आज इस आवाज में दर्द है...
राजवीर सिंह चलकोई को हम सुनते रहे हैं। उनकी बोली में हमेशा एक खनक रहती है अल्हड़पन झलकता है। मैंने इस पूरे वीडियो में देखा कि वो बात कहीं भी नहीं है। क्यों?
क्योंकि हमारे आत्मसम्मान पर चोट ही हुई है
राज्यपाल महोदय ने एक आदेश जारी कर राजस्थान के सभी विश्वविद्यालयों में मराठी के केंद्र खोलने के लिए कह दिया है। दूसरी तरफ वर्षों से राजस्थानी भाषा की मान्यता के लिए संघर्ष कर रहे लोग अभी तक राजस्थान के विश्वविद्यालयों में राजस्थानी के केंद्र नहीं खुलवा पाए हैं। स्कूलों में राजस्थानी की पढ़ाई शुरू नहीं करवा पाए हैं। राजस्थान की राजभाषा नहीं बनवा पाए हैं। पीड़ा तो है। सच्ची है। झलकेगी ही। छलकेगी ही।
राजस्थान वालों के चेहरे पर ऐसा जोरदार झापड़ मारा गया है, जिसका अहसास तो हुआ है लेकिन आत्म गौरव खो चुके लोग यह तय नहीं कर पा रहे कि रिएक्ट क्या करना है और कैसे करना है। इस पीड़ा को सभी सुनें और और सोचें कि हम अभागे लोग कहां खड़े हैं?
वीडियो साभार @republic
राजस्थानी गीत-संगीत के संरक्षण एवं संवर्धन में अतुलनीय योगदान देने वाले, वीणा कैसेट्स के संस्थापक एवं ‘राजस्थान रत्न’ से सम्मानित श्री केसरी चंद मालू जी के निधन का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ।
उनका निधन राजस्थानी कला एवं संस्कृति जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपने कार्यों के माध्यम से राजस्थान की लोक संस्कृति और संगीत को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों एवं प्रशंसकों को इस कठिन समय में संबल प्रदान करें।
ॐ शांति।
“मुसाफ़िर हैं हम भी, मुसाफ़िर हो तुम भी,
किसी मोड़ पर फिर मुलाक़ात होगी…।”
रेशमी लहजे और सहज कहन के शायर पद्मश्री डॉ बशीर बद्र जी को ईश्वर के लोक की यात्रा मोक्षदा हो । ॐ शांति ॐ 🙏
वह धन्य देश की माटी है, जिसमें भामाशाह लाल पला l
उस दानवीर की यश गाथा को, मिटा सका क्या काल भला॥
राष्ट्र की रक्षा हेतु सर्वस्व अर्पण करने वाले, मेवाड़ के वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के परम मित्र, सहयोगी और विश्वासपात्र, सलाहकार, मातृभूमि के प्रति अगाध प्रेम रखने वाले दानवीर भामाशाह जी की जयंती पर कोटिशः नमन ।
प्रिय नौजवान साथियों,
आपका अटूट स्नेह, विश्वास और समर्थन मुझे हमेशा ऊर्जा प्रदान करता रहा है। आज उसी विश्वास के साथ आपसे एक छोटी सी, लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण अपील कर रहा हूँ।
वर्तमान समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सूचनाओं को साझा करने का एक मजबूत स्तंभ है इसे हम समाज को जोड़ने, सकारात्मक सोच फैलाने और अच्छे कार्यों के लिए इस्तेमाल करें। अगर आप स्वयं को मेरा समर्थक मानते हैं, तो मेरी आपसे विनम्र अपील है कि किसी भी जाति, धर्म, वर्ग या व्यक्ति विशेष के खिलाफ अमर्यादित टीका-टिप्पणी से दूर रहें।
मेरे राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी पूंजी अपणायत, भाईचारा और आपसी सम्मान रही है जो कि मुझे मेरे पूर्वजों से मिली हैं। राजनीति और वोट से कहीं ऊपर हमारा सामाजिक सौहार्द है, जिसे बनाए रखना हम सबकी सामुदायिक जिम्मेदारी है।
बीते कुछ समय से हमारी इस पावन अपणायत की धरती पर सुनियोजित तरीके से नकारात्मकता फैलाकर आपसी वैमनस्य बढ़ाने के प्रयास हो रहे हैं। लेकिन यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम अपने स्वविवेक, समझदारी और संयम का परिचय देते हुए इन प्रयासों को सफल न होने दें।
