सामाजिक क्रांति के योद्धा, आरक्षण के जनक, छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज, कोल्हापुर के शासक बहुजन क��ल के गौरव छत्रपति शाहूजी महाराज जी के स्मृति दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन एवं विनम्र आदरांजलि!
प्रयागराज जनपद के गऊघाट में हॉलीडे होम योजना के नाम पर चला “अतिक्रमण हटाओ” अभियान विकास नहीं, बल्कि व्यवस्था की कठोरता और मानवीय संवेदनहीनता का प्रतीक है।
कल सुबह से जिला प्रशासन, सिविल पुलिस, आरपीएफ व अन्य विभागों की भारी मौजूदगी में अभियान चलाया गया। प्रशासन का दावा है कि किसी भी विरोध को नियंत्रित कर कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी की गई।
लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। लोगों को लाठियों से खदेड़े जाने, घरों से अर्तन-बर्तन और जरूरी सामान तक उठाने का अवसर नहीं दिया गया। अचानक पहुंची पुलिस द्वारा महिलाओं पर लाठीचार्ज भी किया गया, जिनमें वृद्ध तथा गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने “शांतिपूर्ण कार्रवाई” के दावों और जमीनी हकीकत के बीच गंभीर अंतर ने आधी आबादी को उचित और न्यायसंगत हिस्सेदारी दिए बिना नारी वंदन अधिनियम लागू कर ‘नारी वंदन’ का ढिंढोरा पीटने वाली बीजेपी के आधी आबादी के असली 'वंदन' का सच एक बार फिर से उजागर किया है।
स्मार्ट प्रीपेड मीटर के मुद्दे पर मेरे द्वारा 27 मार्च को सोशल मीडिया के माध्यम से आवाज उठाई गई थी। इसके उपरांत, लोकसभा में मेरे द्वारा पूछे गए प्रश्न पर 2 अप्रैल को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री @mlkhattar जी ने अपने उत्तर में स्पष्ट किया कि विद्युत अधिनियम की धारा 47(5) के तहत उपभोक्ता की सहमति के बिना प्रीपेड मोड लागू नहीं किया जा सकता है तथा प्रीपेड स्मार्ट मीटर अनिवार्य नहीं, बल्कि स्वैच्छिक हैं।
इस संबंध में केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा जारी अधिसूचना में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। इसके बावजूद, केंद्र के निर्देशों को दरकिनार करते हुए उत्तर प्रदेश में सम्मानित जनता को गुमराह कर, भय का माहौल ब��ाकर तथा पुलिस की मौजूदगी में जबरन स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं। जब जनता इस अन्यायपूर्ण कृत्य का विरोध करती है, तो उस पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
मेरा सवाल है कि मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, प्रदेश की सम्मानित जनता इसे किसी डील की मजबूरी क्यों करार दे रही है? इससे सरकार की विश्वसनीयता और इकबाल पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, यदि सम्मानित जनता पर लगाए गए ये फर्जी मुकदमे शीघ्र वापस नहीं लिए जाते हैं, तो भीम आर्मी–आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) पूरे प्रदेश में व्यापक जन आंदोलन करने को मजबूर होगी।
उत्तराखंड में होमगार्ड भर्ती 2026 में अनुसूचित जाति वर्ग एवं महिला आरक्षण में हुई गंभीर अनियमितताओं के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री @pushkardhami जी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की।
@ukcmo
मथुरा जिले के थाना जैत क्षेत्र के छटीकरा–राधाकुण्ड म���र्ग पर जातंकवादियों द्वारा आरओ प्लांट से पानी लेकर घर लौट रहे बहुजन युवक कुलदीप दिवाकर को जातिसूचक गालियाँ देते हुए इस हद तक बर्बरतापूर्ण तरीके से पीटा गया कि वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। घटना अत्यंत पीड़ादायक ,दण्डनीय और मानवता को शर्मसार करने वाली हैं।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, क्या दलित समाज के लोगों को अब पानी भरकर घर लौटने का भी अधिकार नहीं है? यह घटना सीधे-सीधे संविधान और कानून-व्यवस्था को चुनौती देती है।
हम @UPGovt से मांग करते हैं-कि आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी हो।SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई हो।पीड़ित को सुरक्षा और उचित मुआवजा दिया जाए।
@CMOfficeUP
मैं आपसे आग्रह करता हूं—कमर कस लो। इस साल हम इतनी मेहनत करेंगे कि जब अगली बार परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी जयंती आएगी, तो उसे पूरे सम्मान और धूमधाम से मनाया जाएगा। इतनी ताकत इस बार बना लो कि अगली बार किसी को भी परमिशन के लिए दफ्तरों के बाहर खड़ा न होना पड़े।
