| Social Activist | District Co-Ordinator (@IYC), State Incharge (SM) (@YaduvanshiKT), Ex. President Sports Fed. KSJ (YuvaKalyanVibhag). Indian/भारतीय, Banker
जय हो 🙏
जननायक आदरणीय श्री अखिलेश यादव जी पूर्व मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष #समाजवादी_पार्टी।
यह है एक शिक्षित पूर्व मुख्यमंत्री की सोच!
हमारी उम्मीद बस #अखिलेश_यादव जी।
पढेंगी बेटियां, बढ़ेंगी बेटियां।
जय अखिलेश, तय अखिलेश
जय समाजवाद, तय समाजवाद 🚲
@yadavakhilesh
यह प्रदेश का मख्यमंत्री है : जब इसका ज्ञान ऐसा है तब राज्य मे शिक्षा का क्या स्तर रहा होगा। भडकाऊ भाषा से किसी वर्ग का भला नहीं हआ। इसके राज्य मेरठ मे हिंदुओं की सेंट्रल मार्केट पर बलडोजज़़र चलाया जायेगा और यह आंख बंद करके सब देख रहा है।
अब सामान्य ज्ञान का स्तर देखकर-सुनकर समझ में आया कि ये प्रतियोगी परीक्षाओं के विरोधी क्यों हैं?
उत्तर प्रदेश के युवा याद रखें ये वही हैं जिन्होंने बेरोज़गारों की बेरोज़गारी का मज़ाक़ उड़ाते हुए कहा था कि कमी नौकरी की नहीं है बल्कि युवाओं में योग्यता की कमी है।
अपने नाम रूप जो काम होना चाहिए, उस तक में तो ये लड़खड़ाते हैं और दूसरों पर अयोग्यता का आरोप लगाते हैं।
अगर इतना सामान्य ज्ञान नहीं है तो भला प्रदेश क्या चलाएंगे और ‘ज्ञान’ है पर किसी वजह से ‘ध्यान’ नहीं है तो ये और भी गलत बात है। कम-से-कम बाहर जाने पर तो संयम बरता जाए।
इससे संपूर्ण विश्व में उत्तर प्रदेश की छवि को गहरी ठेस पहुँची है, दुनिया कह रही है ऐसे लोगों के हाथ में अगर उप्र की बागडोर है तो फिर क्या ही उम्मीद करना।
वैसे इसका एक कारण ये भी हो सकता है कि इनके गुट के लोग तो स्वतंत्रता आंदोलन में थे नहीं, इसीलिए स्वतंत्रता सेनानियों का इतिहास ये भूमिगत भूमिका निभाने वाले लोग क्या जानें। ये ज्ञान नहीं एक कान से दूसरे कान तक बात पहुँचानेवाले लोग रहे हैं।
13 अप्रैल 1919 में ब्रिटिश हुकूमत के अत्याचारों,से अपने देश को आजादी दिलाने के लिए जलियांवाला बाग के स्वतंत्रता सेनानियों अमर शहीदों को कोटि-कोटि नमन् एवं भावभीनी श्रद्धांजलि।
देश के अमर बलिदानियों का यह बलिदान हम सभी को सदैव याद रहेगा।
जय हिंद, जय भारत 🙏
#samajwadiparty
महान समाज सुधारक जी की 200वीं जयंती के उपलक्ष्य में लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मेरे बड़े भाई श्री @YadavArunesh जी ने अपने विचार रखे
उनका संबोधन सामाजिक न्याय, शिक्षा और समानता के मूल्यों को समर्पित था, जो फुले जी के जीवन और विचारों की सच्ची प्रेरणा है।
प्रिय पीडीए युवक-युवतियों
हर ‘पीडीए’ को जोड़े है, पीड़ा की एक डोर
चलो चलें ‘अनुशासन से शासन’ की ओर!
पीडीए के संकल्पबद्ध युवाओं को हर बूथ को मजबूत करने का जो निर्देश दिया गया है, उसको लेकर उनका अभूतपूर्व उत्साह दिखाई दिया। इस बार बड़े-बुज़ुर्गों का आशीर्वाद और युवाओं का प्रयास मिलकर अपनी ‘पीडीए सरकार बनाने’ और ’संविधान बचाने’ के लिए कटिबद्ध-प्रतिबद्ध है। सच तो यही है कि जब पीडीए सरकार बनेगी, तभी संविधान बचेगा, जब संविधान बचेगा तभी अधिकार और आरक्षण बचेगा, तभी युवाओं को भेदभाव के बिना काम-कारोबार-रोज़गार के बराबर मौके मिलेंगे, नौकरी मिलेगी। वो अपने घर-परिवार के सपने पूरे कर पाएंगे और सम्मान से जीवन जी पाएंगे।
इसीलिए आज से पीडीए के युवाओं का यही नया नारा है:
पीडीए को जिताएंगे, संविधान को बचाएंगे!
