मुख्यमंत्री जी दावा करते रह गये कि माफ़िया-बदमाश उप्र छोड़कर चले गये हैं; यहाँ तो उल्टा हो गया दूसरे राज्यों के गैंग-बदमाश बीसों राउंड गोलियाँ चलाकर, हत्या करते हुए उप्र में आ गये हैं।
उनकी गैंग का नाम भी उप्र के किसी नामी-गिरामी से मिलता जुलता है। ये रिश्ता क्या कहलाता…
गोलियाँ अपने प्रदेश के एक निर्दोष युवा को ही नहीं, कोतवाली क्षेत्र में उप्र की क़ानून-व्यवस्था को भी मारी गईं हैं। बेख़ौफ़ हत्यारों के हौसले सातवें आसमान पर हैं क्योंकि उन्हें सत्ता सजातीयों को प्रश्रय देकर बचानेवाला और झूठे एनकाउंटर करवाकर पुलिस को भ्रष्ट बनानेवाला उप्र भाजपा सरकार का भ्रष्ट शासन अपना-सा लगता है।
गुनाहों में ‘किसी’ की साझेदारी है
इसीलिए इतनी बेशर्म पर्दादारी है!
BJP का अब एक ही सपना है।
संविधान और आरक्षण खत्म करना।
देखिए अटल जी ने संविधान समीक्षा आयोग बनाया था जिसका विरोध करते हुए चंद्रशेखर जी ने सदन में कहा था “किसी आयोग के जरिये संविधान में हस्तक्षेप संसद और संविधान की मर्यादा के ख़िलाफ़ है”
BJP को सत्ता से हटाना होगा, वरना न तो संविधान बचेगा, न ही आरक्षण।
जिस किताब को छापने मे Penguin World को कोई समस्या नहीं है,उसको लेकर penguin India झूठ बोल रहा है।दरअसल कहानी कुछ और है।कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को लेकर कई महत्वपूर्ण तथ्य लिखे हैं, दूसरा चीन ने कैसे देश की जमीन पर क़ब्ज़ा किया और संघ ने कैसे देश के संस्थानों को नियंत्रित किया है।असली समस्या Belonging में लिखी इन बातों से है।
यदमुल्ला जी झारखंड के मुद्दे पर तुम्हारे मुंह में दही जम गया था यह सच्चाई है राजनीति चमकाने बंद करिए 2027 के विधानसभा चुनाव में वह दुर्गति तुम्हारी पार्टी का होगा देख लीजिए
संसद में जवाब देने के लिए सरकार जो समय-सीमा तय करना चाहती है, वो स्वयं में अलोकतांत्रिक है। दरअसल ये जवाब नहीं होगा, थोथा बयान होगा।
सच तो ये है कि भाजपा चाह ही नहीं रही है कि कोई जवाब दिया जाए, वो तो सत्र का समापन करने के लिए उतावली है। ज़िम्मेदारी और जवाबदेही समय की किसी शर्त से नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व के तर्क से निभाई जाती है।
ये कोई जिज्ञासा के सतही समाधान की औपचारिकता नहीं है बल्कि ‘भगवान और इंसान’ दोनों के साथ दुर्व्यवहार व दुर्भावना का बेहद गंभीर मुद्दा है।
देश भाषण सुनने के मूड में नहीं है!
जब बीमारी ROOT में है तो FRUIT के इलाज से कोई नहीं माननेवाला।
देश में हर समस्या की एक ही जड़ है, जो गई अड़ है : नाम तो सुना होगा ‘BJP’
NO FAST TRACK; BJP GO BACK!
#No_More_BJP#नहीं_चाहिए_भाजपा
कनाट प्लेस की सभी दुकानों को आज शाम 6.30 pm बंद करने के आदेश।
जबरदस्त सिक्योरिटी। ढेर सारी एम्बुलेंस। क्या मोदी सरकार आज फिर जंतर मंतर पर अपने बच्चों पर बर्बर हमला करेगी?
