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@NCTE_Official, stop misleading students. Every year you promise a 1-year B.Ed, and every year you fail to deliver. This is not delay—this is deception.
Students’ futures are not your experiment. Give a clear timeline or stop making false promises.
@PMO India @EduMinOfIndiaAct
#SomnathSwabhimanParv is about faith and fortitude. Somnath carries the memory of countless sacrifices, which continues to motivate us. It is as much about divinity and civilisational greatness. Here are highlights from today…
ॐ हमारे वेदों का, शास्त्रों का, पुराणों का, उपनिषदों और वेदांत का सार है।
ॐ ही ध्यान का मूल है, और योग का आधार है।
ॐ ही साधना में साध्य है।
ॐ ही शब्द ब्रह्म का स्वरूप है।
ॐ से ही हमारे मंत्र प्रारंभ एवं पूर्ण होते हैं।
आज सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में 1000 सेकंड्स तक ओंकार नाद के सामूहिक उच्चार का सौभाग्य मिला। उसकी ऊर्जा से अंतर्मन स्पंदित और आनंदित हो रहा है।
ॐ तत् सत्!!
Somnath stands as a beacon of eternal divinity. Its sacred presence continues to guide people across generations. Here are highlights from yesterday’s programmes, including the Omkar Mantra chanting and drone show.
#SomnathSwabhimanParv
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के सुअवसर पर सोमनाथ मंदिर परिसर में भव्यता और दिव्यता से भरा ड्रोन शो देखने का सौभाग्य मिला। इस अद्भुत शो में हमारी प्राचीन आस्था के साथ आधुनिक टेक्नोलॉजी का तालमेल हर किसी को मंत्रमुग्ध कर गया। सोमनाथ की पावन धरा से निकला यह प्रकाशपुंज पूरे विश्व को भारत की सांस्कृतिक शक्ति का संदेश दे रहा है।
सोमनाथ महादेव मंदिर ज्योतिर्लिंग होने के साथ-साथ सनातन संस्कृति व आध्यात्मिक गौरव की अक्षुण्ण विरासत भी है। बीते हजार वर्षों में इस मंदिर पर कई हमले हुए, लेकिन यह हर बार उठ खड़ा हुआ। यह हमारी सभ्यतागत अमरता और कभी हार न मानने की दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक है। इसे मिटाने की कोशिश करने वालों के नामो-निशान मिट गए, लेकिन यह मंदिर आज और भी वैभवता के साथ खड़ा है।
सोमनाथ मंदिर की ऐतिहासिकता बताती है कि ऐसे हमले हमें क्षति पहुँचा सकते हैं, लेकिन मिटा नहीं सकते, क्योंकि हर बार और भी भव्यता और दिव्यता के साथ उठ खड़ा होना सनातन संस्कृति की मूल प्रवृत्ति है।
मोदी जी ने सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले हमले के एक हजार वर्ष होने पर ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ मनाने का निर्णय लिया है, ताकि हमारी भावी पीढ़ी तक सनातन संस्कृति की अविरलता और जीवटता का संदेश पहुँचाया जा सके।
मेरा सौभाग्य है कि मैं इस पवित्र मंदिर का ट्रस्टी हूँ। मेरी सभी देशवासियों से अपील है कि आप भी आज से 11 जनवरी तक चलने वाले #SomnathSwabhimanParv से जुड़ें।