#बड़ी_खबर : वरिष्ठ अध्यापक भर्ती फॉर्म रिओपन करने की मांग तेज!
सभी शिक्षको ने भी विधार्थियो के साथ सरकार से लगाई गुहार..!
हालांकि सोमवार या मंगलवार को कोर्ट में याचिका लगा दी जाएगी
सभी विधार्थी ट्वीट, रीट्वीट और शेयर करके आवाज को बुलंद बनाए रखे,
#2nd_ग्रेड_फॉर्म_रिऑपन_किजिए
डर गए हैं ये लोग!
ट्विटर पर हमारे राष्ट्रीय पेज को withheld कर दिया गया है।
डिलीट भी करवा दो कोई फर्क नहीं पड़ता।
आप लोग इस पेज से जुड़िए ज्यादा से ज्यादा लोगों को शेयर करके इससे जोड़िए।
इसे भी उड़ाएंगे हम नया बनाएंगे।
जमीन पर जल्द ही उतरेंगे वहां भी बैन कर देना दुष्ट लोगों🪳✊
अभी तक 2023 के बाद 17000 पदों पर नियुक्ति दी है उनमें भी 10000 से ज्यादा अशोक गहलोत की भर्तियां थी
10000 राजस्थान पुलिस
1000 ras के अलावा किस भर्ती की वित्तीय स्वीकृति आपने CM बनने के बाद दी है बताना तो थोड़ा सा 🤣😂
भजनलाल शर्मा जी ने आज साल 2026 के लिए भर्ती परीक्षा का कैलेंडर घोषित किया है ।
उसके लिए बहुत बहुत धन्यवाद
लेकिन नई भर्ती सिर्फ 45K है शेष पदों की भर्तियां 2025 बजट में घोषित की गई वो ही है ।
भजन लाल से आप को गत वर्ष के कैलेंडर और वित्त वर्ष की भर्तियों को सम्मिलित करके आंकड़ों का खेल नहीं खेलना चाहिए।
🙏🙏
@BhajanlalBjp@8PMnoCM@alokrajRSSB@ashokgehlot51
थर्ड ग्रेड शिक्षक #DPC नहीं होने की वजह से हज़ारों पद विद्यालयों में खाली पड़े हुए हैं
लाखो बेरोजगारों को थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती का इंतजार है उनका इंतजार भी बढ़ता ही जा रहा है
आखिर सरकार थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती को लेकर गम्भीर क्यु नहीं है
#थर्ड_ग्रेड_शिक्षक_भर्ती_करो@saten_08
REET 2026 New
बोर्ड अप्रैल-मई मे जारी कर सकता है रीट विज्ञापन, बोर्ड परिणाम के बाद जारी होगी एग्जाम इस साल सितंबर के आसपास होने की संभावना है, उसके बाद अगले साल होगी नई 3rd grade शिक्षक भर्ती खाली पदो✌️
का वर्गीकरण: 21,000 खाली और 25 से 30 हजार पद डीपीसी कै इस तरह कुल 46,000 से 51,000 पद...!!
क्या चार लाख रोजगार हो गए पूरे- 1.22 लाख को नियुक्ति मिल गई + 1.53 लाख प्रक्रियाधीन है +1 लाख का कैलेंडर जारी हो गया +25 हज़ार और ऐड करने की घोषणा हुई है
इन सब को टोटल करते है तो = 4 लाख हो गए
🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔दो शब्द आपके हो जाए 🤔🤔🤔🤔🤔
हम तो इससे संतुष्ट है नहीं ये तो तगड़ा मामला निकला है 🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔
विधानसभा में गलत जवाब पेश करने पर क्या सजा नहीं होनी चाहिए ???