मैं आपको गारंटी देता हूं; उत्तर प्रदेश में जहां-जहां से जयंती के लिए आवेदन होगा, वहीं परमिशन मिलेगी। कार्यक्रम भी होगा और सम्मानपूर्वक पर्व के रूप में मनाया जाएगा।
परम पूज्य बाबा साहेब के सपनों को पूरा करने के लिए 10 महीने संघर्ष कर लो। मैं वादा करता हूं कि आने वाले समय में आपके साथ होने वाले जुल्म, अन्याय और अत्याचार की खबरें अखबारों में नहीं दिखेंगी।
मैं आपको विश्वास दिलाता हूं—मैं आपका भाई, एडवोकेट शेखर आजाद, आपके साथ खड़ा हूं।
“SIR प्रक्रिया अब State-Imposed Repression बन गई है। 27 दिन में 30 से ज़्यादा BLO की मृत्यु सीधा प्रशासनिक अत्याचार है।”
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में 46 वर्षीय BLO सर्वेश सिंह (सहायक अध्यापक) ने फंदा लगाकर जान दे दी। और पीछे 3 पेज का सुसाइड ��ोट छोड़ गए—एक ऐसा नोट जो पूरा प्रशासन हिला देने के लिए काफी है, अगर सरकार में थोड़ी भी संवेदनशीलता बाकी हो।
उन्होंने लिखा:- “दिन-रात काम कर रहा हूं, फिर भी टारगेट पूरा नहीं हो पा रहा। मानसिक संतुलन बिगड़ चुका है। 4 बेटियों में से 2 बीमार हैं… मैं हार गया हूँ।”
प्रधानमंत्री @narendramodi जी, BLO कोई मशीन नहीं, इंसान हैं। उनकी भी नींद, परिवार, स्वास्थ्य और जीवन है। कर्मचारी को मौत की कगार पर धकेलना लोकतांत्���िक प्रक्रिया नहीं—यह सरकारी उत्पीड़न है।
एक तरफ़ सीएम योगी जी अभी मंचों से "सुरक्षा की गारंटी दे ही रहे हैं " वही दूस��ी तरफ़ बहुजन-दलित की जिदंगी की गारंटी उत्तर प्रदेश में आए-दिन खत्म हो रही है।
हरदोई में जातिवादियों द्वारा दलित दंपति को इतनी बेरहमी से पीटा और कि ईलाज के दौरान पति यदुनंदन की मृत्यु हो गई और पत्नी रंजना घायल हैं, ये बेहद पीड़ादायक और दंडनीय।
मैं @UPGovt से हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी कर सख़्त कार्यवाही, मृतक के परिजनों को 50 लाख की आर्थिक मदद और एक सरकारी नौकरी देने व मृतक यदुनंदन की घायल पत्नी के बेहतर ईलाज की मांग करता हूं।
अमेरिका में अफरमेटिव एक्शन को आप लोग भूल रहे हैं।
दुनिया के बहुत सारे हिस्सों में विशेष अवसर की सुविधा है।
लेकिन भारत की आरक्षण प्रणाली सबसे बेहतर है।
बाबा साहब के इस एहसान हम लोग कभी नहीं भूल सकते हैं।
जिस लड़ाई की मैं शुरुआत कर रहा हूं वह सौ साल लंबी होगी, इसमें आने वाली पहली पीढ़ी मारी जायेगी, दूसरी पीढ़ी जेल जायेगी तथा तीसरी पीढ़ी राज करेगी, विजय अंततोगत्वा हमारी ही होगी।
अमर शहीद बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा जी की शहादत दिवस पर उन्हें शत-शत नमन��� जय भीम, जय अर्जक।
#Rajasthan दलित इंजीनियर को 17 महीने अस्पताल में बिताने पड़े क्योंकि उस पर हमला करने वाले विधायक ने अशोक गहलोत के साथ मंच साझा किया, राहुल गांधी के साथ चले। @Harshadhipati धातु के ब्रेसिज़ से ढंके हुए और कई घावों के निशान वाले अपने घायल पैर को घूर रहे हैं। 1/2 @kharge@RajCMO
देश की करोड़ों बहनों की आवाज है भीम आर्मी
बुजुर्गों की पगड़ी का मान है भीम आर्मी
युवाओं का स्वाभिमान है भीम आर्मी ✊🏻💙
@AnandAkash_BSP याद रखना तुमने ये गाली भीम आर्मी को नहीं दी, देश के उन असंख्य दबे कुचले पीड़ितों को दी है। यही छोटे मोटे लोग तुम्हारा हिसाब करेंगे।
ये पप्पू नही जानता भीम आर्मी को, पूरा देश भीम आर्मी के संघर्ष को जानता है। इस पप्पू की नजर में भीम आर्मी व चन्द्र शेखर आजाद छोटे मोटे लोग है। अमीरो की औलादे इतनी अहंकार में क्यों है। भीम आर्मी के बहुत सारे साथियों ने अपना जीवन भी समाज के लिये कुर्बान कर दिया।
@AnandAkash_BSP याद रख��ा यह अहंकार भी जल्द टूटेगा। इस अपमान का हिसाब भीम आर्मी के कार्यकर्ता समय आने पर करेंगे। यह अनिल धेनवाल प्र��ेश प्रभारी भीम आर्मी राजस्थान का आपसे वादा है।
येAC की औलाद नही जानता भीम आर्मी को, पूरा देश भीम आर्मी के संघर्ष को जानता है। इस की नजर में भीम आर्मी व चन्द्र शेखर आजाद छोटे मोटे लोग हैअमीरो की औलादे इतनी अहंकार में क्यू एडoचंद्रशेखर आजाद गरूर है बहुजन समाज का उसे शौहरत उसकी काबलियत से मिली है विरासत में नही
@AnandAkash_BSP