आखिर @OfficialNBCC को @UPRERAofficial से पूरी छूट क���यों चाहिए?
क्या इसकी एक वजह Structural Defect Liability से बचना भी है?
RERA के तहत किसी भी संस्था/बिल्डर द्वारा निर्मित भवन में Structural Defect Liability की जिम्मेदारी होती है। निर्माण में किसी भी प्रकार की संरचनात्मक कमी या दोष पाए जाने पर संबंधित संस्था की 5 वर्ष तक जिम्मेदारी बनी रहती है।
इसके साथ Possession की तारीख को बार-बार मनमाने तरीके से बढ़ाने की गुंजाइश भी नहीं रहती। जैसे इन्होंने आम्रपाली में कियाl
@OfficialNBCC द्वारा आम्रपाली में कंस्ट्रक्शन क्वॉलिटी को लेकर buyers की शिकायतें बेहद गंभीर रही हैं तथा बार-बार पज़ेशन की तारीख बढ़ाई गई, ऐसे में RERA से बाहर होने पर buyers की सु��क्षा और accountability कमजोर हो सकती है।
हम NBCC के खिलाफ नहीं हैं। उसे सिर्फ जरूरी और सीमित रियायतें मिलनी चाहिए जैसे किसी surplus project का पैसा, नियमों के तहत, funding की कमी वाले दूसरे project में लगाया जा सके।
लेकिन Quality, Structural Defect Liability और Possession timeline से जुड़े RERA प्रावधानों से पूरी छूट नहीं दी जानी चाहिए।
Project पूरा करने की सुविधा NBCC को मिले, लेकिन Buyers के अधिकारों की कीमत पर नहीं।
नोट: नीचे दिए गए तस्वीर NBCC द्वारा निर्मित आम्रपाली प्रोजेक्ट की है, रेरा exemption के वजह से ख़रीदारों की शिकायत कोई नहीं सुन रहाl
.@SCJudgments@scobserver@LiveLawIndia@Mihirlawyer@MoHUA_India@mlkhattar@PMOIndia@OfficeofARM@narendramodi@rashtrapatibhvn
आम्रपाली के घर खरीदारों की मुसीबतें कम नहीं हो रही। सालों के कानूनी लड़ाई और लंबे इंतजार के बाद घर बनना शुरू हुआ। धीरे धीरे खरीदारों को उनके सपनो का घर मिलने लगा, लेकिन इस मामले में घर खरीदार कई तरह के परेशानियों से गुज़र रहें और गुजरे क्यों नहीं जब कोर्ट रिसीवर ऑफिस और @OfficialNBCC अपने कर्तव्यों को भूल बिल्डर समझने लगा हैl उनके ऑफिस का बर्ताव बिल्डर से भी बुरा है और अगर कोई विरोध भी करे, तो सीधे सुप्रीम कोर्ट में देख लेने की धमकीl लेकिन अब पानी सर से ऊपर चला गया हैl
1)फ्लेट कैंसिल कर उसे नए निवेशकों को बेच देनाl
2)मनमानी तरीके से फ्लैट ट्रांसफर चार्ज वसूलना l (300-600Rs/Sq ft Flat Transfer Charge)
3)डिले पेनल्टी ना दे, उसके उलट घर खरीदारों से ही 10-12% तक ब्याज लेनाl
4)जिस फ्लैट की रजिस्ट्री हो गई है, उसे बेचने पर प्राधिकरण के TM तथा AOA शुल्क के अलावा, कोर्ट रिसीवर ऑफिस NOC लेने के लिए अतिरिक्त 1लाख लेता हैl
5) अगर आप किसी समस्या से जूझ रहे या किसी भी तरह की शिकायत पत्र देना चाहते, तो कोर्ट रिसीवर ऑफिस उसकी रिसीविंग नहीं देतें। इनकी कोई जवाबदेही ना बने और मनमानी करे इसलिए ये ऐसा करते हैंl
इनके ये सारी कर���ूते आम बात हो गई हैl घर ख़रीदारों से पैसे वसूलने के लिए ये नए-नए खोज और तरीकें ढूँढते रहते हैl
कोर्ट रिसीवर ऑफिस और एनबीसीसी का इरादा बदल गया है और वो भ्रष्ट बिल्डर के तरह बर्ताव कर रहे हैl आने वाले दिनों में घर खरीदारों के साथ मिलकर इस पूरी प्रक्रिया पर सर्वोच्च न्यायालय से निष्पक्ष जांच की माँग करेंगेl
,@OfficialNBCC@MoHUA_India@MLJ_GoI कल नेफ़ोवा ऑफिस पर #AmrapaliHomeBuyers की महत्वपूर्ण बैठक हुई, इसमें घर खरीदारों को आ रही परेशानियों पर चर्चा हुई.
