उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर की तीसरी मंजिल पर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर
यह मंदिर साल मे केवल 24 घंटे यानी नागपंचमी के दिन ही आम भक्तों के लिए खोला जाता है
यहां स्थित 11वीं शताब्दी की मूर्ति दुनिया में अनोखी है!
✍️पुलिस अधिकारी को CRPC की धारा 173(8) के तहत चार्जशीट प्रस्तुत करने के बाद ‘आगे की जांच’ करने के लिए और कोर्ट मे 'पूरक चालान' प्रस्तुत करने के लिए मजिस्ट्रेट से पूर्व अनुमति लेना आवश्यक है📢
SUPREME COURT
(2024) 16 SCC 65
Peethambaran Vs. State of Kerala
D/d:03/05/2023
✍️पहले पति से अलग हुई पत्नी दूसरे पति से भरण-पोषण का दावा कर सकती है, भले ही पहली शादी कानूनी रूप से भंग न हुई हो📢
Supreme Court
Smt. N.Usha Rani vs Moodududla Srinivas
on 30 January, 2025
SLP (Crl.) No. 7660 of 2017
✍️वाहन के पंजीकृत स्वामी ने यदि वाहन को बेच दिया है लेकिन आरटीओ मे वाहन स्वामी का नाम परिवर्तन नही करवाया गया है तो वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने की स्थिति मे मुआवजा पंजीकृत स्वामी को ही देना होगा📢
Supreme Court
Naveen Kumar Vs. Vijay Kumar
CIVIL APP NO 1427/2018
on 6 February, 2018
✍️SDM की कोर्ट मे धारा-145 CrPC की कार्यवाही नही चल सकती यदि उसी संपत्ति के कब्जे के संबंध मे सिविल वाद लंबित है📢
Amresh Tiwari Vs. Lalta Prasad Dubey
(2004) 4 SCC 440
Ram Sumer Puri Mahant Vs. State of UP
(1985) 1 SCC 427
Vanya Vs. State of MP
2019 SCC OnLine MP 3294
✍️यदि अपील कोर्ट द्धारा सजा (Sentence) के साथ साथ दोषसिद्धि (Conviction) को भी स्थगित कर दिया जाता है तो सांसद और विधायक की अयोग्यता (disqualification) प्रभावित नही होगी📢
Supreme Court
Lok Prahari Vs Election Commission Of India
W.P.(CIVIL) No. 330 OF 2016
on 26 September, 2018
✍️चेक प्राप्त करने के बाद यदि चेक प्राप्तकर्ता की मृत्यु हो जाए तो उसके विधिक वारिश उक्त चेक को बैंक मे प्रस्तुत कर सकते हैं और चेक के अनादर होने पर NI Act की धारा 138 के अंतर्गत परिवाद भी प्रस्तुत कर सकते हैं📢
SUPREME COURT
SHANKAR LAL Vs.SANYOGITA DEVI(DEAD)
Cr. App. 485/2002
✍️यदि अभियोजन गवाह के मुख्य परीक्षण के बाद प्रति परीक्षण करवाने मे अनावश्यक विलम्ब किया गया है और गवाह hostile हो जाता है तो इसके मुख्य परीक्षण के बयान के आधार पर सजा दी जा सकती है📢
SUPREME COURT
Vinod Kumar vs State Of Punjab
CRIMINAL APPEAL NO.554/2012
on 23 September, 2014
✍️चोरी की घटना के बारे मे बीमा कंपनी को सूचित करने मे देरी बीमाधारी के दावे को अस्वीकार करने का आधार नही हो सकती है बीमा दावे को पूरी तरह अस्वीकार करने के लिए बीमा की मौलिक शर्त का उल्लंघन होना चाहिए📢
Supreme Court
Ashok Kumar Vs New India Assurance Co Lt
CIVIL APP NO.4758/23
✍️जाति जन्म से निर्धारित होती है और अनुसूचित जाति के व्यक्ति से विवाह करके जाति नही बदली जा सकती एवं सिर्फ इसलिए आरक्षण का लाभ नही लिया जा सकता क्योंकि जीवन साथी अनुसूचित जाति का है📢
Supreme Court
Sunita Singh Vs. State Of U.P.
