"मुस्लिम मौलाना को योगी जी का सटीक जवाब!😎"..
*मोबाईल के किसी कोने पर एक पुराना वीडियो दिखा , आप सबको पुन: याद दिला दूं ,आज भी इसकी प्रासंगिकता उतनी ही हैं , जितनी उस वक्त था *!
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जस्टिस खन्ना, जस्टिस दत्ता की कलम, इतिहास को रूख देने की दहलीज पर हैं। EVM पर बहस कई दिनों से जारी थी आज सुना कि न्यायमूर्तियों ने फैसला सुरक्षित कर लिया। बरसो से EVM को लेकर संदेह का वातावरण रहा।तमाम फैक्ट्स और तर्क के साथ वकीलों, जनसंगठनों और राजनीतिक दलों ने याचिकायें लगाई
I use to think this guy is BJP supporter and promote them Which is totally fine. but I was wrong I can see clearly now why he is here.. so sad how they r promoting such things.. to all my Hindu and Muslim People stay away from such people yeh yaha aag lagane aaye hai.
*केंद्रीय गृह मंत्रालय का कमाल!* आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नं. से 155260 डायल करने से क्या होता है इसकी एक झलक.! ये क्लिप अवश्य देंखे..और अपने सभी रिश्तेदार..दोस्त..जान पहचान वालें..और सभी ग्रुपों को भेजें ताकि समय पर मदद मिल सके.अवश्य याद रखें नं. 155260 धन्यवाद
इसे सेव कर सुरक्षित कर लें, ऐसी पोस्ट कम ही आती है...
याद रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें :- जो आपको हमेशा स्वस्थ और सेहतमंद रखेंगी..छोटे-छोटे प्रयोग जिनको आप अवश्य अपनाए, कुछ प्रयोग जो आपको घर में ही उपलब्ध है अजमाए और लाभ लें।
◆ खराश-सूखी खाँसी के लिये अदरक और गुड़
गले में खराश या सूखी खाँसी होने पर पिसी हुई अदरक में गुड़ और घी मिलाकर खाएँ। गुड़ और घी के स्थान पर शहद का प्रयोग भी किया जा सकता है। आराम मिलेगा।
◆ मुँह और गले के कष्टों के लिये सौंफ और मिश्री
भोजन के बाद दोनों समय आधा चम्मच सौंफ चबाने से मुख की अनेक बीमारियाँ और सूखी खाँसी दूर होती है, बैठी हुई आवाज़ खुल जाती है, गले की खुश्की ठीक होती है और आवाज मधुर हो जाती है।
◆ बदन के दर्द में कपूर और सरसों का तेल
10 ग्राम कपूर, 200 ग्राम सरसों का तेल – दोनों को शीशी में भरकर मजबूत ढक्कन लगा दें तथा शीशी धूप में रख दें। जब दोनों वस्तुएँ मिलकर एक रस होकर घुल जाए तब इस तेल की मालिश से नसों का दर्द, पीठ और कमर का दर्द और, माँसपेशियों के दर्द शीघ्र ही ठीक हो जाते हैं।
◆ जोड़ों के दर्द के लिये बथुए का रस
बथुआ के ताजा पत्तों का रस 15 ग्राम प्रतिदिन पीने से गठिया दूर होता है। इस रस में नमक-चीनी आदि कुछ न मिलाएँ। नित्य प्रातः खाली पेट लें या फिर शाम चार बजे। इसके लेने के आगे पीछे दो-दो घंटे कुछ न लें। दो तीन माह तक लें।
◆ भोजन से पहले अदरक
भोजन करने से दस मिनट पहले अदरक के छोटे से टुकडे को सेंधा नमक में लपेट कर [थोड़ा ज्यादा मात्रा में ] अच्छी तरह से चबा लें। दिन में दो बार इसे अपने भोजन का आवश्यक अंग बना लें, इससे हृदय मजबूत और स्वस्थ बना रहेगा, दिल से सम्बंधित कोई बीमारी नहीं होगी और निराशा व अवसाद से भी मुक्ति मिल जाएगी।
