2. “कहते हैं कि राजनीति में स्थायी दोस्त नहीं होते। मैं कहता हूँ, एक बार मेरे कार्यकर्ताओं से मिलिए।”
पूरे हिंदुस्तान में शायद ही कोई ऐसा नेता होगा, जिसके साथ सत्ता से तीन दशक दूर रहने के बाद भी उसके कार्यकर्ता उसी जोश, उसी निष्ठा, उसी आत्मीयता और उसी विश्वास के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे हों।
आज पानीपत के ऐतिहासिक स्ने��� मिलन एवं जलपान कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब इस बात का प्रमाण है कि सच्चे रिश्ते सत्ता से नहीं, विश्वास से बनते हैं। यह केवल एक सफल कार्यक्रम नहीं था, बल्कि वर्षों के संघर्ष, समर्पण, आत्मीयता और अटूट विश्वास का भव्य उत्सव था।
आज इस अभूतपूर्व सफलता को देखकर मन बार-बार एक ही ओर जाता है—स्वर्गीय युगपुरुष चौधरी भजनलाल जी की ओर। मैं अत्यंत भावुक मन से यह कहना चाहता हूँ कि उन्हें हमारे बीच से विदा हुए वर्षों बीत गए, लेकिन उनका आशीर्वाद, उनका स्नेह और उनके प्रति जनता का प्रेम आज भी पहले जैसा ही जीवंत है।
हरियाणा हो, राजस्थान हो, पंजाब हो या देश का कोई भी कोना—जहाँ भी चौधरी साहब का नाम लिया जाता है, वहाँ आज भी लोगों की आँखों में सम्मान, चेहरे पर अपनापन और दिल में प्रेम दिखाई देता है। यह किसी पद या सत्ता से अर्जित सम्मान नहीं था, बल्कि जीवनभर की जनसेवा, सादगी, अपनत्व और लोगों के सुख-दुख में साथ खड़े रहने की कमाई थी। ऐसे रिश्ते समय के साथ कमज़ोर नहीं होते, बल्कि और अधिक गहरे होते जाते हैं। सचमुच, इस प्रेम और विश्वास को दुनिया की कोई ताकत कभी तोड़ नहीं सकती। आज के इस स्नेह मिलन की सफलता में मैं उनका आशीर्वाद स्पष्ट रूप से अनुभव कर रह�� हूँ।
मेरे कार्यकर्ता ही मेरी सबसे बड़ी ताकत हैं, मेरी सबसे बड़ी पूँजी हैं और मेरी सबसे बड़ी पहचान हैं। आप सभी के प्रेम, समर्पण और विश्वास को मैं जीवनभर का ऋण मानता हूँ।
मेरा संकल्प है कि समय आने पर मैं अपने प्रत्येक कार्यकर्ता के विश्वास, त्याग और समर्पण का ऋण उतारने का हर संभव प्रयास करूँगा। आपका विश्वास ही मुझे हर चुनौती से लड़ने का साहस देता है।
मेरा और आपका रिश्ता किसी राजनीतिक दल, पद या सत्ता का नहीं, बल्कि विश्वास, आत्मीयता और परिवार का रिश्ता है।
आप मेरे कार्यकर्ता नहीं, मेरे परिवार हैं। और परिवार कभी परिस्थितियों से नहीं बदलता। यही परिवार मेरी सबसे बड़ी शक्ति है, मेरी सबसे बड़ी पूँजी है और मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है।
एक बार पुनः आज के इस ऐतिहासिक एवं अभूतपूर्व रूप से सफल स्नेह मिलन एवं जलपान कार्यक्रम की सफलता के लिए मैं पानीपत के अपने प्रत्येक आत्मिक पारिवार��क साथियों को दिल की गहराइयों से हार्दिक बधाई और साधुवाद देता हूँ।
आप सबने केवल एक कार्यक्रम को सफल नहीं बनाया, बल्कि यह सिद्ध कर दिया कि विश्वास, प्रेम और परिवार का रिश्ता समय और परिस्थितियों से कहीं अधिक मजबूत होता है।
