न्यूज चैनल की डिबेट में एक BJP नेता ने पुजारी राममूर्ति को चप्पलों से पीट दिया।
कारण जानते हैं क्यों?
👉🏼 क्योंकि पुजारी राममूर्ति ने राम मंदिर के चढ़ावा चोरी पर सवाल उठाया था
👉🏼 क्योंकि पुजारी ने हनुमान जी की वेशभूषा में एक व्यक्ति को BJP अध्यक्ष नितिन नबीन के क़ाफ़िले के सामने नचवाने पर आपत्ति जताई थी
@revathitweets
विनोद जाखड़ और CJP
CJP नॉन पोलिटिकल है ऐसा वो क्लेम करते है
चंद्रशेखर के पास चले गए ठीक है लेकिन NEET मामले का सबसे बड़ा चेहरा विनोद जाखड़ उसके NSUI का दफ्तर जंतर मंत्र से सिर्फ 200-300 मीटर दूर है उस से कोई क्यों नहीं मिला ?
उस से समर्थन क्यों नहीं मांगा ? 4000-10000 लोग तो वो एक घंटे में ले जाता . क्यों नहीं गए अभिजीत वगेरा बस इतना बता दो
राहुल गांधी से समर्थन चाहते हो पहले जाखड़ से तो ले लो भाई
जब एक छोटी-सी बच्ची कैमरे के सामने खड़े होकर कहती है - "हम पढ़ना चाहते हैं, लेकिन हमारे गाँव में स्कूल नहीं है" - तो यह सिर्फ़ एक बच्चे की आवाज़ नहीं, बल्कि देश के लाखों ग्रामीण बच्चों की पीड़ा है।
किसी को 10 किलोमीटर दूर जंगल के रास्ते स्कूल जाना पड़ता है, किसी के गाँव में स्कूल ही नहीं है, कहीं बिजली नहीं है, कहीं शिक्षक नहीं हैं। फिर भी मंचों से "विश्वगुरु" और "विकसित भारत" के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं।
अगर बच्चों को शिक्षा पाने के लिए सुरक्षा, सड़क, स्कूल और बुनियादी सुविधाओं की भीख माँगनी पड़े, तो यह किसी भी लोकतंत्र के लिए गंभीर सवाल है।
सरकार को नारों से नहीं, स्कूलों से जवाब देना होगा। क्योंकि देश का भविष्य भाषणों से नहीं, कक्षाओं से बनता है।
हर बच्चे को सुरक्षित, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलना कोई कृपा नहीं, उसका संवैधानिक अधिकार है।
"मैं BJP नेता का बेटा हूँ लेकिन बच्चों की मौत पर ख़ामोश नहीं रहूँगा।"
घर छोड़कर जंतर-मंतर पहुँचे युवक का भावुक बयान "अगर 30 बच्चों की मौत तुम्हें नहीं झकझोरती, तो 31वाँ मेरा नाम समझ लेना।"
एक भाषण जिसने राजनीति से ज़्यादा इंसानियत पर सवाल खड़े कर दिए।
ऋषिकेश में विकास के नाम पर अंधाधुंध पेड़ कटाई बेहद चिंताजनक है। इस पेड़ कटाई का शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे सभी लोग सराहना के पात्र हैं। पर्यावरण की रक्षा के लिए आवाज़ उठाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
थलपथी विजय का सिस्टम अलग ही , कभी देखा है किसी CM को ऐसे ग्राउंड जीरो पर काम करते हुए . पूरे भारत में से एक भी CM खोज कर दिखाओ
राशन की दुकान पर ख़ुद पहुँच कर राशन बांटा और चेक भी किया .
बंदा सेवा भी कर रहा है चेकिंग भी फुल ऑन नायक मोड में है थलपथी विजय . बंदा एक दिन मोदी को टक्कर देगा अगर ऐसे लगा रहा .
छत्तरपुर में बागेश्वर धाम के छोटे भाई शालिग्राम द्वारा कुशवाह समाज के भाइयों की जमीन हड़पने और गोली मारने के के घायलों एवं पीड़ितों से मिलने सिविल अस्पताल भीम आर्मी टीम पहुंच रही है।
आज जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के समर्थन में देश के प्रमुख आंदोलनकारी नेता सांसद चंद्रशेखर आज़ाद का इंतज़ार हो रहा है।
संघर्ष की इस लड़ाई में एक और मज़बूत आवाज़ जुड़ने जा रही है।
"फांसी सत्याग्रह" कर रहे ये आदिवासी हमारे लोकतंत्र का वह सच हैं, जो अक्सर टीवी स्टूडियो की बहसों में जगह नहीं पाता।
जब कैमरे सत्ता के पीछे चलने लगें, तब ज़मीन पर बैठे लोगों की आवाज़ सुनना और दिखाना और भी ज़रूरी हो जाता है।
यह रिपोर्ट ज़रूर देखिए।
जंतर-मंतर से @ReallySwara:
“सरकारी कुर्सी किसी सरकार की जागीर नहीं है आपकी तनख्वाह से लेकर सरकारी बंगले तक सब जनता के टैक्स से चलते हैं।
इसलिए वफादारी किसी सत्ता से नहीं, संविधान और देश के नागरिकों से होनी चाहिए।
लोकतंत्र में सत्ता जनता की सेवक होती है, मालिक नहीं।”
मुर्गी मारकर खाओगे तो चिकन पार्टी,
बकरा मारकर खाओगे तो मटन पार्टी,
और अगर युवाओं के सपनों और भविष्य को कुचलोगे,
तो लोग उसे "भारतीय जनता पार्टी" कहेंगे।
भाजपाइयों ने हमेशा सनातन का अपमान किया है..
अब इस वीडियो में ही देख लीजिए बजरंग बली के हाथ में भाजपा का झंडा पकड़ाकर सड़क पर नाचवा रहे है।
और भाजपाई खुद ऊंचाई पर बैठकर तमाशा देख रहे हैं अगर यही सब कुछ किसी विपक्ष के राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यक्रम में हो जाता तो यही भाजपाई और मीडिया नंगा नाच कर रही होती..