Assam Chief Minister Himanta Biswa Sarma insulting Congress President Shri Mallikarjun Kharge, one of the tallest Dalit leaders, in such derogatory terms is not just an attack on an individual - it is an insult to the entire Dalit community.
Such remarks reflect a deeply regressive mindset - rooted in the BJP-RSS’s Manuvadi thought and bigotry.
It appears he has lost his balance - driven by fear of defeat in the upcoming elections and the prospect of facing jail in corruption cases, as made clear by Shri Rahul Gandhi.
@himantabiswa must issue an unconditional apology to the nation and the Dalit community.
Also, why is @narendramodi silent? Silence in the face of such insult is complicity.
@INCIndia
जेलेन्स्की वही है जो राहुल गाँध��� आगे चल कर बन सकता है। जेलेन्स्की ने अपने ईगो के चक्कर में देश को पेल दिया। आज यूरोप यूनियन और पूरा पश्चिम यूक्रेन की बर्बादी में अपना हिस्सा ढूँढ रहे हैं। कोई यूक्रेन के साथ नहीं है।
किसी को अपने ‘सहयोग राशि’ की वापसी की गारंटी चाहिए तो कोई वहाँ के संसाधनों के दोहन से पैसे वापस लेगा। सबने यूक्रेन को आगे बढ़ा कर लड़ाया। हर राष्ट्र की हथियार बनाने वाली कंपनी को व्यवसाय मिला। अब रिकवरी का सम�� है, सब अपना हिस्सा वहाँ की भूमि से लेंगे।
राहुल गाँधी जब ऐसे राष्ट्रों में जा कर लोकतंत्र के नाम पर सहयोग माँगता है, तो वस्तुतः वो जेलेन्स्की की तरह सोचता है कि वो हीरो बन जाएगा। परंतु, जोकर यदि हीरो भी बनता है तो केवल अपनी पिक्चर में।
राहुल गाँधी यूरोप/अमेरिका को आमंत्रित कर के, यहाँ के संसाधनों को गिरवी रख कर अंत में भाग जाने वाला व्यक्ति है। उसकी कोई लायबिलिटी नहीं है। जेलेन्स्की काली टीशर्ट पहनता है, वो उजली। दोनों में विशेष अंतर नहीं। कॉमेडियन तो ये है ही।
राहुल गाँधी को भी तैयार किया जा रहा है। राहुल गाँधी यूरोपीय/अमेरिकी ग्रूमिंग गैंग के लिए उचित प्रत्याशी है। यही कारण है कि भारत की लूट के लिए विदेशी इतनी लम्बी योजना बना कर सतत फंडिंग में लगे हुए हैं। यह केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, भारत को बेचने के लिए विवश करने का षड्यंत्र है।
चलो मान लिया राहुल गांधी और प्रियंका गांधी महाकुंभ नहीं गए।लेकिन संघ प्रमुख आदरणीय मोहन भागवत ने महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाई ?
अगर नहीं तो फिर तीनों सनातन विरोधी हैं ?
ये बात पूरी कांग्रेस को पता है लेकिन कोई नेतृत्व के पक्ष में बोलने के लिए राज़ी नहीं है !!