आप सभी को मेरा हृदय से प्रणाम। 🙏
1. “कहते हैं कि राजनीति में स्थायी दोस्त नहीं होते। मैं कहता हूँ, एक बार मेरे कार्यकर्ताओं से मिलिए।”
पूरे हिंदुस्तान में शायद ही कोई ऐसा नेता होगा, जिसके साथ सत्ता से तीन दशक दूर रहने के बाद भी उसके कार्यकर्ता उसी जोश, उसी निष्ठा, उसी आत्मीयता और उसी विश्वास के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे हों।
आज पानीपत के ऐतिहासिक स्नेह मिलन एवं जलपान कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब इस बात का प्रमाण है कि सच्चे रिश्ते सत्ता से नहीं, विश्वास से बनते हैं। यह केवल एक सफल कार्यक्रम नहीं था, बल्कि वर्षों के संघर्ष, समर्पण, आत्मीयता और अटूट विश्वास का भव्य उत्सव था।
आज इस अभूतपूर्व सफलता को देखकर मन बार-बार एक ही ओर जाता है—स्वर्गीय युगपुरुष चौधरी भजनलाल जी की ओर। मैं अत्यंत भावुक मन से यह कहना चाहता हूँ कि उन्हें हमारे बीच से विदा हुए वर्षों बीत गए, लेकिन उनका आशीर्वाद, उनका स्नेह और उनके प्���ति जनता का प्रेम आज भी पहले जैसा ही जीवंत है।
हरियाणा हो, राजस्थान हो, पंजाब हो या देश का कोई भी कोना—जहाँ भी चौधरी साहब का नाम लिया जाता है, वहाँ आज भी लोगों की आँखों में सम्मान, चेहरे पर अपनापन और दिल में प्रेम दिखाई देता है। यह किसी पद या सत्ता से अर्जित सम्मान नहीं था, बल्कि जीवनभर की जनसेवा, सादगी, अपनत्व और लोगों के सुख-दुख में साथ खड़े रहने की कमाई थी। ऐसे रिश्ते समय के साथ कमज़ोर नहीं होते, बल्कि और अधिक गहरे होते जाते हैं। सचमुच, इस प्रेम और विश्वास को दुनिया की कोई ताकत कभी तोड़ नहीं सकती। आज के इस स्नेह मिलन की सफलता में मैं उनका आशीर्वाद स्पष्ट रूप से अनुभव कर रहा हूँ।
मेरे कार्यकर्ता ही मेरी सबसे बड़ी ताकत हैं, मेरी सबसे बड़ी पूँजी हैं और मेरी सबसे बड़ी पहचान हैं। आप सभी के प्रेम, समर्पण और विश्वास को मैं जीवनभर का ऋण मानता हूँ।
मेरा संकल्प है कि समय आने पर मैं अपने प्रत्येक कार्यकर्ता के विश्वास, त्याग और समर्पण का ऋण उतारने का हर संभव प्रयास करूँगा। आपका विश्वास ही मुझे हर चुनौती से लड़ने का साहस देता है।
मेरा और आपका रिश्ता किसी राजनीतिक दल, पद या सत्ता का नहीं, बल्कि विश्वास, आत्मीयता और परिवार का रिश्ता है।
आप मेरे कार्यकर्ता नहीं, मेरे परिवार हैं। और परिवार कभी परिस्थितियों से नहीं बदलता। यही परिवार मेरी सबसे बड़ी शक्ति है, मेरी सबसे बड़ी पूँजी है और मे���े जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है।
एक बार पुनः आज के इस ऐतिहासिक एवं अभूतपूर्व रूप से सफल स्नेह मिलन एवं जलपान कार्यक्रम की सफलता के लिए मैं पानीपत के अपने प्रत्येक आत्मिक पारिवारिक साथियों को दिल की गहराइयों से हार्दिक बधाई और साधुवाद देता हूँ।
आप सबने केवल एक कार्यक्रम को सफल नहीं बनाया, बल्कि यह सिद्ध कर दिया कि विश्वास, प्रेम और परिवार का रिश्ता समय और परिस्थितियों से कहीं अधिक मजबूत होता है।