प्रिय छात्रों और अभिभावकगण,
जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने की युवाओं और उनके अभिभावकों की मुहिम में, हम सब पूरी तरह से आपके साथ हैं।
बदले की भावना में जल रही भाजपा सरकार जौहर यूनिवर्सिटी को अपनी संकीर्ण राजनीति का शिकार बनाने की कोशिश न करे। इस दुर्भावनापूर्ण पक्षपाती फ़ैसले के ख़िलाफ़, हमारे साथ हमारा छोटे-से-छोटा कार्यकर्ता, समर्थक, बड़े-से-बड़ा नेता और वो सब हज़ारों बच्चे व उनके मेहनतकश माता-पिता भी हैं जिनके सपने पर बुलडोज़र चलाने की निकृष्ट कोशिश भाजपा सरकार कर रही है।
हर विश्वविद्यालय शिक्षा का मंदिर होता है, हम ‘शिक्षा के मंदिर’ को बचाने के लिए देश भर से अपील करते हैं कि वो हमारे साथ आएं। विश्वविद्यालय में हर समाज के बच्चे पढ़ते हैं, क्या भाजपा अब हर समाज के युवाओं के विरुध्द हो गई है। भाजपा का अहंकार ही ये सब गलत काम करा रहा है। अगर कहीं कुछ काग़ज़ी कमी है भी तो उसके काग़ज़ पूरे करके यूनिवर्सिटी को बचाया जाए और स्टूडेंट्स के भविष्य को भी। यहाँ ग़रीबों के बच्चे पढ़ते हैं, जिनके पास इतना पैसा नहीं होता कि वो भाजपाइयों की तरह अपने बच्चों को महँगे विश्वविद्यालय या विदेशों में पढ़ा सकें। जिनके न परिवार हैं न बच्चे,वो परिवारवालों का दर्द क्या जानें। अगर भाजपा के मन में बच्चों, युवाओं, उनके परिवार-परिजनों व समाज के लिए रत्ती भर भी सहानुभूति होती तो वो ज़ुल्म और नाइंसाफ़ी से भरी इस विध्वंसक कार्रवाई का तत्काल कोई विकल्प ढूँढती।
सच तो ये है कि भाजपा शिक्षा के ही विरुद्ध है क्योंकि शिक्षित लोग जागरूक और प्रगतिशील होते हैं , वो अन्याय के ख़िलाफ़ आवाज़ भी उठाते हैं और सवाल भी, जो दक़ियानूसी सोचवाली दमनकारी भाजपा की सत्ता को जरा भी रास नहीं आता है। इसीलिए भाजपाई और उनके संगी-साथी, गाँव-गाँव में प्राथमिक विद्यालय तथा अन्य स्थानों पर विश्वविद्यालय तक बंद करवाने की भूमिगत योजना बनाते रहते हैं। भाजपाई जानते हैं कि पढ़-लिखकर लोग नौकरी-रोज़गार माँगेंगे, जो भाजपा सरकार देना ही नहीं चाहती है। नौकरी-भर्ती भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं। जब हमारे प्राइमरी स्कूल बंद किये गये तो हमारे सजग शुभचिंतकों ने ‘पीडीए पाठशाला’ खोलकर, भाजपाई साज़िश नाकाम कर दी थी, इसीलिए अब उनके निशाने पर यूनिवर्सिटी आ गई है।
जौहर यूनिवर्सिटी पर हो रहा ये हमला, हर समाज के विद्यार्थियों के विरुध्द भाजपाई संगी-साथियों की एक बेहद घिनौनी साज़िश है। उन अपंजीकृत लोगों के अपने सभी स्कूल-विद्यालय चल रहे हैं लेकिन दूसरों पर प्रतिशोध की भावना से एकतरफ़ा कार्रवाई का षड्यंत्र रचा जा रहा है।
अति निंदनीय!
आपका
अखिलेश
पूज्य शंकराचार्य जी की बात का हम 100% समर्थन करते हैं।
अधर्मी भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों ने पहले अयोध्या को लूटकर बर्बाद किया अब झूठ प्रसारित करके बदनाम कर रहे हैं। इससे अयोध्या का संत-महंत समाज बेहद आहत और आक्रोशित है। अयोध्यावासियों को लग रहा है कि ये महापापी भाजपाई अयोध्या के मान-सम्मान से न जाने किस जन्म का बदला ले रहे हैं।
हर आस्थावान कहे आज का
अब कभी न चाहिए भाजपा!
अयोध्या के मंदिर से ‘चढ़ावा, चंदा, दान चोरी’ का समाचार समस्त विश्व में फैल चुका है। दुनिया के विभिन्न देशों में रहनेवाला सनातनी भाजपा और उनके संगी-साथियों के कृत्यों से हो रही बदनामी की वजह से शर्मसार हैं और इसलिए आहत भी कि उन्होंने भी मंदिर में दान-चंदा भिजवाया था या स्वयं आकर चढ़ाया था। इस प्रकरण से सम्पूर्ण विश्व में सनातन समाज आक्रोशित है क्योंकि धर्म के साथ देश को भी भाजपाई अधर्मियों के कारण अपयश का शिकार होना पड़ रहा है।
दुनिया भर के निवेशक भी अब अपना हाथ खींच रहे हैं क्योंकि उन्हें लग रहा है कि ऐसी सरकार का क्या भरोसा जिसने अपने भगवान के दानपात्र तक को नहीं छोड़ा, वो कल को हमारे निवेश को क्या छोड़ेगी। भाजपा सरकार ने अपनी धार्मिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक विश्वसनीयता पूरी तरह खो दी है।
राम लला अवैध क़ब्ज़ेदार हैं हमने रामभक्तों पर गोलियाँ चलाई सीना ठोक के कहते हैं इसके लिए चाहे आप हमारे नेता को “मुल्ला मुलायम” कहो या “मौलाना मुलायम” हमें कोई फ़र्क़ नहीं - रामभक्त रामगोपाल जी 21 दिसंबर 1992
इस हिसाब से तो अखिलेश जी मुल्ला अखिलेश और मौलाना अखिलेश हुए ????