एक और पेपर लीक।
एक और परीक्षा रद्द।
इस बार महाराष्ट्र का TET।
देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को वसूली का सिस्टम बना दिया गया है, जिससे देश का हर युवा असुरक्षित है।
यह सिर्फ पेपर लीक नहीं,
यह युवाओं के भविष्य की चोरी है।
“We are slipping further into Israel’s strategic orbit, at a time when the world is increasingly pivoting away from it. The Prime Minister’s visit to Israel will go down in history as a bewildering strategic decision.
The spirit of Indian nationhood demands that we speak up for our Palestinian brothers and sisters whose children have been so brutally targeted.”
Through her editorial, Congress Parliamentary Party Chairperson Smt. Sonia Gandhi ji calls on India to reclaim its independent foreign policy, uphold humanitarian values, and speak up with moral clarity on Gaza.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में आज दो साल पूरे हुए।
इन दो सालों का हर दिन एक ही काम रहा - हर भारतीय की आवाज़ को सत्ता तक पहुँचाना।
NEET के छात्रों की लड़ाई हो, वोट चोरी का पर्दाफाश हो या संविधान की रक्षा, हर मोर्चे पर आपके साथ खड़ा रहा, आज भी हूं, हमेशा रहूंगा।
सड़क से संसद तक, आपका भरोसा ही मेरी सबसे बड़ी ताक़त है। सफ़र लंबा है, पर संकल्प वही, आपके लिए हर लड़ाई लड़ता रहूँगा।
जय हिंद। जय संविधान। 🇮🇳
विस्तार में पढ़ें: https://t.co/vyj9WhFIhO
मुज़फ्फरनगर में मजदूरों की बंधुआ मजदूरी का मामला बेहद चौंकाने वाला है।
बिना मज़दूरी दिए काम करवाने के अलावा, मजदूरों को कुत्तों से कटवाया गया, भाले से गोदा गया, कोड़े मारे गए, और उन्हें मवेशियों का चारा खिलाया गया। यह इंसानी गरिमा पर हमला है - पीड़ितों को न्याय के साथ पुनर्वास और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
साथ ही हमें यह भी पूछना ज़रूरी है कि मज़दूर ऐसी खतरनाक परिस्थितियों में किन मजबूरियों में फंस जाते हैं।
जब रोज़गार ख़त्म हो जाते हैं, आमदनी ठहर जाती है, और सबसे कमज़ोर वर्गों के लिए बने मनरेगा और श्रम कानूनों जैसी सुरक्षाएं कमज़ोर कर दी जाती हैं, तो हताशा बढ़ती जाती है। जिन लोगों के पास कोई और विकल्प या सुरक्षा नहीं होती, वो ऐसे शोषण का आसान शिकार बन जाते हैं।
यह कोई आम आपराधिक घटना नहीं है - यह एक धराशाई हुई अर्थव्यवस्था का मलबा है।
सत्ता के अहंकार में डूबी मोदी सरकार अब इस मुकाम पर पहुँच गई है कि अपने अधिकारों, निष्पक्ष परीक्षाओं और सुरक्षित भविष्य की मांग करने वाले छात्रों को ही शिक्षा मंत्री “आतंकवादी” कह रहे हैं।
ज़रा सोचिए - जिसकी नाकामी से इतने पेपर लीक हुए, जिसके राज में 20 बच्चों ने जान दे दी, जिसने करोड़ों युवाओं का भविष्य अंधेरे में धकेल दिया - वो आज पीड़ित बच्चों और उनकी आवाज़ उठाने वालों को “दहशतगर्द” बता रहा है।
पर यह कोई नई बात नहीं: अन्नदाता किसानों को "आंदोलनजीवी और परजीवी" कहा। सवाल पूछने वाले को “Anti-National” कहा। और अब युवाओं को “दहशतगर्द।”
जो भी सरकार से सवाल पूछे - उसे देशद्रोही बता दो, यही इनकी पूरी राजनीति है।
धर्मेंद्र प्रधान जी, देश के करोड़ों युवाओं से तुरंत माफ़ी माँगिए और अपनी नाकामियों के लिए इस्तीफ़ा दीजिए।
और रही मेरी बात - आप मुझ पर जितने चाहें हमले कर लीजिए। मैंने कोटा में कहा था, और फिर कहता हूँ: यह शिक्षा व्यवस्था आज सिर्फ़ एक वसूली तंत्र बन गई है। मैं इसे ऐसे ही नहीं रहने दूँगा।
हर बच्चे को सस्ती, अच्छी शिक्षा और निष्पक्ष परीक्षा मिले - इस आवाज़ को उठाना मैं कभी बंद नहीं करूँगा।
#ChhatronKiGoonj
#ChhatraJodo
Wishing the Chief Minister of Tamil Nadu, Thiru Joseph Vijay, a very happy birthday.
