अफसोस! बांग्लादेश में खाक हो गया 'छायानट'
बांग्लादेश... भारत के इस पड़ोसी देश में चरमपंथ की ऐसी आग भड़की है कि इसमें इंसान, इंसानियत, संस्कृति, कला, संप्रदाय और समुदाय एक-एक करके खाक हुए जा रहे हैं. बीते हफ्ते कई दुर्दांत घटनाओं के बीच ऐसा भी हुआ जिसपर हो सकता है कि बहुत बात न की जाए, लेकिन कई जली-अधजली देहों के बीच एक और 'लाश' पड़ी मिली.
पढ़ें पूरी ख़बर: https://t.co/uzQMKsP6g7
#AajTakSocial #Bangladesh #miscellaneous #CulturalHeritage | @vikas_man7
कौन था कालनेमि... शंकराचार्य विवाद के बीच सीएम योगी ने क्यों लिया ये नाम
प्रयागराज के माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद ने राजनीतिक रूप ले लिया है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने बिना नाम लिए कहा कि धर्म की आड़ में सनातन परंपरा को कमजोर करने की साजिश रची जा रही है.
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#Kalnemi #Shankaracharya #CMYogi #YogiAdityanath #MaghMela #Prayagraj @vikas_man7
कब है दीपावली...
दीपावली में लक्ष्मी पूजन के लिए अमावस्या में मिलने वाली गोधूलि बेला, प्रदोष काल, और महानिशा पूजा के लिए निशीथ काल की अमावस्या जरूरी है. यही दीपावली पूजन का आधार है.
इसलिए दीपावली 20 अक्टूबर को ही है.
https://t.co/jab7fvAiKi
नेपाल में जो हुआ, जो हो रहा है और वो Gen-Z जो कर रहा है, वो उसके लिए कितना जरूरी है? उसे जरूरी लगा तो वो सड़कों पर उतर आया. इंफॉर्मेशन और इंटरटेनमेंट कितनी बेसिक नीड है. नेपाल के Gen- Z इसे समझ रहे हैं.
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गोरखपुर स्थित मेरे घर में पिछले 12 घंटे से बिजली कटी हुई है. क्या वजह है, कब तक आएगी? इसकी कोई जानकारी नहीं है.
स्मार्ट मीटर लगने के बाद बीते 15 दिन में ये समस्या दो बार आ चुकी है. अगर मेरी आवाज पहुंच रही है तो इसे जल्द से जल्द ठीक कराया जाए।
@myogiadityanath@CMOfficeUP
उत्तर प्रदेश में घरों में स्मार्ट मीटर लग रहे हैं. 15 -15 दिन में बिल आ रहा है और बिल आते ही लाइट कट जा रही है. फिर घूमो, चक्कर लगाओ, फोन मिलाओ, कहीं कोई सुनवाई ही नहीं।
SDO फोन नहीं उठाएगा, JE का कहीं अता- पता नहीं है.
भीषण गर्मी में 12 घंटे से बिना किसी वजह के मेरे घर की लाइट कटी हुई है. बिजली के बिल का न कोई बकाया है और न कभी बकाया रहा है.
ये हाल उस गोरखपुर शहर का है, जहां की राजनीति से MYogiAdityanath योगी आदित्यनाथ ने सीएम पद तक का सफर तय किया है.
@CMOfficeUP
पुरी के राजा, दिव्यसिंह देव, भोई राजवंश के वर्तमान मुखिया हैं और उन्हें गजपति महाराजा दिव्यसिंह देव चतुर्थ के नाम से भी जाना जाता है. ह देव, गजपति महाराजा बीरकिशोर देव के पुत्र हैं और 1970 में अपने पिता की मृत्यु के बाद 17 साल की उम्र में सिंहासन पर बैठे थे.
