शादी का झांसा देकर रेप की शिकायत पर चंद्रशेखर आजाद की बढ़ीं मुश्किलें? कोर्ट ने पुलिस से मांगी जांच रिपोर्ट
#ChandrashekharAzad#DelhiPolice
https://t.co/Z2kU8YVn8c
पिछले तीन वर्षों में SC ST एक्ट की मुआवजे की राशि करीब 267000 लोगों को दी गई है
मतलब कुल पैसा 267000×1200000 = 320400000000 इतना पैसा दिया जा चुका है।
ये हमार टैक्स का पैसा ऐसे लुटाया जा रहा है हम कमा के टैक्स भरेंगे और मोदीजी नीले कबूतरों पर लुटाएंगे...!!
बस ऐसे ही लुटाते रही देश का पैसा फिर हमें विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता....!!
सामान्य से लेकर मूल OBC तक… क्या अब रविंद्र सिंह भाटी में अपना राजनीतिक भविष्य तलाश रहे हैं?
पंचायतीराज चुनावों की घोषणा हो चुकी है। इसी बीच श्रीडूंगरगढ़, बीकानेर से सामने आया यह दृश्य बहुत कुछ कहता है। इतनी बड़ी भीड़, बिना किसी बड़े संसाधन और बिना किसी स्थापित संगठन के इसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं होगा। यह जनाधार भाटी के लिए सिर्फ उपलब्धि नहीं, उससे कहीं बड़ी जिम्मेदारी है। क्योंकि अगर जनता राष्ट्रीय दलों के पारंपरिक विकल्पों से इतर किसी नए चेहरे में उम्मीद तलाश रही है, तो उस उम्मीद की कीमत समझनी होगी और उसका सम्मान भी करना होगा।
मैंने कई मौकों पर रविंद्र सिंह भाटी की खुलकर आलोचना की है। जहां असहमति जरूरी लगी, वहां लिखी भी लेकिन पत्रकारिता का अर्थ सिर्फ आलोचना करना नहीं है। जब किसी मुद्दे पर कोई नेता बिना बड़े संसाधनों और बिना किसी मजबूत संगठनात्मक ढांचे के इस तरह जनता को जोड़ता दिखाई दे, तो उसकी तारीफ भी बनती है।
रविंद्र, यह जनता की कमाई है। इसका ख्याल रखना।
“ये भीड़ नहीं, उम्मीदों का समंदर है, इसे संभालकर रखना,
जो भरोसा मिला है जनता से, उसे दिल में उतारकर रखना।
रास्ते रोकेंगे, सियासत दबाएगी, तूफ़ान भी आएंगे,
मगर जो चल पड़े हैं लोगों के लिए… वो मंज़िल भी बनाएंगे।
आज कारवां तुम्हारे साथ है, कल इतिहास गवाह होगा,
अगर जनता का भरोसा निभा लिया… तो ये आसमान भी तुम्हारा होगा।”
@RavindraBhati__
देखते ही बकरे की अम्मा कब तक खैर मनाएगी
अमित शाह की पुलिस यानी दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर चन्द्रशेखर रावण को बचाने की पूरी कोशिश की । दिल्ली पुलिस ने जानबूझकर चंद्रशेखर रावण केस में जांच की रिपोर्ट पेश नहीं की।
दिल्ली पुलिस ने जांच पूरी करने के लिए 2 महीने का अतिरिक्त समय मांगा था जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। अगली सुनवाई 23 अक्टूबर को है। उम्मीद है वाल्मीकि समाज की बेटी @DrRohinighavari को न्याय मिलेगा
#India #Court #Delhi #justice
@Shubhamshuklamp
आजमगढ़ जौनपुर सुल्तानपुर एटा इटावा प्रयागराज सम्भल गाजीपुर से
क्या कोई सोशल मीडिया पर एक भी सामान्य वर्ग का व्यक्ति ऐसा नहीं है जो मुझे अपने ब्लॉक के ग्राम प्रधानों की लिस्ट देकर बता दे कि इसमें इतने अहीर है
या कोई ऐसा नहीं है जो अपने ब्लॉक के प्राइमरी टीचर थाने कोतवाली की लिस्ट देकर बता दे कि इतने अहीर है
ये होने वाले मुकदमे के लिए अत्यंत आवश्यक है
अफसोस है कि एक व्यक्ति ने भी रिस्पॉन्ड नहीं किया
ये लेवल है जागरूकता का
आज दिन में 2 बजे राऊज एवेन्यू कोर्ट दिल्ली से बड़ा फैसला आयेगा !!
फ़र्ज़ी सांसद जेल की सलाखों के पीछे होगा और पूरा देश मेरे संघर्ष की इस जंग का अंजाम देखेगा ✊🏻
सत्य मेव जयते 🙏🏻 @amitshah
यूपी चुनाव से पहले चंद्रशेखर रावण जेल में होगा...!!