I wish you good health and success in all your efforts. I stand with you in defending the rights, dignity, and aspirations of the Tamil people, and in working together for the state’s progress.
Re-NEET देने वाले सभी छात्रों को मेरी अनेक शुभकामनाएँ।
पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दीजिए। कुछ भी हो, मैं हमेशा आपके साथ हूं और आपकी रक्षा करता रहूंगा।
सरकार से अपेक्षा है कि इस बार NEET बिना किसी गड़बड़ी के होगी। छात्र पहले ही बहुत तनाव झेल चुके हैं - अब किसी बच्चे की उम्मीद न टूटने पाए।
नागपुर का एक बच्चा एक महीने से NEET re-exam की तैयारी कर रहा था।
कल परीक्षा से ठीक एक दिन पहले उसने admit card डाउनलोड किया। उसका सेंटर निकला - अबू धाबी।
न पासपोर्ट, न परिवार के पास विदेश भेजने के पैसे, न अब कोई वक़्त बचा है। वो रातभर रोता रहा, और परीक्षा देने से ही मना कर रहा है - क्या इस तनाव की कल्पना भी की जा सकती है?
आखिर ऐसा हुआ भी कैसे? कल किसी भी छात्र को सेंटर तक न पहुँच पाने की शिकायत नहीं होनी चाहिए। NTA असल में देश के बच्चों और उनके माता-पिता का सिर्फ़ धीरज test कर रही है।
जो system एक बच्चे को अपने ही शहर में एक centre नहीं दे सकती, उल्टा विदेश भेज सकती है - उसे परीक्षा करवाने का कोई हक़ नहीं।
कोटा में मैंने यही कहा था - यह अब शिक्षा व्यवस्था नहीं रही। यह एक पूरी पीढ़ी के पैसे, समय और मानसिक शांति की वसूली है।
हमारे बच्चों के भविष्य के साथ जुआ खेलना बंद कीजिए। वो एक संवेदनशील, ज़िम्मेदार और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा के अधिकारी हैं - और हम ये उन्हें दिलवा कर रहेंगे।
#ChhatronKiGoonj
#ChhatraJodo
कोटा, आप कमाल थे।
यकीन मानिए, कल हमने मिलकर इतिहास की शुरुआत की।
हज़ारों छात्र मैदान में थे, लाखों लोगों ने ऑनलाइन देखा - और देश को पहली बार खुलकर पता चला कि शिक्षा के नाम पर कितनी बड़ी वसूली चल रही है।
लेकिन यह तो सिर्फ़ शुरुआत है। कोटा में जो लौ जली है, उसे अब पूरे देश में बदलाव की मशाल बनाना है। और इस सफ़र में आपकी जगह तय है।
अपने सुझाव भेजिए। Petition पर अभी Sign कीजिए।
#ChhatronKiGoonj
If you've suffered because of paper leaks, exam issues, or high fees
If this education system has shattered your dreams
If your family has invested a lifetime of savings in your education
Then “Chhatron Ki Goonj” is your voice.
This isn't just a campaign - it's a platform to take your demands directly to the government.
Affordable education. Fair examinations. Dignified employment.
Join the movement:
1️⃣ Click the link below.
2️⃣ Fill in your name and share your ideas.
3️⃣ Sign the petition - that's it.
Your signature will strengthen this movement. More the signatures, louder the goonj!