1. जिसमें मुख्य रूप से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के आदर्श आवास योजना फेज-4/5 टाव�� (H2-W2) के वैसे बायर्स जिनके प्रोजेक्ट को बिना किसी अप्रूवल के आम्रपाली ने बेच दिया था और अब कोर्ट रिसीवर के द्वारा भी ना उनकी कोई सुनवाई हो रही न उनको फ्लैट दिया जा रहा।
2. कोर्ट रिसीवर ऑफिस के द्वारा सैकड़ो ऐसे लोगों के फ्लैट कैंसिल किए गए हैं जिन्होंने पूरा पैसा जमा किया हुआ है. इसके अलावा वैसे लोगों के भी फ्लैट को बिना किसी सूचना के कैंसिल कर दिया गया है जिन्होंने बार-बार कोर्ट रिसीवर ऑफिस को अपने समस्याओं के बारे में अवगत करवाया (जैसे बैंक द्वारा लोन नहीं देना या बिल्डर बायर एग्रीमेंट का ना होना या अन्य) ���रंतु न उन्होंने कभी इसका निदान नहीं किया ना कभी उन्होंने कोशिश की।
3. आम्रपाली की परियोजनाओं में कंस्ट्रक्शन शुरू होने के बाद भी बहुत सारे चैलेंज थे। कुल मिलाकर इनकी संख्या हजारों में है जो पिछले 15 वर्षों से अपने आशियाने के लिए इंतजार कर रहे थे और अब पता चल रहा है कि उनके फ्लैट को कैंसिल करके बेच भी दिया गया है।
4. इसके अलावा प्रोजेक्ट में हो रहे विलंब पर भी शामिल लोगों ने सवाल उठाया।
कल मीटि���ग में शामिल हुए घर खरीदारों ने यह कहा था कि हम लोग की अगर सुनवाई नहीं होगी तो शांतिपूर्ण तरीके से सुप्रीम कोर्ट के बाहर तख्ती लेकर खड़े हो जाएंगे और अपनी बात जज साहब तक पहुंचाएंगे.
इन सभी जरूरी मुद्दे पर यही तय किया गया है कि हम लोग जल्द ही सर्वोच्च न्यायालय में एप्लीकेशन लगा रहे हैं और पीड़ित घर खरीददारों के साथ हमारी संस्था खड़ी है, जिससे सबको न्याय मिल सके।
आम्रपाली बायर्स तो यहाँ तक बोलते हैं की कोर्ट रिसीवर के आदेश को भी अनसुना करता है, तथा चीजों को लटकाने में और लोगों को नीचा दिखाने में इसकी ज्यादा ���ुचि होती है! कई बार कोर्ट रिसीवर से इसके बारे में लोगों ने शिकायत किया है परंतु वह भी कुछ नहीं कहते हैं!
@MLJ_GoI @OfficialNBCC
कोर्ट रिसीवर ऑफिस में यदि किसी #Amrapali बायर्स की फाइल एल शिवरमन के पास वेरिफिकेशन के लिए जाए तो मान कर चलें कि वह अनावश्यक अड़ंगा लगाकर महीनों लटका देगा. उत्तर भारतीयों को घृणित नजरों से देखना और लोगों को परेशान कर इसे मजा आता है @OfficialNBCC@MoHUA_India@PMOIndia@MLJ_GoI
हम सभी #AmrapaliHomeBuyers को उम्मीद है कि इसके साथ-साथ अन्य जो लंबित मुद्दे हैं उस पर पर भी सक��रात्मक रुख रखते हुए कोर्ट रिसीवर की टीम काम करे तथा प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए फ्लैट को कैंसिल करने की धमकी ना देकर उसको पूरा करवाने पर फोकस करे. @OfficialNBCC @Mihirlawyer
#AmrapaliHomeBuyers के लिए बहुप्रतीक्षित FAR Sell मुद्दा का लगभग समाधान हो गया.कोर्ट रिसीवर एवं @OfficialGNIDA के बीच में सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है.इस पर जल्द ही सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी भी मिल जा��गी और आम्रपाली की परियोजनाओं को पूरा करने के लिए फंड की दिक्कत इस से दूर होगी.
वैसे तो सांसद जी का आम्रपाली ग्रुप की अटकी हुई परियोजना को पूरा करवाने में रत्ती भर का भी योगदान नहीं था. फिर भी सोसाइटी के बनते ही आज चुनावी सभा करने पहुंच गए क्यूंकि 2024 में यदि टिकट मिला तो वोट तो चाहिए होगा.
