संघर्षों की भट्टी में तपा एक जन्मजात योद्धा: 🚩महिपाल सिंह मकराना-
कुछ लोग हालात देखकर मैदान में उतरते हैं, लेकिन कुछ ऐसे होते हैं जो पैदा ही संघर्ष और स्वाभिमान की रक्षा के लिए होते हैं। महिपाल सिंह मकराना किसी सत्ता, पद या सुविधा के मोहताज नेता नहीं हैं—वह एक जन्मजात योद्धा हैं, जिनकी रगों में केवल समाज के मान, सम्मान और हक के लिए लड़ना ही एकमात्र ध्येय बनकर दौड़ता है।
इतिहास और समाज साक्षी है कि जब-जब कौम और स्वाभिमान पर आंच आई, यह योद्धा कभी पीछे नहीं हटा:
जब पद्मावत के जरिए मां पद्मिनी के त्याग और इतिहास से छेड़छाड़ की कोशिश हुई, तो व्यवस्था और बॉलीवुड के बड़े-बड़े दिग्गजों के सामने सीना तानकर खड़ा होने का नाम मकराना था।
जब सांवराद की धरती पर इंसाफ की मांग को लेकर लाखों का जनसैलाब उमड़ा, तो उस ऐतिहासिक संघर्ष के मोर्चे पर समाज की ढाल बनकर वही खड़े थे।
जब भाई सुखदेव की हत्या से पूरा समाज आहत था, तब सड़कों पर उतरकर हुकूमत को झुकने और त्वरित कार्रवाई के लिए मजबूर करने में वह सबसे आगे डटे रहे।
चाहे SC/ST एक्ट की विसंगतियों के खिलाफ हुंकार हो, EWS आरक्षण के अधिकारों की रक्षा हो, या 'सम्राट पृथ्वीराज' के गौरव की पुनर्स्थापना—हर मंच पर समाज की आवाज़ को बुलंद किया।
जब स्वाभिमान को ललकारा गया, तो गुजरात की धरती पर जाकर बिना किसी राजनीतिक भय के सत्ता के सामने सीधी चुनौती पेश की।
आज जब शिक्षण संस्थानों में सामान्य वर्ग के छात्रों के भविष्य पर काले नियमों का साया मंडरा रहा है, तब भी तपती धूप में सैकड़ों किलोमीटर की पदयात्राएं कर युवाओं को जगाने का काम वही कर रहे हैं।
ये तो केवल वे आंदोलन हैं जो मीडिया के कैमरों, टीवी बहसों और अखबारों की सुर्खियों में दर्ज हो पाए। सच तो यह है कि ऐसे न जाने कितने अनाम संघर्ष, थाने-कचहरियों के चक्कर, लाठियों के वार, झूठे मुकदमे और रात-बिरात पीड़ितों की मदद के लिए लड़ी गई लड़ाइयां हैं, जिनका कभी कोई अखबार में जिक्र तक नहीं हुआ। उन्होंने कभी चर्चा या वाहवाही के लिए संघर्ष नहीं किया, बल्कि इसलिए किया क्योंकि उनका रोम-रोम स्वाभिमान के लिए समर्पित है।
योद्धा कभी थकान या नतीजों की परवाह नहीं करते। डटे रहिए भाई साहब, जब तक आपके जैसा निस्वार्थ और अडिग नेतृत्व समाज के आगे खड़ा है, तब तक कोई भी ताकत हमारे अधिकारों और सम्मान को दबा नहीं सकती!