पक्की खबर है बेशक स्क्रीन शॉट ले लो अब बीजेपी सरकार कितना भी बचा ले इसको लेकिन जेल है से नहीं रोक पाएगी अब।
पाप का घड़ा भर चुका है अब रावण का और एक दिन अति का अंत जरूर होता है।
बहुत अपराध कर लिया इसने , जिस संविधान की दिन रात दुहाई देता है ये उसी संविधान के द्वारा इसका ❤️ डेम भोज्यम होगा...!!!!
बीकानेर में रात के समय हजारों की तादाद में जुटे लोग किसी सरकारी तंत्र या खर्च के दम पर नहीं, बल्कि भाटी को सुनने और समर्थन देने पहुंचे हैं।
मुख्यमंत्री-मंत्रियों की सभाओं में भीड़ जुटाने के लिए पूरी सरकारी मशीनरी लगानी पड़ती है, अफसरों से लेकर ग्राम सेवक-पटवारियों तक को टास्क देने पड़ते हैं, फिर भी ऐसा उत्साह नजर नहीं आता।
भाटी ने बीकानेर की धरती से बड़ा ऐलान कर दिया
“जब भी मैं जयपुर और दिल्ली बुलाऊं, तैयार रहना।”
पंचायती राज चुनावों से ठीक पहले उमड़ता यह जनसमर्थन सरकार के लिए खतरे की घंटी है या सियासत में नए समीकरणों की आहट?
देखिए सवर्णों का सैलाव
जो निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी के अगुवाई में सवर्णों का सैलाव UGC रेगुलेशन, SCST एक्ट और जातिगत आरक्षण का विरोध करने के लिए सड़कों पर है।
राजस्थान के इतिहास में आज तक की सबसे बड़ी जनभीड़!
रविंद्र सिंह भाटी की सरलीकरण यात्रा ने बीकानेर संभाग में ऐसा जनसैलाब खड़ा कर दिया है, जिसकी गूंज अब पूरे राजस्थान में सुनाई दे रही है।
सड़कों पर उमड़ा यह हुजूम सिर्फ भीड़ नहीं, जनता की ताकत और बदलते सियासी माहौल की तस्वीर है।
राजस्थान में इससे पहले इतनी बड़ी तादाद की भीड़ की चर्चा हुई तो हनुमान बेनीवाल की हुंकार रैली का नाम सामने आता था…
और आज उसी स्तर का जनसैलाब रविंद्र सिंह भाटी के समर्थन में दिखाई दे रहा है।
बीकानेर संभाग की सड़कों पर आज भीड़ नहीं, इतिहास लिखा जा रहा है।
यह नजारा बता रहा है कि राजस्थान की राजनीति में एक नया जनआंदोलन अपनी जगह बना रहा है।
भाटी की यात्रा… जनसैलाब का इतिहास!
एक बुजुर्ग भगवाधारी हैं!
फोन करके बोलते थे मुझे प्रोमोट कर दो। हम सबकी बात उठाएंगे!
UGC टाइम में पता चला पार्टियों से पैसे खाये हैं तो हमने दूरी बना ली! ऐसे लोगो से दूरी अच्छी!
एक भाईसाहब हैं, ग्रुप में बोले GC शब्द use मत करो! फिर बोले हमी लीडर बनेंगे! फिर हमारे ग्रुप के चैट लीक किये, IT cell के साथ मिले, और GC activists खासकर महिलाओं को टारगेट किया! फिर आज GC activist बनके GC movement चलाने लगे, दिनरात खुद को GC नेता बताने लगे हैं!
एक भाईसाहब हैं, हमेशा हमारे साथ थे लेकिन ragebaiting करके रीच खाते थे! फिर उनको समझ आया कि दूसरे साइड ज़्यादा पैसा है! तो सोचे पैसा ज़्यादा कमाया जाए, तो रातोंरात पलट गए! अब दूसरी साइड में अम्बेडकवादी बन गए और GC activist को टारगेट करके वीडियो बनाने लगे!
एक मोहतरमा हैं, पता नहीं कौन हैं, नकली नाम के साथ अर्धरात्रि को स्पेस लगाकर लडकों का दिल बहलाती हैं, फिर दर्दभरी कहानियां सुनाकर कहती है जी असली GC एक्टविस्ट तो मैं ही हूँ, सब तो मैंने ही किया है!
एक और भाईसाहब हैं, जिनको कोई जानता भी नहीं, और जल्दी फेमस होना है तो सोचा चलो जो फेमस है उसको टारगेट कर लिया जाए!
अब ये सारे लोग झुंड बनाकर खुद को GC का शुभचिंतक बताकर, उस संस्था को टारगेट करने लगे हैं जो 20 सालों से हर कोर्ट में आरक्षण के खिलाफ केस लड़ी है!
क्यों?
क्योंकि यही तरीका है, जल्दी लोगों की नज़र में आने का और खुन्नस निकालने का की हमको लोग क्यों नहीं पूछते!