CIVIL APPEAL NO._487 OF 2018
on 19 January, 2018
✍️यदि किसी सरपंच या पंच द्वारा सरकारी भूमि पर अतिक्रमण किया गया है और उसके द्वारा चुनाव के घोषणा पत्र मे झूठा शपथपत्र दिया गया है तो उसका चुनाव इसी आधार पर निरस्त किया जा सकता है📢
HIGH COURT OF MP
RAVENDRA PRATAP SINGH Vs BADRI PRASAD VISHWAKARMA
W.P. No.3326/2025
D/d:03/04/25
✍️हिरासत मे आरोपी किसी अन्य मामले मे जिसमे उसकी गिरफ्तारी नही हुई है अग्रिम जमानत मांग सकता है
"एक मामले मे हिरासत का मतलब यह नही है कि दूसरे मामले मे गिरफ्तारी की आशंका खत्म हो जाएगी"📢
Supreme Court
Dhanraj Aswani Vs. Amar S. Mulchandani
D/d - 9.09.2024
CRI. APP. NO. 2501/2024
✍️विवाह विच्छेद की कार्यवाही मे पति-पत्नी मे गुप्त रुप से रिकॉर्ड की गई टेलीफोनिक बातचीत साक्ष्य के रूप मे स्वीकार है📢
Supreme Court
Vibhor Garg Vs. Neha
Special Leave Petition (Civil) No.21195 of 2021
on 14 July, 2025
2025 INSC 829
✍️सेशन कोर्ट गवाही रिकॉर्ड करते समय गवाह को सीधे अतिरिक्त दस्तावेज पेश करने की या नया दस्तावेज रिकॉर्ड पर लाने की इजाजत नही दे सकता है📢
MADHYA PRADESH HIGH COURT
Sunil Vs. State of M.P.
Misc.Cri. Case No.46527/2023
Subodh Abhyankar, J.
Decided On: 21.09.2024
2024:MPHC-IND:29173
✍️ एक सास(Mother in law) द्वारा दायर मोटर दुर्घटना क्लेम याचिका जो अपने मृत दामाद पर आश्रित थी पोषणीय (maintainable) है📢
Supreme Court
N.Jayasree Vs. Cholamandalam Ms General Insurance
CIVIL APPEAL NO.6451 OF 2021
on 25 October 2021
Equivalent citations: AIRONLINE 2021 SC 923
✍️यदि वाहन बेचने के बाद रिकॉर्ड मे नाम परिर्वतन नही करवाया तो वाहन दुर्घटना होने पर मुआवजा पंजीकृत स्वामी को ही देना होगा📢
Supreme Court
Naveen Kumar Vs. Vijay Kumar And Ors
D/d.-06 February, 2018
Bench: D Y Chandrachud, A M Khanwilkar, Dipak Misra
citations: AIR 2018 SC 983
म.प्र.हाईकोर्ट रूल्स एंड ऑर्डर (क्रिमिनल) का नियम-532, जिसके अंतर्गत किसी भी अधिवक्ता को न्यायालय के रिकॉर्ड/फाइल/प्रकरण चाहे वह गतिशील हो या निराकृत हो चुका हो, उसे देखने का या निरीक्षण करने का पूरा अधिकार होता है
✍️सोशल मीडिया मे जमानत होने की खुशी मनाना जमानत कैंसिलेशन का आधार नही हो सकता है जब तक कि आरोपी द्वारा दी गई किसी भी धमकी के बारे मे पुलिस को कोई शिकायत नही की गई हो🔉
HIGH COURT OF DELHI
ZAFEER ALAM Vs. STATE NCT OF DELHI
CRL.M.C.5698/2025
D/d-19.08.2025
JUSTICE RAVINDER DUDEJA
✍️एलएमवी ड्राइविंग लाइसेंस धारक परिवहन वाहन(Transport Vehicle)भी चला सकता है जिसका वजन 7500 किलो ग्राम से अधिक न हो इसके लिए अलग से अनुज्ञप्ति की आवश्यकता नही है📢
Supreme Court
M/S. BAJAJ ALLIANCE GENERAL INSURANCE CO. LTD Vs. RAMBHA DEVI
Civil Appeal No. 841/2018
D/d:06/11/24
✍️वाहन का पंजीकृत स्वामी (registered owner)ने यदि वाहन को बेच दिया है लेकिन RTO मे वाहन स्वामी का नाम परिवर्तन नही करवाया गया है तो वाहन दुर्घटना होने पर मुआवजा पंजीकृत स्वामी को ही देना होगा📢
Supreme Court
Naveen Kumar Vs. Vijay Kumar
CIVIL APPEAL NO. 1427/2018
D/d.-06.02.2018