@mahipalmakrana_ #10_जनवरी #EWS_सरलीकरण #UGC_काला_कानून_वापस_लो #SCSTACT #General_act #UGCRollBack #UGC_Rollback
#UGC_काला_कानून_वापस_लो #StopMisuseOfSCSTAct #ReservationReform
यह मामला DLF मॉल ऑफ इंडिया, नोएडा का है l
इन्फ्लुएंसर प्राची मोंगा जब DLF मॉल ऑफ इंडिया पहुंचीं, तो मॉल के अंदर की पार्किंग पूरी तरह भरी हुई थी,
वह नोएडा में नई आई थीं, उन्हें सड़क पर कोई ऐसा 'नो-पार्किंग ज़ोन' साइनबोर्ड नहीं दिखा,
वहां पहले से ही दर्जनों गाड़ियाँ खड़ी थीं, उन्होंने वहां एक व्यक्ति से पूछा कि क्या यहां गाड़ी पार्क कर सकते है,
उसने लापरवाही से कहा, जब 100 गाड़ियाँ खड़ी हैं, तो एक और खड़ी होने से क्या फर्क पड़ेगा, जो संभवतः इस गिरोह का लगा,
जब वह अपना काम खत्म करके वापस लौटीं, तो उनकी कार वहां से गायब थी,
उन्हें लगा कि कार चोरी हो गई है, जिससे वह बुरी तरह घबरा गईं,
बाद में, किसी ने उन्हें बताया कि कार चोरी नहीं हुई है, बल्कि उसे बेसमेंट में टो करके रख दिया है, जिसके 2000 रुपए मांग रहे है,
प्राची ने पूछा, कि नोएडा अथॉरिटी और पुलिस की नाक के नीचे इस तरह का जबरन वसूली का खेल कौन कर रहा है,
इस वायरल हो रहे वीडियो मे प्राची ने नोएडा के इस वीआईपी इलाके में चल रहे एक संगठित पार्किंग और टोइंग रैकेट का पर्दाफाश किया है।
ये UPPSC के 2025 के विज्ञापन के नियम हैं जिसमें लिखा है कि आरक्षित वर्ग का उम्मीदवार अगर कोई छूट का इस्तेमाल करता है तो उसको UR सीट नहीं मिल सकती!
क्या मुझे कोई 2026 के UPPSC के नियम जिसमें यही लिखा हो, भेज सकता है??
या और भी कोई UP का एग्जाम जिसमें ये नियम हों?
होली के रंग से इस्लाम खतरे में आ जाता है और दिल्ली के “तरुण खटिक” की हत्या कर देता है
दुर्गा विसर्जन पर dj पर भक्ति संगीत बजने से इस्लाम खतरे में आ जाता है और उत्तरप्रदेश के “गोपाल
मिश्रा” की हत्या कर देता है
मगर नवरात्रि में इनका मजहब खतरे में नहीं आता और मुल्ला उछल-उछल का गरबा पंडालों में घुसने का हर संभव प्रयास करता है, क्यों ?
सेवा में,
माननीय मुख्यमंत्री जी,
उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ।
विषय: पति व सास-ससुर द्वारा झूठी शिकायतें दर्ज कराकर घर से निकालने, दहेज/स्त्रीधन उत्पीड़न, गंभीर घरेलू हिंसा तथा थाना काकादेव पुलिस की निष्क्रियता के संबंध में।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि प्रार्थिनी विजयेता श्रीवास्तव, पत्नी शालिन श्रीवास्तव, निवासी: कानपुर नगर (ससुराल में विगत 10 वर्षों से स्थायी रूप से निवास कर रही है) अत्यंत पीड़ा व न्याय की आस में यह प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर रही है। मेरे पति शालिन श्रीवास्तव, सास पुष्पा श्रीवास्तव तथा ससुर सुरेश श्रीवास्तव मुझे व मेरे नाबालिग बच्चे को अतिरिक्त दहेज न देने और स्त्रीधन न सौंपने के कारण घर से निकालकर पति की दूसरी शादी करवाना चाहते हैं, जिसके लिए मेरे बैंक खाते बंद करवाकर मुझे आर्थिक रूप से पंगु बना दिया गया है तथा शारीरिक, मानसिक व यौन उत्पीड़न किया जा रहा है। 