उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव और UGC का नया प्रावधान—क्या यह सवर्णों के ख़िलाफ़ है? आख़िर UGC का सवर्ण विरोध क्यों कर रहे हैं? देश के OBC-SC-ST क्या कर रहे हैं?
“यूजीसी अपने नये नियम के तहत यह कहता है कि अब विश्वविद्यालयों व उच्च शिक्षण संस्थाओं में भेदभाव करना गलत होगा, लेकिन आप जानते हैं हो क्या रहा है भेदभाव करने के हक के पक्ष में या भेदभाव के खिलाफ आने वाले अधिनियम के खिलाफ लोग प्रतिरोध कर रहे हैं?
प्रो. विजेन्द्र चौहान
दिल्ली विश्वविद्यालय
@masijeevi@ugc_india@dpradhanbjp #We_support_UGC_Act
OBC आरक्षण से भाजपा की नफ़रत!
दो उदाहरण आपके सामने रख रहे हैं, पहला उत्तर प्रदेश दूसरा मध्य प्रदेश।
UP में शिक्षक भर्ती में घोटाला हुआ। इलाहाबाद की लखनऊ हाईकोर्ट में दो जजों की खंडपीठ ने 69000 शिक्षक भर्ती की पूरी चयन सूची को अवैध बताकर रद्द कर दिया और 3 महीने के अंदर आरक्षण प्रक्रिया का अनुपालन करते हुए नई चयन सूची बनाने का आदेश जारी किया।
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) भारत सरकार की रिपोर्ट में भी खुलासा हुआ की उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ’69 हज़ार शिक्षक भर्ती’ में व्यापक स्तर पर ‘आरक्षण घोटाला’ किया है।
लेकिन इसके बावजूद क्या हुआ ? 6 साल से पिछड़े अपना घर छोड़ कर लखनऊ में प्रोटेस्ट कर रहे हैं पर सुनने वाला कोई नहीं ।आलम तो ये है की इसे “छोटा व्यापम घोटाला” कहा जाने लगा है।
अब आते हैं मध्य प्रदेश पर। मुख्यमंत्री पिछड़े तबके से आते हैं लेकिन आज तक OBC का 27% आरक्षण नौकरियों में नहीं मिला। हाई कोर्ट के दखल देने के बावजूद 87:13 का नियम लागू किए हुए हैं!
27% आरक्षण के ख़िलाफ़ 70+ पिटीशन लगवाया गया है और WP no. 18105 पिटीशन का हवाला दे कर आरक्षण का 14% होल्ड किया जा रहा कई बहालियों में।
दोनों राज्य में भाजपा के मुख्यमंत्री एक तो पिछड़े तबके से भी आते हैं, लेकिन दोनों आरक्षण विरोधी क्योंकि RSS और भाजपा की ट्रेनिंग का पहला लाइन ही होता है “आरक्षण खत्म करना है”!
मध्य प्रदेश में OBC आरक्षण सिर्फ़ 14% दिया जा रहा है, 27% का कानून पारित है.
मप्र मे ओबीसी की संख्या आधे से ज्यादा है. पिछड़े समाज से आने वाले @DrMohanYadav51 27% आरक्षण लागू करवा पाएंगे?
मुझे लगता है,उनके बस की बात नहीं है. इस देश का ओबीसी 52% आरक्षण की मांग कर रहा है.
मध्य प्रदेश मे पिछड़े वर्ग के नाम से ढिंढोरा पीटने वाले भाजपा के नेता 27% ओबीसी आरक्षण लागू नहीं करवा पा रहे हैं.
सरकार महिला सशक्तिकरण के नाम पर गाल बजाने से बाज आए। 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के अभाव में पिछले 07 वर्षों से सरकारी भर्तियों में चयनित महिला अभ्यर्थियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। वे आज मजदूरी करने को मजबूर हैं। क्या इसे महिला सशक्तिकरण कहेंगे? सरकार जवाब दे...।
27% ओबीसी आरक्षण पर किसी भी प्रकार की रोक नहीं है, लेकिन ओबीसी आरक्षण विरोधी मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार अपने आकाओं को खुश करने के लिए जानबूझकर रोक लगाये बैठी है।
मध्यप्रदेश के चयनित ओबीसी अभ्यर्थियों को लगातार छला जा रहा है, अब तो बस माननीय सर्वोच्च न्यायालय से ही आस है..!!
#_MPTET_2020_OBC_पद_अनहोल्ड_करें
#जनसेवा_मित्रो_को_बहाल_करो
@digvijaya_28 जी @OfficeOfKNath जी @Barmer_Harish जी@jitupatwari जी @UmangSinghar जी @INCMP@INCIndia
मध्यप्रदेश में ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित 13% पदों को सरकार द्वारा होल्ड पर रखने के निर्णय ने मध्यप्रदेश की 52% आबादी को घोर निराशा दी है।
इस फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं पर अब देश की सर्वोच्च अदालत सुनवाई करने जा रही है, जिससे लाखों ओबीसी युवाओं को न्याय की उम्मीद बंधी है।
#_MPTET_2020_OBC_पद_अनहोल्ड_करें
#जनसेवा_मित्रो_को_बहाल_करो
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