@orient_electric I bought orient electric switch and board and other electric accessories before one year now orient switches one by one free neither on nor off totally free
Very bad experience and services
Wrost company never buy any other product of orient
@UPPCLLKO@CMOfficeUP@AKSharmaOffice@DistrictEtawah
माननीय sir
हमारे यहाँ पिछले 38 घंटे से लाइट नहीं आ रहीं जिससे पानी और दैनिक गतिविधि में काफी सामना करना पड़ रहा हैंl पीने का पानी भी खत्म हो गया हमारे क्षेत्र के लोग और बच्चे काफी परेशान हो रहे है .
कृपा कर समस्या का समाधान करे
जब लाखों युवा सड़क पर हों, 22 लाख बच्चों का भविष्य दांव पर हो और PM चुप हो - तो सरकार जवाब देने नहीं, बचने में लगी है।
जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता और NEET जैसे पेपर लीक रोकने के लिए foolproof सिस्टम नहीं बनता - हम रुकेंगे नहीं।
2024- NEET UG paper leak, protests, matter reached Supreme Court
2025 - UGC Guidelines, protests, matter in Supreme Court
2026 - NEET UG paper leak again, students upset, Exam rescheduled.
NTA: Irresponsible
Education Minister : Unchanged
Accountability: Zero
कुछ सुझाव देश वासियों के भी
- मंत्री और नेताओं के लंबे cavalcade पर पाबंदी लगायें
- बड़ी चुनावी रैलियाँ एक साल के लिए बंद करायें
- बड़े शपथ ग्रहण समारोह पर पाबंदी - सिर्फ़ WFH- वॉच फ्रॉम होम
चुनाव ख़त्म होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से कहा
• घर से काम करो
• मेट्रो से चलो
• पेट्रोल डीजल बचाओ
• सोना मत ख़रीदो
• विदेश मत जाओ
• विदेशी ब्रांड का सामान मत ख़रीदो
• खाने का तेल कम इस्तेमाल करो
• खेत में खाद कम डालो
यह कोई नेक सलाह या इमोशनल अपील नहीं है. यह असल में मोदी और उनकी सरकार की नाकामी का जीता जागता सबूत हैं
ना energy security सुनिश्चित कर पाये, ना रुपया बचा पाये, ईंधन की किल्लत से लोग जूझ रहे हैं - चुनाव खत्म होने पर सच स्वीकारने को मजबूर हैं
इस सच के बारे में मोदी जी को राहुल गांधी जी ने मार्च के महीने में ही आगाह किया था, ईंधन की किल्लत के बारे में चेताया था. तब उनकी अनसुनी करने का नतीजा आज सबके सामने है
लेकिन हिपोक्रेसी की भी सीमा होती है. देश को पेट्रोल डीजल बचाने की सलाह देने वाले मोदी जी ख़ुद काफिले के साथ बेमतलब का रोडशो कर रहे हैं. आपको विदेश यात्रा ना करने की नसीहत देकर ख़ुद गर्मी से बचने के लिए 15 तारीख को यूरोप निकल रहे हैं
12 साल सत्ता में काबिज रहने के बाद आज देश से कहना पड़ रहा है क्या ख़रीदें, क्या नहीं, कैसे चलें, कहाँ जाएँ, कहाँ नहीं
इतने अच्छे दिन नहीं चाहिए थे मोदी जी. आप तो झोला उठा कर निकल लेंगे - लेकिन देश को तबाह करने में आपने कोई कसर नहीं छोड़ो है
यह आपके compromised होने का नतीजा है - अब आपके बस की बात नहीं
चुनाव ख़त्म होते ही, ‘संकट’ याद आ गया!