👉 Sign the petition now: https://t.co/g6mbw7X5XC
#ChhatronKiGoonj
अगर आपने पेपर लीक, परीक्षा में धांधली, या महँगी fees का दर्द झेला है
अगर इस व्यवस्था ने आपके सपने तोड़े हैं
अगर आपके परिवार ने आपकी पढ़ाई के लिए जीवनभर की कमाई लगा दी है
तो सुनिए: ‘छात्रों की गूंज’ आपकी आवाज़ है।
यह सिर्फ़ एक अभियान नहीं, यह आपकी मांग को सरकार तक पहुँचाने का ज़रिया है। सस्ती शिक्षा। निष्पक्ष परीक्षा। सम्मानजनक रोज़गार।
और इसमें जुड़ना सिर्फ़ 30 सेकंड का काम है:
1️⃣ नीचे दिए लिंक पर जाइए
2️⃣ अपना नाम भरिए, अपने सुझाव दीजिए
3️⃣ पिटिशन sign कीजिए - बस।
आपका एक हस्ताक्षर इस लड़ाई को ताक़त देगा। जितने ज़्यादा नाम, उतनी बुलंद गूंज।
👉 अभी sign कीजिए: https://t.co/g6mbw7X5XC
#ChhatronKiGoonj
पता है, भारत की सिर्फ़ 5 परीक्षाओं - NEET, JEE, SSC, UPSC और RRB की तैयारी पर छात्र और उनके परिवार हर साल कितना ख़र्च करते हैं?
₹3.5 लाख करोड़।
यानी भारत सरकार के पूरे शिक्षा बजट का लगभग तीन गुना। शिक्षा, स्वास्थ्य, श्रम, विज्ञान और महिला-बाल विकास - इन पाँच मंत्रालयों के कुल बजट के बराबर।
और बदले में करोड़ों युवाओं को क्या मिलता है? तनाव, अनिश्चितता, बेरोज़गारी, और टूटते सपने।
जो ख़र्च सरकार की ज़िम्मेदारी है, उसका बोझ आज परिवार उठा रहे हैं।
#ChhatronKiGoonj
भारत की शिक्षा व्यवस्था आज सिर्फ़ एक वसूली तंत्र बन गई है।
ज़रा सोचिए - देशभर के परिवार जितना पैसा सिर्फ़ NEET की तैयारी पर ख़र्च करते हैं, वो भारत सरकार के पूरे शिक्षा बजट के बराबर है।
आज कोटा से, और देश के हर कोने से, लाखों युवा एक सुर में कह रहे हैं - इस व्यवस्था ने हमारे साथ अन्याय किया है।
हर युवा अलग है, पर सबकी कहानी एक - या तो सपने देखने नहीं दिए गए, या देखे हुए सपने तोड़ दिए गए।
‘छात्रों की गूंज’ सिर्फ़ अभियान नहीं - एक क्रांति है। हमें एक ऐसी व्यवस्था बनानी है जो आपको बड़े सपने देखने का हक़ दे और आपकी ज़िंदगी गिरवी रखे बिना, उन्हें पूरा करने में आपका साथ दे।
#ChhatronKiGoonj
कोटा के लिए निकल चुका हूँ पर दिल में दो नाम गूंज रहे हैं: उमेश और रिया।
कल, सीकर में उमेश और देहरादून में रिया - दोनों ने Re-NEET के दबाव में अपनी ज़िंदगी ख़त्म कर ली।
22 और 23 साल के बच्चे - जिन्हें सपनों के खुले आसमान में उड़ना था वो इस अन्यायी व्यवस्था से हार गए।
ये मौतें एक टूटी, भ्रष्ट व्यवस्था की देन हैं। और इसके ज़िम्मेदार हैं मोदी सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जिन्होंने छात्रों की रक्षा करने के बजाय, बार-बार पेपर लीक, परीक्षा कुप्रबंधन, और भविष्य के सदागरों को संरक्षण दिया।
आज कोटा से हम वो लड़ाई शुरू करेंगे जिसका एक ही मक़सद है - किसी बच्चे के सपने ऐसे टूटने न पाएं, किसी माँ-बाप को फिर कभी अपने बच्चे को इस तरह खोना न पड़े।
हर परिवार की यह पीड़ा अब ‘छात्रों की गूंज’ बनकर पूरे देश में गूंजेगी।
#ChhatronKiGoonj
'Telegram Ban’ - मोदी सरकार का पेपर लीक रोकने का नया नुस्खा।
यानी चोर को पकड़ने के बजाय, पीड़ित के घर पर ताला लटका दो।
लाखों छात्र सालों से Telegram पर पढ़ते हैं - नोट्स, टेस्ट सीरीज़, डिस्कशन, तैयारी। वो सुविधा छीन लेना पेपर लीक का समाधान कैसे हुआ?
और यह फूलप्रूफ भी नहीं है - यह देश का हर छात्र जानता है, और पेपर लीक माफ़िया भी। फिर अगला ban किसपर लगाएंगे? WhatsApp?
