@PeekTV_in Just imagine Supreme Court of India. . CJI are wasting their time , money for such issues .. on the other hand so many things are going wrong in this county
जनता की गाढ़ी कमाई का ऐसा उपयोग शायद ही कोई सोच सकता होगा...
जब कभी गतिरोध के चलते विधानसभा की कार्रवाई ठप्प होती है, उस समय एक पक्ष दूसरे पक्ष पर जनता की कमाई और जनता के मुद्दे नहीं उठने का हवाला देकर जमकर आरोप-प्रत्यारोप करता है वहीं दूसरी तरफ़ आज जुगलबंदी की होड़ मची हुई है और मुद्दे गौण हैं...
शेरो-शायरी का माहौल है, विधानसभा में वाह-वाह की गूंज है
एक से बढ़कर एक शायरों की फ़ौज है...
बड़े-बड़े मुद्दे अपनी गंभीर बारी के इन्तज़ार में हैं
लेकिन शायर हैं कि महफ़िल लूटने के लिए कतार में हैं..!!
#RajasthanVidhansabha
जादूगर साहब के लाड़ले रहे @_lokeshsharma जी की भाजपा के रंग में रंगने की चर्चा है लेकिन युवा नेताजी भाजपा पर रोज़ प्रहार कर रहे है और कांग्रेस पार्टी के लिए दिल से आवाज उठा रहे है
अब राम जाने या लोकेश जी जाने क्या सच है 🙏
भाईसाब की कमी जालोर-सिरोही लोकसभा क्षेत्र में खल रही है।
गहलोत साहब दिन-रात एक किए हुए है। प्रदेश के हर क्षेत्र के नेताओं का जमावड़ा हो रहा है। पर @_lokeshsharma की कमी वहां खलती नजर आ रही हैं। PR एजेंसी हो या लोकल नेता सबने गहलोत परिवार को चढ़ा रखा है की लाखों से जीत रहें है पर उनको असली रिपोर्ट देने वाले वहां इस चुनाव में मौजूद नहीं है। शर्माजी कभी डरते नहीं की साहब नाराज होंगे या नही मुंह पर ही कड़वा सच बोल देते थे इसलिए बात बिगड़ने से बच जाती थी। पर अब वो कमी शायद खल रही है।
भाईसाब ने ट्वीट के माध्यम से 'शुभकानाएं' प्रेषित की है पर उसका पोस्टमार्टम करें तो रिपोर्ट नेगेटिव लग रही है। गहलोत साहब को सही समय रहते 'सावचेत' होकर काम करना चाहिए। नए नवेले सलाहकार कहीं इस बार पूरा शटर बंद नही करवा दें।
@ashokgehlot51@VaibhavGehlot80@lumbaram64@INCRajasthan@BJP4Rajasthan
झारखंड चुनाव में जमशेदपुर सीट से तीसरे नंबर पर रहने और जमानत जब्त होने के बावजूद किस आधार पर गौरव वल्लभ जी को राजस्थान विधानसभा चुनाव में उदयपुर से प्रत्याशी बनाया गया?? जहां BJP प्रत्याशी के हाथों 32000 से ज्यादा वोटों से करारी शिकस्त कांग्रेस को मिली...
एक पैराशूट प्रत्याशी के लिए किसने पैरवी की, किस नेता या सर्वे के मुताबिक वे जिताऊ माने गए और टिकट मिला ये सामने आना चाहिए... क्या ऐसे प्रत्याशी किसी सीट पर टिकट लेने के बाद 5 साल वहां पार्टी की मजबूती के लिए क्षेत्र में बने रहते हैं..?? क्या इस तरह टिकट मिलने से पार्टी के लिए आगे मेहनत करने वालों का मनोबल कम नहीं होता..??
विधानसभा चुनाव में सीटवार हुए गलत फ़ैसलों की समीक्षा की गयी होती और ज़िम्मेदारी तय की जाती तो यह भविष्य में पार्टी की मजबूती के लिए बेहतर होता लेकिन इसके उलट 'वोट प्रतिशत बढ़ा है' जैसी तसल्लियां देकर और 'हार की चिंता से बढ़कर देश की चिंता' होने जैसे बयानों के साथ हार पर पर्दा डालते हुए ज़रूरी सुधार की गुंजाईश को ख़त्म किया जा रहा है। 'हार-जीत होती रहती है' सरीखे बयानों से जीत की ललक नहीं दिखती बल्कि हार के प्रति सहजता बनाने की कोशिशें की जाती हैं...
कांग्रेस पार्टी को दिशाहीन करार देकर खुद को असहज महसूस करते हुए किनारा करने वाले व्यक्ति को अवसर मिलने में कोई कमी नहीं रही, जमशेदपुर से शर्मनाक हार के बावजूद उदयपुर से टिकट मिला, डूंगरपुर क्रिकेट संघ के अध्यक्ष भी बना दिए गए...
एक तरफ बदलाव में अवरोध बनने के लिए पूरी जादूगरी लगा दी जाती है तो दूसरी तरफ मनमानी के लिए सारे क्राइटेरिया ताक पर रख दिए जाते हैं लेकिन जिम्मेदारी तय न होने के अभाव में खामियाज़ा अंततः पार्टी को ही भुगतना पड़ा है...
*गहलोत के पूर्व ओएसडी बोले-RAS झगड़े में मेरा रोल नहीं:* पार्किंग की बात को लेकर भाई से हुई थी कहासुनी, दोनों पक्षों में हुआ राजीनामा
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दूसरी पार्टी से चार दिन पहले BJP में आयातित लोगों को टिकट मिल रहा है और BJP के 'अपने' लोगों का कट रहा है...
ग़ैरों पे करम अपनों पे सितम मोदी परिवार में आम बात है।
भाजपा के लोगों को अपनी पार्टी में बने रहने का ये अनुभव और सम्मान हासिल हुआ है...!!
She was trolled by andhkats for her tweet in favour of farmers and here everyone is welcoming her .. enjoying her performance 😂😂😂 #andbhakts#bjp#BJP4India#bjprajasthan