दरअसल देश के लिए ‘संकट’ सिर्फ़ एक है और उसका नाम है : ‘भाजपा’
इतनी सारी पाबंदियां लगानी पड़ीं तो ‘पंच ट्रिलियन डॉलर की जुमलाई अर्थव्यवस्था’ कैसे बनेगी? लगता है भाजपा सरकार के हाथ से लगाम पूरी तरह छूट गयी है। डॉलर आसमान छू रहा है और देश का रुपया पातालोन्मुखी हो गया है।
सोना न खरीदने की अपील जनता से नहीं, भाजपाइयों को अपने भ्रष्ट लोगों से करनी चाहिए क्योंकि जनता तो वैसे भी 1.5 लाख तोले का सोना नहीं ख़रीद पा रही है। भाजपाई ही अपनी काली कमाई का स्वर्णीकरण करने में लगे हैं। हमारी बात गलत लग रही हो तो ‘लखनऊ से लेकर गोरखपुर’ तक पता कर लीजिए या ‘अहमदाबाद से लेकर गुवाहाटी’ तक।
वैसे सारी पाबंदियाँ चुनाव के बाद ही क्यों याद आईं है? भाजपाइयों ने चुनाव में जो हज़ारों चार्टर हवाई यात्राएं करीं वो क्या पानी से उड़ रहीं थीं? वो क्या होटलों में नहीं ठहर रहे थे या सिलेंडर की फ़ोटो लगाकर खाना बनाकर खा रहे थे? भाजपाइयों ने चुनाव में ही वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग से ही प्रचार क्यों नहीं किया? सारी पाबंदियाँ जनता के लिए ही हैं क्या?
इस तरह की अपील से तो व्यापार-कारोबार-बाज़ार में मंदी या महंगाई की आशंका की वजह से डर के साथ घबराहट, बेचैनी, निराशा फैल जाएगी। सरकार का काम अपने अकूत संसाधनों का सदुपयोग करके आपातकालीन हालातों से उबारना होता है, भय या अफ़रातफ़री फैलाना नहीं।
अगर सरकार नहीं चला पा रहे हैं तो भाजपाई अपनी नाकामी स्वीकार करें, देश को बर्बाद न करें। वैसे भी इन हालातों की असली वजह विदेश नीति के मामले में देश की परंपरागत ‘गुट निरपेक्षता’ की नीति से भाजपा सरकार का हटकर कुछ गुटों के पीछे, कुछ ख़ास वजहों और दबावों की वजह से चलना है। इसका ख़ामियाज़ा देश की जनता को महंगाई, बेरोज़गारी, बेकारी और मंदी की मार के रूप में भुगतना पड़ रहा है। किसान-मज़दूर से लेकर हर युवा, हर गृहिणी, नौकरीपेशा, पेशेवर, कारोबारी मतलब हर कोई इसकी चपेट में आ गया है। सच तो ये है कि भाजपा विदेश नीति और गृह नीति दोनों में फ़ेल हो गयी है। ये अपील भाजपा सरकार की अपनी असफलता की स्वीकारोक्ति है। दरअसल वोट मिलते ही भाजपा का खोट सामने आ गया।
भाजपाइयों ने चुनावी घपलों से राजनीति को प्रदूषित कर दिया है; नफ़रत फैला कर समाज के सौहार्द को बर्बाद कर दिया है; अपने चाल-चलन से भाजपाइयों ने संस्कृति-संस्कार को कलुषित कर दिया है; साधु-संतो पर प्रहार और आरोप लगाकर धर्म तक को नहीं छोड़ा है और अब अर्थव्यवस्था का रोना रो रहे हैं। इस तरह तो सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक हर क्षेत्र में भाजपा ने देश का बंटाधार कर दिया है। इस अपील के बाद देश की जनता में अचानक आक्रोश का जो उबाल आया है, उसका प्रबंधन भाजपा किसी चुनावी-जुगाड़ की तरह नहीं कर पाएगी, अब भाजपा हमेशा के लिए जाएगी।
देश कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप कहते हैं कि मैं नरेंद्र मोदी का करियर तबाह कर सकता हूं
इसके दो कारण हैं 👇
⦿ Epstein फाइल
⦿ अडानी पर केस
@RahulGandhi
📍 गुरुग्राम, हरियाणा
@Meesho_Official@SwiftBengaluru I ordered kids car on meesho but i received plastic bucket and mug. I returned the product but delivery boy not accept the product ask this is not returnable
Online Fraud company