‘सामाजिक न्याय का राज’ लाने के महा-लक्ष्य की असीम ऊर्जा से भरे उप्र के युवा इस बार भाजपा का कोई भी चुनावी घपला, चालबाज़ी, जालसाज़ी और घोटाला नहीं चलने देंगे। पीडीए प्रभारी हर भाजपाई और उनके संगी-साथियों पर पैनी नज़र रखेंगे और बाहर के राज्यों से आए नक़ली वोट डालनेवाले ‘चुनावी घुसपैठियों’ को खदेड़कर, पकड़कर, वीडियो के सबूत सहित पुलिस के हवाले करेंगे और उन्हें क़ानून से सज़ा दिलाकर ही मानेंगे। भाजपा को 2027 में देश के सबसे कठिन चुनाव का सामना करना होगा। जहाँ सतर्क, सचेत, सावधान पीडीए युवा चौकन्ने रहकर हर एक वोट पर सख़्त निगाह रखेंगे।
याद रहे भाजपाई और उनके संगी-साथी आप सब युवाओं को उकसाएंगे, प्रतिक्रिया और प्रतिरोध करने के बाध्य करेंगे लेकिन आपको उनके झाँसे में नहीं आना है, अपना आपा, संतुलन और आत्म-नियंत्रण नहीं खोना है। हमें सोच-समझकर, सधकर, शांत होकर चलना है और अपनी युवा ऊर्जा, शक्ति और जोश को सकारात्मक रूप से हर पीड़ित से मिलकर बने ‘पीडीए समाज’ को हमेशा के लिए पीड़ा, दुख और अपमान से मुक्ति दिलाने के लिए लगा देना है।
अब युवा, महिला, किसान, मजदूर, कारोबार, परिवार व पीडीए विरोधी भाजपा की हर तरह से भ्रष्ट, जुमलाई, बेईमान सरकार निश्चित जाएगी, फिर कभी नहीं आएगी।
याद रखें :
पीडीए हमारे मान-सम्मान का इंक़लाब है!
अपने पीडीए के उत्थान के लिए हमें ख़ुद आगे बढ़ना होना, हमें ख़ुद ही लड़ना होगा और अपना वक़्त ख़ुद ही बदलना होगा।
आपका
अखिलेश
1- India's worst chief minister!
2- Which states, Mr CM, are worse than UP in law and order?
मीडिया में अगर दम हो तो अब योगी आदित्यनाथ के लिए यही बात लिखकर दिखा दे,
जो अखिलेश यादव के लिए साल 2014 में लिखी गई थी।
वही बदायूं जिला है।
वही डबल मर्डर है।
तब दो लड़कियां पेड़ से लटकी मिलीं थीं।
अब डबल मर्डर हुए हैं, वो भी एक महीना पहले चेतावनी देकर।
डंके की चोट पर।
उस दौर में बीजेपी ने मिलीभगत का आरोप लगाते हुए अपने प्रदर्शनों की धार से सरकार के नथुने फोड़ दिए थे।
अखबारों, चैनलों और मैग्जीनों ने सब्जी काटने वाले चाकू से कवरेज का कलेजा चीर दिया था।
मैगजीन का कवर पेज जारी हुआ था- India's worst chief minister!
ये बात अलग है कि बाद में सीबीआई ने अपनी जांच में पाया कि न तो लड़कियों की हत्या की गई थी, न बलात्कार हुआ था।
ये आत्महत्या का मामला था।
सीबीआई की ये रिपोर्ट नवंबर 2014 की थी। केद्र में सरकार बीजेपी की थी।
पर इस बार तो उसी बदायूं में डबल मर्डर का 'ओपन एंड शट' केस है।
दो के दो मर्डर हैं।
आरोपी ने खुद थाने में जाकर सरेंडर किया है।
कहीं कोई शक-शुब्हा नहीं है।
इतना ही नहीं, पुलिस पर नाकामी और मिलीभगत के आरोप मरने वालों की एफआईआर से लेकर पीड़ितों की जुबान तक चिपके हुए हैं।
उन पर 'सब ठाकुर हैं' नाम का नगीना भी जड़ चुका है।
इसके बावजूद मीडिया की हिम्मत नहीं है कि worst chief minister लिखना तो दूर,
भगवान को भी जाति विशेष में पैदा हुआ बताने वाले इन 'ईश्वरीय' चीफ मिनिस्टर से,
इनके घोर जातीय प्रेम और उसके घोर भयावह परिणामों पर दो सवाल ही कर ले!
उस दौर में हवाई जहाज़ बनकर उड़ने वाली इनकी पत्रकारीय रीढ़,
अब मनकापुर जंक्शन की रेल की ऐसी पटरी बन गई है,
जिस पर सूचना के कार्गो से माल लोडकर दनदनाती तेज़ गति से मालगाड़ियां दौड़ रही हैं!!
@narendramodi@PMOIndia