12 अगस्त को पति चाकू लेकर मुझे जान से मारने आया था तथा 10 सितंबर को बच्चे की ट्यूशन अध्यापिका व घरेलू सहायिका सुमन के समक्ष पति और सास ने मेरे हाथ पकड़कर घर से निकाला, तलाक की धमकी दी और भारी प्रिंटर उठाकर मुझे मारने का प्रयास किया। पति द्वारा मुझे निरंतर 'मोटी' कहकर बॉडी शेमिंग की जाती है, बच्चे की एक आंख न होने के कारण प्रताड़ित किया जाता है, पति घर न रहकर होटलों में समय बिताता है, कॉल नहीं उठाता तथा बाहरी व अनजान व्यक्तियों से गंदे फोन करवाकर धमकियां दिलवाता है। ससुराल पक्ष अपने अधिवक्ता नातेदार (राजकुमार नशित श्रीवास्तव, हाईकोर्ट) के साथ मिलकर कानून का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं; सास-ससुर वरिष्ठ नागरिकता का नाजायज फायदा उठाकर मुझ पर झूठे आरोप लगा रहे हैं तथा मेरे कानपुर स्थित ससुराल में रहने के बावजूद धारा 9 व अन्य मुकदमों के नोटिस जानबूझकर मेरे लखनऊ (मायके) के बंद पड़े मकान के पते पर भिजवा रहे हैं ताकि मुझे विधिक प्रक्रिया से वंचित रखा जा सके।
इस गंभीर उत्पीड़न के संबंध में मैंने पूर्व में आई.जी.आर.एस. (IGRS) पोर्टल पर संख्यावार निम्नलिखित शिकायतें दर्ज कराई हैं:
* शिकायत संख्या 40016426111357
* शिकायत संख्या 40016426116787
* शिकायत संख्या 40016426117319
शिकायत संख्या 40016426121525
इसके अतिरिक्त, मैंने थाना काकादेव में दिनांक 11 अक्टूबर 2026 को प्रार्थना पत्र दिया तथा दिनांक 13 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) को पुलिस आयुक्त (कमिशन्रेट कार्यालय) कानपुर नगर में शिकायत दर्ज कराई, परंतु थाना काकादेव पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्यवाही न कर केवल टालमटोल किया जा रहा है।
अतः आपसे नम्र निवेदन है कि थाना काकादेव पुलिस को मेरी व मेरे बच्चे की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने, दोषियों के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न, स्त्रीधन छिनैती व घरेलू हिंसा का मुकदमा दर्ज करने तथा ससुराल पक्ष द्वारा दर्ज कराई गई झूठी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर त्वरित कानूनी कार्यवाही करने का आदेश प्रदान करने की कृपा करें।
प्रार्थिनी: विजयेता श्रीवास्तव
कानपुर नगर - 208005
दिनांक: 17 अक्टूबर 2026
Pati ki harkat ka 1 sample video ki mujhe kaise pratadit kiya ja raha hai cctv ke samne..cctv band karke mujh pe aur bacche pe roz physical abuse aur jaan se Marne ki koshish kari ja rahi hai aur isme saas sasur bhi shamil rahte hai
साध्वी जी आज भी OBC हैं? जाति नहीं छोड़ पाईं!
और कमाल ये कि उत्तरप्रदेश में 79 OBC जातियों में से 38 (यानी 48% OBC जातियाँ) मुस्लिम हैं!
लेकिन उनको निकालने के लिए कुछ नहीं करते ये लोग!
हां, "बंटोगे तो कटोगे" का ड्रामा ज़रूर करना है!
#AntiGCBJP
यह अभी निकले उत्तर प्रदेश के दरोगा का रिजल्ट है जिसमें ओपन /UR कटेगरी में 1705 में 192 यादव सरनेम वाले हैं यानी 11.2प्रतिशत
अगर ओबीसी में सिलेक्ट हुए को जोड़ लेंग तो कुल 20% निकलेंगे यानी 250% ज्यादा प्रतिनिधित्व👇👇