इनलोगों ने आजतक एक केस खुद नहीं किया, ना ही कोई GC के लिए काम किया! बस सबको चेहरा चमकाना है, जल्दी प्रसिद्धि पानी है ताकि कोई पार्टी खरीद ले और ज़्यादा माल बने!
बाकी जिसको इनलोगों के साथ चलना है, चलें!
बस हमें अपनी गंदी राजनीति से बाहर रखें!
धन्यवाद🙏
हरिद्वार... किलोमीटर तक लोगों की भीड़...
मुद्दा : UGC रोलबैक...
लीडर : महिपाल सिंह मकराणा...
"यह भीड़ बता रही हैं जनता अब जाग रही हैं... सवर्ण परित्याग कब तक करते जाएंगे....
राजस्थान में EWS और उत्तराखंड में यूजीसी के लिए यह उमड़ती भीड़ भाजपा के अहंकार के ताबूत की अंतिम कील हैं..
चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ रेप केस में दर्ज होगी FIR....कोर्ट ने दिया 23 अक्टूबर तक का समय!!
उत्तर प्रदेश की नगीना लोकसभा सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज कराने की मांग से जुड़े मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को जांच पूरी करने के लिए 23 अक्टूबर तक का समय दिया है।
दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से जांच पूरी करने के लिए दो महीने का अतिरिक्त समय मांगा था।
दरअसल, एक पीड़िता ने सांसद चंद्रशेखर आजाद पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने, मानसिक और भावनात्मक शोषण करने के साथ ही धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
अब जल्दी ही इसका ❤️ डेम भोज्यम होने वाला है अब अमित शाह जी भी नहीं बचा पाएंगे इसको।
अति का अंत होने वाला है अब देख लेना इसको यूपी चुनाव के पहले जेल हो जायेगी।
SC-ST Act न्याय और सुरक्षा के लिए है, किसी को फर्जी मुकदमों के जरिए वसूली का हथियार देने के लिए नहीं।
अगर रविता गौतम पर लगाए गए आरोप सही हैं और SC-ST Act के कथित दुरुपयोग के जरिए लोगों से पैसे वसूले गए हैं, तो पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
कानून का सम्मान तभी बचेगा जब वास्तविक पीड़ित को न्याय और निर्दोष को सुरक्षा—दोनों सुनिश्चित हों।
#SCSTAct #MisuseOfLaw #RuleOfLaw
सामान्य वर्ग ये हुजूम सारी पार्टियों की राजनीति खत्म कर देगा! जो नेता आज यूजीसी,scstact और आरक्षण reform पर नहीं बोल रहे है उनका अब जाने का समय आ गया है! ये भीड़ @RavindraBhati__ के नेतृत्व में किए गए आंदोलन की है! सत्ता की जड़ें हिलने वाली है!
सांसद चंद्रशेखर के ख़िलाफ़ बलात्कार के आरोप के एक शिकायत में, राउज एवेन्यू कोर्ट ने DCP को नोटिस जारी किया है कि:- “सुनिश्चित किया जाए कि सुनवाई की अगली तारीख़ तक जांच पूरी हो जाए।
कोर्ट ने मामले की सुनवाई 23 अक्टूबर के लिए निर्धारित की है।
दिल्ली पुलिस ने जांच पूरी करने के लिए 2 महीने का अतिरिक्त समय मांगा था जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।
एक महिला ने चंद्रशेखर आज़ाद के ख़िलाफ़ शादी के बहाने बलात्कार का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है।
NEET PG में जीरो और माइनस 19 नंबर आ रहे हैं, तो प्रश्न उठता है कि 720 नंबर में कुछ तो एक लेवल होना चाहिए। लेकिन प्रतिनिधित्व ज़रूरी है ना, तो एग्जाम की क्या माया है, इलेक्शन होना चाहिए कि कौन डॉक्टर बनना चाहता है।
गाँव-गाँव में कह दो, इस जिले से 40 लोग NEET PG के लिए चाहिए, बैचलर्स चाहे हिंदी में किया हो, अंग्रेजी में या B.A. पास हों, मेडिकल हम करवा देंगे। हर घर में एक डॉक्टर हो जाएगा। प्रतिनिधित्व भी हो जाएगा।
सवर्ण समाज के नेताओं और राजनीतिक पार्टियों के बढ़ावा मजदूरों, समाज को धोखा देने वालों—आंखें फाड़-फाड़कर देख लो!
रविंद्र सिंह भाटी निर्दलीय विधायक हैं, इसलिए खुलकर बोल पा रहे हैं। बंधुआ मजदूर नहीं हैं, इसलिए समाज के मुद्दे पर लड़ पा रहे हैं।
देख लो, किस तरह EWS वर्ग को उनका हक और अधिकार दिलाने के लिए सड़क पर उतरकर संघर्ष कर रहे हैं और उन्हें कितना जनसमर्थन मिल रहा है।
भीड़ देखकर अब तो आपकी आंखें खुल जानी चाहिए!