आप सभी को मेरा हृदय से प्रणाम। 🙏
मुश्किल समय में साथ खड़े रहने वाले लोग ही असली अपने होते हैं। जब परिवार जुड़ा रहता है, तब कोई ताकत उसे कमजोर नहीं कर सकती। हमारे विरोधियों की सबसे बड़ी परेशानी यही है कि मुश्किल समय में भी हमारा परिवार बिखरता नहीं।
यह रिश्ता किसी राजनीतिक लाभ या स्वार्थ का नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान और वर्षों की आत्मीयता का रिश्ता है। सुख में साथ चलने वाले बहुत मिल जाते हैं, लेकिन जो लोग कठिन समय में क��धे से कंधा मिलाकर खड़े रहते हैं, वही परिवार कहलाते हैं। यही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है और यही हमारी सबसे बड़ी ��ाकत है।
स्वर्गीय चौधरी भजनलाल जी की पुण्यतिथि पर हजारों की संख्या में उमड़ा जनसैलाब इस बात का प्रमाण है कि चौधरी साहब आज भी करोड़ों दिलों में जीवित हैं। लोगों का यह स्नेह, सम्मान और आशीर्वाद हमारे लिए अमूल्य धरोहर है। आज उनकी समाधि जन प्रेरणा स्थल पर अपना साथ, अपना सहयोग और अपना आशीर्वाद देने आप सबका इस तरह उमड़कर आना मेरे लिए सिर्फ समर्थन नहीं है, यह मेरे लिए भावनाओं का सागर है।
मैं दिल क�� गहराइयों से हर उस व्यक्ति का आभार व्यक्त करता हूँ जो इस अवसर पर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करने air पहुँचा। विशेष रूप से माननीय मुख्यमंत्री @NayabSainiBJP जी का हृदय से धन्यवाद, जिन्होंने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से इस आयोजन को सम्मान प्रदान किया।
आप सभी का यह प्रेम और विश्वास हमें और अधिक जिम्मेदारी, समर्पण और सेवा के भाव से आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। चौधरी साहब ने जो सम्मान, अपनापन और जनसेवा की विरा���त हमें दी है, उसे हम पूरी निष्ठा और मजबूती के ��ाथ आगे बढ़ाते रहेंगे।
जनता का प्यार हमारी ताकत है, परिवार की एकता हमारी पहचान है, और चौधरी साहब के संस्कार हमारी सबसे बड़ी पूंजी हैं।
🏅🇮🇳 भारत की बेटी #PoojaSingh ने एशियन एथलेटिक्स में इतिहास रच दिया!
महिला हाई जंप में 1.89m की शानदार छलांग लगाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया और नया U20 राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाया। यह जीत सिर्फ एक मेडल नहीं, बल्कि भारत की नई उड़ान का प्रतीक है।
#AsianAthleticsChampionships
#NewIndia @IndiaSports
ऐसा बताते हैं की चौधरी भजन���ाल के हरियाणा मुख्यमंत्री रहते सचिवालय में 1 चलन था।सभी फाइल्स के ऊपर जे या एनजे लिखना होता था।जे मतलब जाट।एनजे मतलब नॉन जाट।जाटों के काम से संबंधित कोई फाइल क्लियर नहीं होती थी और नॉन जाट की फाइल्स आराम से क्लियर हो जाती थी।भजनलाल जी हरियाणा में खुलकर नॉन जाट की राजनीति करते थे और पूरे हरियाणा में कहीं से भी चुनाव लड़कर जीतने की हैसियत रखते थे।