“जब मैं मेडल जीतकर लौटी थी…मुझे लेने कोई नहीं आया था.”
T20 वर्ल्ड कप जीतकर पटना पहुंचे ईशान किशन. एयरपोर्ट पर रिसीव करने पहुंचीं खेल मंत्री श्रेयसी सिंह का छलका दर्द.
कहा- जब मैं अंतरराष्ट्रीय पदक जीतकर लौटी थी, तब मुझे रिसीव करने कोई नहीं आया था. इसलिए आज खेल मंत्री के तौर पर मैं खुद ईशान किशन को रिसीव करने आई हूं. ईशान ने देश और बिहार का नाम रोशन किया है.
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सच में… बचपन के त्योहार सिर्फ तारीखें नहीं होते थे, वो पूरे साल का इंतज़ार होते थे। नए कपड़े, घर की साफ़-सफ़ाई, माँ के हाथ के पकवान, और बिना किसी चिंता के बस खुशियाँ ही खुशियाँ। अब त्योहार आते तो हैं, लेकिन वो मासूमियत कहीं पीछे छूट गई है।
#HappyHoli
❗️मोदी तुम्हारे भरोसे नहीं हैं....
वे तुम्हारी फितरत बखूबी पहचानते हैं,
❗️इसलिए उन्होंने अपना वोट बैंक का बेस बढ़ाया ताकि जब तुम दगा दो तो वे पूरी तरह भहरा कर गिरे नहीं।
❗️उनको पता है बाबरी वि ध्वंस के बाद जब कई राज्यों भाजपा की सरकारें गिरा दी गई थी। और परमाणु परीक्षण के बाद अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण जब देश में महंगाई बढ़ी तो कैसे तुम लोगों ने अटल जी को चुनाव हरवा दिया था।
❗️तुमको परमाणु बम नहीं, प्याज चाहिए था ना ??
👉उसको पता है कि -
70% सवर्ण हमेशा भाजपा के साथ रहेगा।
❗️30% तो बिन पेंदी के लोटा हैं, जो वामपंथियों के बरगलाने पर कांग्रेस, सपा, बसपा, ओवैसी या मुस्लिम लीग कहीं भी लुढ़क जाएगा।
❗️जब भी भाजपा कमजोर हुई है हमेशा कैसे तुम लोग बिन पेंदी के लोटा बन गये हो। बसपा लात मा रती थी तो सपा की गोद में जा गिरते थे।
❗️और जब सपा लात मा रती तो-
हाथी नहीं गणेश है, ब्रह्मा विष्णु महेश है !! का नारा लगाते हुए मायावती के कदमों में लेट जाते।
❗️जब श्रीनगर के लाल चौक पर आ तंकी पाकिस्तानी झंडा लगा देते थे तब वो
आ तंकियों को चैलेंज करके लाल चौक पर तिरंगा फहरा कर आ चुका है। तब तुम पैदा भी नहीं हुए थे तो क्या याद आएगा तुम्हें, इसलिए इंटरनेट पर सर्च कर लो।
❗️एक बात और पढ़ते जाओ...
240 सीट लेके जो व्यक्ति चक्रवर्ती सम्राट की तरह शासन कर रहा है, तुम उन्हें चाहे जितनी कम सीट दे दो, वे किंग मेकर की भूमिका में भी रहे तो क्या करिश्मा करेंगे, तुम्हे उसकी कल्पना भी नहीं है।
👉साढ़े सात लाख करोड़ का मिल्ट्री बजट उन्होंने अपने लिए ही अलॉट किया है , ताकि शेख हसीना वाला हाल न हो।
❗️अंतिम पैराग्राफ लतीफा है। सच मत समझ लेना।
🤝और हां जमीन पर उतर कर देखो, मेरे जैसे करोड़ों राष्ट्रवादी के दिल की धड़कन है भाजपा.... ❤️
जिंदगी की सबसे विकट "परिस्थितियों" में आप हमेशा अकेले ही होंगे, और यही समय आपको "बुद्धिमान" "समझदार" संघर्षशील, "ताकतवर" और "निडर" बनाएगा, "हिम्मत" मत हारना l
आज का दिन मेरे लिए सिर्फ़ एक तारीख़ नहीं, बल्कि ज़िंदगी की किताब का एक नया पन्ना है। आज मेरा जन्मदिन है—वह दिन जब मैंने इस दुनिया में पहली बार आँखें खोलीं, बिना किसी डर, बिना किसी शिकायत के। समय के साथ बहुत कुछ बदला, लेकिन आज का दिन अब भी उम्मीद, आत्ममंथन और नई शुरुआत का प्रतीक है।
हर जन्मदिन हमें याद दिलाता है कि हम एक साल और आगे बढ़ गए हैं। बीते साल में मैंने हँसी भी देखी, आँसू भी झेले, सफलताएँ भी मिलीं और असफलताओं से सीख भी मिली। कुछ सपने पूरे हुए, कुछ अधूरे रह गए, लेकिन हर अनुभव ने मुझे पहले से ज़्यादा मज़बूत बनाया।
आज मेरा जन्मदिन है। आँखें बन्द करता हूं तो जीवन के लगभग ढाई दशक यूं ही बीत गए। आजतक मां बाप को गर्व महसूस करने का मौका नहीं दे सका। भीतर एक मलाल सा है। खैर अभी उम्मीद हारे नहीं हैं, एक हुंकार बाक़ी है। एक आखिरी बाजी मेरी है। आप सबों की संदेशों व शुभकामनाओं का अग्रिम धन्यवाद।💚