परीक्षा के दिन छात्रों की तलाशी होगी। जेबें कैंची से काटी जाएँगी। प्रश्नपत्र वायुसेना से भेजे जाएँगे। दिखावे की कोई कमी नहीं होगी।
पर बीमारी की जड़ पर एक वार भी नहीं - क्योंकि पेपर लीक माफ़िया इसी सरकार की देख-रेख में फल-फूल रहा है, और युवाओं को खून के आँसू रुला रहा है।
मोदी जी - दिखावा छोड़िए। माफ़िया पर वार कीजिए, छात्र पर नहीं।
‘छात्रों की गूंज’ सुन लीजिए - वरना देश का युवा अपना हक़ लेना जानता है।
#ChhatronKiGoonj
इस वीडियो ने मुझे झकझोर दिया।
ये उस भारत के लाचार युवा हैं - जिसकी सरकार अपने अरबपति दोस्तों पर लाखों करोड़ लुटा देती है, पर अपने ही छात्रों को एक सुरक्षित सफ़र तक नहीं दे सकती।
चुनाव के वक़्त यही सरकार पूरी-पूरी ट्रेनों का इंतज़ाम कर लेती है। और परीक्षा देने जा रहे छात्रों के हिस्से में आती है - भीड़, घुटन, और बेबसी।
इससे बड़ा सबूत क्या होगा कि मोदी सरकार छात्रों की गूंज सुनना ही नहीं चाहती।
पर मैं वादा करता हूँ - हम यह आवाज़ उन बहरे कानों तक पहुँचाएँगे। हर छात्र को उसका हक़ मिलेगा, उसका न्याय मिलेगा।
17 जून, कोटा। यही गूंज, अब हुंकार बनेगी।
#ChhatronKiGoonj
देश के हर युवा से मेरी एक बात - आज इस देश में मेहनत का फल नहीं, सपने देखने की सज़ा मिलती है।
हर पेपर लीक, हर रद्द परीक्षा, हर अधूरी भर्ती - सिर्फ़ सिस्टम की विफलता नहीं, लाखों सपनों पर प्रहार है।
मैं जानता हूँ आप थक चुके हैं। ग़ुस्से में हैं। पर याद रखिए - जब सरकार सुनने को तैयार न हो, तब आवाज़ ऊँची करनी पड़ती है।
इसलिए मैं आप सबको बुला रहा हूँ - 17 जून, कोटा। छात्रों की गूंज।
आइए, मिलकर एक ऐसी हुंकार बनें जिसे अनसुना करना नामुमकिन हो। कोटा से शुरुआत - फिर देश के हर कोने तक।
ये आपके भविष्य की लड़ाई है। और मैं आपके साथ हूँ।
🗓️ 17 जून | छात्रों की गूंज | कोटा महारैली
#ChhatronKiGoonj
अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के चंद दिन बाद - न अफ़सोस, न माफ़ी। उल्टा, अमेरिका ने आदेश देना जारी रखा है।
उनके शब्द पढ़िए: “अमेरिकी सेना के आदेश तुरंत मानें।” कोई उल्लंघन “बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
एक आज़ाद देश इस तरह की भाषा कभी नहीं सहेगा। लेकिन हमारे Compromised PM? चुप। एक आज्ञाकारी नौकर की तरह सुनते हैं, और आदेश मान लेते हैं।
Compromised PM देश के सम्मान की रक्षा नहीं करेगा - क्योंकि जो देश का अपमान करते हैं, वो उन्हीं के वश में हैं।
कई साथियों ने INDIA गठबंधन की बैठक में मेरे भाषण का हिंदी अनुवाद मांगा था - यह रहा, ज़रूर सुनें।
8 जून को INDIA गठबंधन की बैठक में 20 से भी ज़्यादा नेताओं के भाषणों और बातों को सुनने के बाद आखिर में मैंने इस भाषण से उन्हें संबोधित किया।
जब भारत की सोच, देश की आत्मा पर संकट हो... जब संस्थाओं पर कब्ज़ा हो... जब जनता की आवाज़ दबाई जाए...तब सिर्फ़ एकता के साथ प्रतिरोध काम आता है।
मैं फिर से कह रहा हूँ - 2024 का चुनाव हम हारे नहीं थे और 2029 का चुनाव हम जीत चुके हैं।
हम एकजुट रहेंगे, जन-जन को संगठित करेंगे और प्रतिरोध की ताकत से BJP और उसके भारत के संस्थानों पर कब्ज़े को हराएंगे।
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