए हुए लोग, जिनमें राजनीतिक दल भी शामिल हैं। सम्मान का यह तमगा बहुत जल्दी दिया जा रहा है। हम कहते हैं, वे विद्रोही हैं। लेकिन क्या वे सच में हैं?"
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पूरा लेख पढ़ें: https://t.co/Csp7p7E2QG
सितंबर में एक बार फिर गोवा में मिलते हैं? 🌴✨
आचार्य प्रशांत के साथ बोध का सिलसिला सितंबर में भी गोवा में जारी रहेगा।
गणेश चतुर्थी पर एक विशेष सत्र भी होगा। 🎉
👉🏻 रजिस्ट्रेशन लिंक: https://t.co/UOx2vESH2C
इन शिविरों के साथ जुड़ी होंगी HIDP (Holistic Individual Development Program) की ऐक्टिविटीज़, जो आत्म-अवलोकन और भीतरी स्पष्टता की ओर ले जाती हैं 🕊️
मित्रों व परिवार को भी साथ ला सकते हैं 👨👩👧
📅 तिथियाँ:
12-13 सितंबर (शनिवार-रविवार)
14 सितंबर (गणेश चतुर्थी)
19-20 सितंबर (शनिवार-रविवार)
📍 स्थान: गोवा