इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में धार्मिक नगरी उज्जैन में मुख्यमंत्री मोहन यादव के रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों द्वारा बड़ी मात्रा में जमीन खरीदने का बड़ा खुलासा किया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि उज्जैन मास्टर प्लान और सिंहस्थ मेला 2028 को लेकर प्रस्तावित इंफ्रास्ट्रक्चर, खासकर सड़कों के आसपास, मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्यों द्वारा बड़ी मात्रा में जमीन खरीदी गई।
मास्टर प्लान के तहत कृषि भूमि को व्यावसायिक या आवासीय भूमि में बदला जा रहा है। खुलासा यह है कि मास्टर प्लान के सार्वजनिक होने से पहले ही परिवार ने उन स्थानों पर जमीन खरीदी, जिन्हें आगे चलकर व्यावसायिक या आवासीय उपयोग के लिए परिवर्तित किया जाना था।
रिपोर्ट बहुत विस्तार से इस पूरे मामले की पड़ताल करती है। रिपोर्ट को देखकर या सुनकर आसानी से इस निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है कि यह सब महज संयोग नहीं है।
उज्जैन को विकसित करने के मास्टर प्लान के समानांतर मोहन यादव का परिवार भी विकसित होता दिखाई दे रहा है।
देखना होगा कि इतने बड़े आरोपों के बाद भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की क्या प्रतिक्रिया होती है।