#RathaYatra2025
कथा वाचक कोई भी हो सकता है, उसके लिए ब्राह्मण होना जरूरी नहीं है। पुराणों में इसके कई संदर्भ मिलते हैं , जो कथा वाचक रहे और व्यास पीठ पर बैठे, साथ ही उन्हें ब्राह्मणों से भी अधिक पूज्य स्थान मिला।
पुराण में हर एक स्थान पर सूतजी का जिक्र मिलता है।
सूतौ उवाच.. (सूत जी ने कहा)
सूत जी रोमहर्षण के पुत्र उग्रश्रवा थे। वे सूत जाति के थे। सूत्र पुराणों में शामिल एक वर्ण संकर जाति है, यह क्षत्रिय पिता, ब्राह्मण माता या ब्राह्मण पिता, क्षत्रिय माता के पुत्र होते थे, या अलग जाति के भी।
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प्वाइंट ये है कि, जब ब्रह्म ने इस सृष्टि को रचा और फिर अपनी संपूर्ण रचना को निहारा तो मुग्ध हो गए, अपनी सुंदर सृष्टि को निहारते ही रह गए, इस दृश्य को देखकर उसे आंखों में ही भर लेना चाहता थे। नतीजा, इस सुंदरता को निहारने के लिए ब्रह्म नेत्रस्वरूप हो गया। वह दृष्टा कहलाने लगा।
शायद आप विश्वास न कर सके होंगे कि अरे ये तो बहुत उम्दा है। फिर मारे खुशी के आपने आँखें बंद की होंगी। इसके बाद धीरे-धीरे आंखें खुली तो फिर मारे खुशी और आश्चर्य के फैलती चली गई होंगी।
वो कहते हैं न बड़ी - बड़ी आँखें करके देखना...
न भुजाएं न चरण, सिर्फ बड़ी बड़ी आँखें, ओडिशा के श्री मंदिर में भगवान जगन्नाथ का स्वरूप ऐसा क्यों है?
क्या आपने कभी कोई चित्र बनाया है? अगर आप अच्छे चित्रकार न हों तो जिस काम में अच्छे हों इस प्रश्न को उसके अनुसार बदल लीजिए...
मैं कुछ उदाहरण देता हूं।
क्या आपने कोई धुन गुनगुनाई है?
क्या आपने खाने के लिए कुछ अलग सा पकाया है?
क्या आपने कोई मूर्ति बनाई है कभी?
आप खुद से अपनी रुचि के अनुसार ये प्रश्न कीजिए, फिर अब याद कीजिए कभी जब आपने उस काम को बहुत अच्छे तरीके से किया तो परिणाम देखकर आपकी क्या प्रतिक्रिया हुई थी?
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शायद आप विश्वास न कर सके होंगे कि अरे ये तो बहुत उम्दा है। फिर मारे खुशी के आपने आँखें बंद की होंगी। इसके बाद धीरे-धीरे आंखें खुली तो फिर मारे खुशी और आश्चर्य के फैलती चली गई होंगी।
वो कहते हैं न बड़ी - बड़ी आँखें करके देखना...
न भुजाएं न चरण, सिर्फ बड़ी बड़ी आँखें, ओडिशा के श्री मंदिर में भगवान जगन्नाथ का स्वरूप ऐसा क्यों है?
क्या आपने कभी कोई चित्र बनाया है? अगर आप अच्छे चित्रकार न हों तो जिस काम में अच्छे हों इस प्रश्न को उसके अनुसार बदल लीजिए...
मैं कुछ उदाहरण देता हूं।
क्या आपने कोई धुन गुनगुनाई है?
क्या आपने खाने के लिए कुछ अलग सा पकाया है?
क्या आपने कोई मूर्ति बनाई है कभी?
आप खुद से अपनी रुचि के अनुसार ये प्रश्न कीजिए, फिर अब याद कीजिए कभी जब आपने उस काम को बहुत अच्छे तरीके से किया तो परिणाम देखकर आपकी क्या प्रतिक्रिया हुई थी?