ये बहुत गलत बात है
विपक्ष द्वारा सवाल पूछा गया - 2 साल में कितनी विज्ञप्ति जारी हुई
पक्ष द्वारा जवाब दिया है जिसमें गलत डाटा पेश किया गया - 1 लाख 73132 दो साल में जो की ग़लत डाटा है
विशेष✅✅- लेकिन सजा नहीं मिलनी चाहिए ऐसे तो विधानसभा के जवाब से भी विश्वास उठ जाएगा कुछ भी जवाब दो 🤔🤔🤔🤔
#सजा_प्रावधान_होना_चाहिए
हम युवाओं के साथ न्याय के लिए कांग्रेस शासन सहित 11 साल पहले जब से यह खेल शुरू हुआ तब से 2026 तक की भर्तियों की जांच की मांग करते हैं।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का यह बयान हास्यास्पद और जांच को भटकाने वाला है कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) में पकड़े गए आरोपियों ने केवल कांग्रेस शासन में गड़बड़ी की।
यह सामान्य समझ की बात है कि जो व्यक्ति 2019 में ओएमआर शीट बदलने जैसा अपराध कर रहा था और 2026 तक उसी पद पर जमा रहा, तो क्या यह संभव है कि उसने भाजपा सरकार के कार्यकाल (2024-25) में अपराध करना बंद कर दिया हो?
जांच पूरी होने से पहले ही अपने कार्यकाल को 'क्लीन चिट' देकर मुख्यमंत्री जी क्या एसओजी (SOG) पर यह दबाव नहीं बना रहे हैं कि 2024-25-26 की फाइलों को खोला ही न जाए?
कल ही जोधपुर के शेरगढ़ उपखंड में सड़क पर रीट भर्ती परीक्षा 2025 के दर्जनों एडमिट कार्ड पड़े मिले हैं जबकि वहां 100 किलोमीटर तक कोई परीक्षा केन्द्र नहीं था। इसकी भी जांच की आवश्यकता है कि ये वहां कैसे पहुंचे या वहां कोई अनुचित कृत्य हुआ है।
ऐसा लगता है भाजपा सरकार का उद्देश्य इस सिस्टम को सही करने और युवाओं को न्याय देने की बजाय केवल राजनीति करना है।
हमारी सरकार ने गड़बड़ी मिलने पर पिछली सरकारों पर दोष मढ़ने के बजाय सख्त कार्रवाई की और RPSC सदस्य सहित 265 से अधिक लोगों को जेल भेजा। कठोरतम कानून बनाया, माफिया की संपत्ति ध्वस्त की। सरकार को डरना नहीं चाहिए, दूध का दूध और पानी का पानी करने के लिए अपने कार्यकाल की भी निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए।
अब ऐसा लगने लगा है कि भाजपा सरकार राज्य की जांच एजेंसियों पर यह दबाव बना रही है कि जांच केवल 2023 तक सीमित रखी जाए, 2024-25-26 की जांच न हो। SOG ने बताया है कि 11 साल से ओएमआर शीट में गड़बड़ी की जा रही थी। SOG तो राज्य पुलिस की विंग है, उसकी बात को तो राज्य सरकार गंभीरता से ले।
प्रदेश में विभिन्न सरकारी सेवाओं की भर्ती परीक्षाओं में व्याप्त आरक्षण विसंगतियाँ, परिणाम घोटाले, संस्थाओं के खत्म होने सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर राजस्थान विधानसभा में एक दिवसीय विशेष चर्चा आहूत किए जाने के संबंध में महामहिम राज्यपाल महोदय को पत्र लिखकर निवेदन किया।
जयपुर में रहने वाले तमाम साथियों से निवेदन है कि कल सुबह 11:15 बजे सभी पिंक सिटी प्रेस क्लब, जयपुर पहुँचे।
OMR घोटाले को लेकर होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले सभी की उपस्थिति बेहद ज़रूरी है।
आपकी मौजूदगी से आवाज़ मज़बूत होगी और सच्चाई सामने आएगी।
जयपुर में रहने वाले तमाम साथियों से निवेदन है कि कल सुबह 11:15 बजे सभी पिंक सिटी प्रेस क्लब, जयपुर पहुँचे।
OMR घोटाले को लेकर होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले सभी की उपस्थिति बेहद ज़रूरी है।
आपकी मौजूदगी से आवाज़ मज़बूत होगी और सच्चाई सामने आएगी।
6376983879