◆ अजवायन का साप्ताहिक प्रयोग
सुबह खाली पेट सप्ताह में एक बार एक चाय का चम्मच अजवायन मुँह में रखें और पानी से निगल लें। चबाएँ नहीं। यह सर्दी, खाँसी, जुकाम, बदनदर्द, कमर-दर्द, पेटदर्द, कब्जियत और घुटनों के दर्द से दूर रखेगा। 10 साल से नीचे के बच्चों को आधा चम्मच 2 ग्राम और 10 से ऊपर सभी को एक चम्मच यानी 5 ग्राम लेना चाहिए।
◆ जलन की चिकित्सा चावल से
कच्चे चावल के 8-10 दाने सुबह खाली पेट पानी से निगल लें। 21 दिन तक नियमित ऐसा करने से पेट और सीने की जलन में आराम आएगा। तीन माह में यह पूरी तरह ठीक हो जाएगी।
◆ दाँतों के कष्ट में तिल का उपयोग
तिल को पानी में 4 घंटे भिगो दें फिर छान कर उसी पानी से मुँह को भरें और 10 मिनट बाद उगल दें। चार पाँच बार इसी तरह कुल्ला करे, मुँह के घाव, दाँत में सड़न के कारण होने वाले संक्रमण और पायरिया से मुक्ति मिलती है।
◆ मुलेठी पेप्टिक अलसर के लिये
मुलेठी के बारे में तो सभी जानते हैं। यह आसानी से बाजार में भी मिल जाती है। पेप्टिक अल्सर में मुलेठी का चूर्ण अमृत की तरह काम करता है। बस सुबह शाम आधा चाय का चम्मच पानी से निगल जाएँ। यह मुलेठी का चूर्ण आँखों की शक्ति भी बढ़ाता है। आँखों के लिये इसे सुबह आधे चम्मच से थोड़ा सा अधिक पानी के साथ लेना चाहिये।
◆ सरसों का तेल केवल पाँच दिन
रात में सोते समय दोनों नाक में दो दो बूँद सरसों का तेल पाँच दिनों तक लगातार डालें तो खाँसी-सर्दी और साँस की बीमारियाँ दूर हो जाएँगी। सर्दियों में नाक बंद हो जाने के दुख से मुक्ति मिलेगी और शरीर में हल्कापन मालूम होगा।
◆ दमे के लिये तुलसी और वासा
दमे के रोगियों को तुलसी की १० पत्तियों के साथ वासा (अडूसा या वासक) का २५० मिलीलीटर पानी में उबालकर काढ़ा बनाकर दें। लगभग २१ दिनों तक सुबह यह काढ़ा पीने से आराम आ जाता है।
◆ मौसमी खाँसी के लिये सेंधा नमक
सेंधा नमक की लगभग एक सौ ग्राम डली को चिमटे से पकड़कर आग पर, गैस पर या तवे पर अच्छी तरह गर्म कर लें। जब लाल होने लगे तब गर्म डली को तुरंत आधा कप पानी में डुबोकर निकाल लें और नमकीन गर्म पानी को एक ही बार में पी जाएँ। ऐसा नमकीन पानी सोते समय लगातार दो-तीन दिन पीने से खाँसी, विशेषकर बलगमी खाँसी से आराम मिलता है। नमक की डली को सुखाकर रख लें एक ही डली का बार बार प्रयोग किया जा सकता है।
◆ पेट में वायु-गैस के लिये मट्ठा और अजवायन
पेट में वायु बनने की अवस्था में भोजन के बाद 125 ग्राम दही के मट्ठे में दो ग्राम अजवायन और आधा ग्राम काला नमक मिलाकर खाने से वायु-गैस मिटती है। एक से दो सप्ताह तक आवश्यकतानुसार दिन के भोजन के पश्चात लें।
◆ फटे हाथ पैरों के लिये सरसों या जैतून का तेल
नाभि में प्रतिदिन सरसों का तेल लगाने से होंठ नहीं फटते और फटे हुए होंठ मुलायम और सुन्दर हो जाते है। साथ ही नेत्रों की खुजली और खुश्की दूर हो जाती है।
◆ बैठे हुए गले के लिये मुलेठी का चूर्ण