शुक्रिया सुप्रीम कोर्ट🙏
@narendramodi@AmitShah@BJP4India
और उस पर भी चाहे जस्टिस अजय रस्तोगी हो या फिर उससे पहले के मुख्य न्यायमूर्ति जस्टिस यू यू ललित, दोनों में से किन्ही ने भी FAR sell पर कोई ऑर्डर नहीं दिया और सेवानिवृत्त हो गए. यदि इसी तरह से FAR का मामला लटकता रहेगा और नई बेंच में केस की सुनवाई नहीं हुई तो
" तारीख पे तारीख,तारीख पे तारीख"
#AmrapaliHomeBuyers की सुप्रीम कोर्ट में अंतिम सुनवाई 26 अप्रैल 2023 को हुई थी उसके बाद आज तक नई बेंच नहीं बनने के कारण सुनवाई टलती जा रही है।
24 अप्रैल से लगभग डेढ़ साल पहले तक सिर्फ FAR के मुद्दे को सुना गया . @rashtrapatibhvn@ANI@Mihirlawyer
मीड���या में आ रही जानकारी के अनुसार पूरे ड्रीम वैली प्रोजेक्ट को सील किया जा रहा है और मजदूरों को प्रोजेक्ट से बाहर निकाला जा रहा है.
नेफोवा जो कि सुप्रीम कोर्ट में आम्रपाली के केस को #AmrapaliHomeBuyers की तरफ से रिप्रेजेंट कर रही है का मानना है कि पूरे प्रोजेक्ट को सील करने से कहीं ना कहीं यह सालों से पीड़ित बायर्स के साथ अन्याय होगा।
@OfficialNBCC @Mihirlawyer
जिस जगह पर हादसा हुआ है वहां पर जांच की जानी चाहिए एवं सुरक्षा से संबंधित मानकों में जो भी खामी पाई जाती है उसको दुरुस्त करने का उपाय किया जाना चाहिए तथा लापरवाही बरतने वाले के ऊपर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
पूरे प्रोजेक्ट को सील करना गलत है और इसका नकारात्मक प्रभाव परियोजना के पूरा होने के समय पर पड़ेगा। हम लोग सोमवार की सुनवाई में इन सभी मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट में अपनी बात को रखेंगे. @tricitytoday
आम्रपाली के निर्माणाधीन प्रोजेक्ट ड्रीम वैली में आज पैसेन्जर लिफ्ट के गिरने से तीन से चार लोगों के साथ हादसा होने की सूचना है।
हम लोग लगातार लिफ्ट एक्ट की मांग @myogiadityanath सरकार से करते आए हैं और जेवर विधायक श्री @DhirendraGBN जी ने हाल में ही विधानसभा के पटल पर इस मुद्दे को रखा भी था. आए दिन हो रहे इन हादसो को रोकने के लिए सरकार अबिलंब लिफ्ट एक्ट उत्तर प्रदेश ���ें लागू करे जिससे इन हादसों पर लगाम लग सके तथा संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी तय हो।
#Amrapali matter is listed for hearing before the Supreme Court on Monday
Issue of quality of material being used by @OfficialNBCC and supervision of the same will be raised as accountability must be fixed to ensure these sad incidents are not repeated again
@nefowaoffice
लिफ्ट अधिनियम पारित करने हेतु, नेफोवा @nefowaoffice की याचिका, विधान सभा में रखने हेतु माननीय श्री @DhirendraGBN जी का आभार।
हम 2016 से लगातार इसकी मांग कर रहे थे। हा���िया दुर्घटनाओं के बाद एक बार फिर इसके लिए मुखर होकर विधायक जेवर से इसकी मांग की थी।
इससे पूर्व माननीय @CMOfficeUP जी के नॉएडा आगमन पर मीटिंग में भी घर खरीददारों की तरफ से नेफोवा ने लिफ्ट अधिनियम का मुद्दा उठाया था।
Sector 82 #NewGurgaon
परसों रात रात 9:15 की घटना #MapakoRoyalVille Sector82 के निवासी पर आवारा ने सांड ने हमला कर दिया । सोसायटी से महज 50 मीटर की दूरी पर एक बड़े आवारा सांड ने उनकी कार को टक्कर मार दीं
कार चालक, बुजुर्ग महिला और उनका छोटा बच्चा बाल-बाल बचे।
कार का अगला हिस्सा और छत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। बस किसी तरह जान बच गयी,
सा��ड़ के सींग निवासी से कुछ ही इंच की दूरी पर लगे। कार की हालत देख सकते है की क्या हुआ होगा, जान की कुछ अप्रिय घटना नहीं हुई बस। 🙏
हुई होती तो कौन ज़िम्मेदार होता ?
प्रशासन से आग्रह है आवारा जानवरो को कुछ इंतज़ाम करे। ताकि सुबह / शाम घूमते हुए बुजुर्ग, छोटे बच्चे ओर महिलायें खुद को सुरक्षित महसूस करे।
@MCManesar
@OfficialGMDA
@rakeshdaultabad
@MlaSatya
@DC_Gurugram
कृपया संज्ञान लीजिये
CC
@cmohry @Dchautala
@ICICIBank_Care@RBI@FinMinIndia@PMOIndia@ICICIBank
Even though I have done cancellation of recurring mandate for Adobe systems software on 26th May through your site.
Screenshot for confirmation of cancelled mandate, mail from ICICI attached. Revert debited amount asap.