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड में OMR शीट बदलने के हालिया खुलासे ने राज्य की पूरी भर्ती व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।
SOG की रिपोर्ट के अनुसार तो यह संगठित फर्जीवाड़ा केवल बीते 9 वर्षों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वर्ष 2014 से 2025 तक लगातार चलता रहा।
बड़ा चिंता का विषय है कि पिछले 11 वर्षों में 2014 से 2025 के बीच आयोजित लगभग सभी भर्ती परीक्षाएँ एक ही पद पर जमे रहे उसी स्टाफ और भ्रष्ट सिस्टम की सक्रिय भूमिका एवं निगरानी में हुई हैं। जो आज OMR शीट में गड़बड़ी के आरोप में पकड़े गए हैं। ऐसे में इन सभी परीक्षाओं की शुचिता संदेह के घेरे में है।
इस अवधि में 6 वर्ष भाजपा की सरकार रही और वर्तमान भाजपा सरकार के कार्यकाल में 2024 व 2025 में भले ही सीमित पदों पर लेकिन कई भर्तियाँ आयोजित की गई। इन दो वर्षों की भर्तियों में भी गंभीर अनियमितताओं और फर्जीवाड़े के आरोप और तथ्य सामने आए हैं। तो फिर सरकार इन भर्तियों की निष्पक्ष जांच करवाने से क्यों बच रही है?
अभ्यर्थी लगातार शिकायत कर रहे हैं कि बीते दो वर्षों से कट-ऑफ असामान्य रूप से अधिक जा रही है, रोस्टर प्रणाली में गंभीर अनियमितताएँ हुई हैं और आरक्षित वर्ग विशेषकर OBC, SC एवं ST के पदों में कटौती कर उनके संवैधानिक अधिकारों और भविष्य पर कुठाराघात किया गया है। इन गंभीर आरोपों की भी निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है।
यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा सरकार पेपर लीक और OMR घोटाले जैसे संवेदनशील मुद्दों पर न्याय सुनिश्चित करने के बजाय इन्हें केवल राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। निष्पक्ष जांच के बजाय सरकार केवल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल की परीक्षाओं को निशाना बनाने का प्रयास कर रही है।
सरकार को आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति छोड़कर उन सभी भर्तियों की जांच करवानी चाहिए जिन पर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं, ताकि लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो और पीड़ित अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके।
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने पेपर लीक के नासूर को जड़ से खत्म करने के लिए देश का सबसे कठोर कानून बनाया, जिसमें दोषियों को उम्रकैद, संपत्ति जब्ती और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया। युवाओं के साथ न्याय करते हुए दोषी RPSC सदस्यों की गिरफ्तारी और पेपर लीक आरोपियों की अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई की।
भाजपा ने सत्ता में आने से पहले RPSC और RSSB को भंग करने, भर्तियाँ रद्द कर नए सिरे से कराने जैसे बड़े-बड़े वादे किए थे। आज सत्ता में आने के बाद उन वादों का क्या हुआ?
सरकार हिम्मत क्यों नहीं जुटा पा रही है, और आखिर किसे संरक्षण देने का प्रयास किया जा रहा है?
मैं मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp जी से आग्रह करता हूँ कि इस नए खुलासे के बाद पिछले 11 वर्षों में हुई सभी भर्ती परीक्षाओं, विशेषकर 2024 और 2025 में आयोजित परीक्षाओं की निष्पक्ष, स्वतंत्र और गहन जांच करवाई जाए। युवाओं के भविष्य और न्याय की उम्मीद को ध्यान में रखते हुए सरकार को बिना देरी ठोस और निर्णायक कदम उठाने चाहिए।
@RajGovOfficial@RajCMO