बरसों से चली आ रही भाईचारे, अपनत्व और सामाजिक समरसता की इस परंपरा को बनाए रखना ही हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।
आपका अपना,
रविन्द्र सिंह भाटी
जैन धर्म के 24वें तीर्थांकर भगवान महावीर जी ने अपने विचारों से सत्य, अहिंसा, करुणा जैसे मानवीय मूल्यों को समाज में स्थापित किया, जिस कारण वह समाज में पूजनीय और प्रतिष्ठित हुए। उनकी जयंती पर देखिये जैन धर्म एवं तीर्थांकरों से संबंधित कल्पसूत्र पांडुलिपि। (1/3)
#GyanBharatam
प्रधानमंत्री @narendramodi ने गांधीनगर में तीर्थ में सम्राट सम्प्रति संग्रहालय का उद्घाटन किया |
यह संग्रहालय जैन इतिहास और सम्राट सम्प्रति के जीवन, उनके शासन और अहिंसा के संदेश को समर्पित है, यह पहल भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को नई पहचान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
@PMOIndia | #NarendraModi #Gandhinagar #SamratSamprati #JainHistory #Culture #India
Best wishes on the sacred occasion of Bhagwan Mahavir Janma Kalyanak. The life and teachings of Bhagwan Mahavir continue to illuminate the path of truth, non-violence and compassion. His ideals are spiritually uplifting and also deeply relevant in today’s world. His emphasis on equality and kindness reminds us of our shared responsibility towards society.
भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान कुछ दिन के लिए अमेरिका प्रोग्राम करने गए थे,लोगों ने कहा यहीं रुक जाइए तो उन्होंने कहा अमा छोड़ो यार जो बात गंगा के तट की है वो और कहाँ, खान साहब का गंगा और काशी से बहुत लगाव था.... ❤️❤️❤️
गुजरात में पालीताणा का शत्रुंजय दुनिया का इकलौता पर्वत है जहां 900 से ज्यादा जैन मंदिर हैं।
पूरे पहाड़ को सबसे पवित्र तीर्थ क्षेत्र माना जाता है। यह विश्व का सबसे बड़ा मंदिर परिसर है, जिसे हवाई जहाज के दृश्य में दिखाया गया है। लेकिन फिर भी ताजमहल दुनिया का इकलौता अजूबा है।
हममें से कई लोगों ने इसके बारे में सुना भी नहीं है, देखा भी नहीं है।
क्योंकि प्रचार नहीं है। शानदार.
सोमनाथ की चर्चा सब करते है…!!
गजनवी के हमले की, लूट की चर्चा भी बहुत होती है…
लेकिन गुजरात से लौटते समय गजनवी से युद्ध करने वाले…
हमारे आराध्य देव गोगाजी की चर्चा कहीं नहीं होती…
ये बेहद दुखद है….!!!
महाराणा प्रताप जैसे युगपुरुष की प्रतापशील स्मृति को केवल एक दिवस में बाँधने की चर्चा ही असंगत लगती है। उनकी पुण्यतिथि को लेकर 19 और 29 जनवरी का असमंजस भले ही बना रहे, पर मेरे लिए इस प्रश्न ने कभी महत्व नहीं रखा क्योंकि जिनका जीवन ही स्वाभिमान की अखंड साधना था, उन्हें स्मरण करने के लिए प्रत्येक दिन स्वयं में एक पर्व है। महाराणा प्रताप इतिहास का मात्र एक स्वर्णिम अध्याय नहीं हैं, बल्कि अन्याय तथा वर्चस्ववाद के विरुद्ध खड़े हर सजग मनुष्य की चेतना का नाम हैं। शौर्य, स्वाभिमान तथा राष्ट्रधर्म के प्रतीक महान महाराणा प्रताप को सादर प्रणाम 🙏🏻
स्वतंत्रता, स्वाभिमान के वैश्विक प्रतिमान, मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी के स्मृति दिवस पर कोटिश नमन।
#महाराणा_प्रताप
यही हैं वे दिव्य चरण चिन्ह, जहाँ से जैनधर्म के 22वें तीर्थंकर नेमीनाथ भगवान ने ऊजयंतगिरी गिरनार की पाँचवीं टोंक से मोक्ष की सिद्ध दशा को प्राप्त किया था। आज उन्हीं प्रभु नेमिनाथ के मोक्ष कल्याणक दिवस पर आप सभी को सहस्त्र श्रद्धा सहित हार्दिक शुभकामनाएँ।
#JainRightToGirnar5thPeak
गुलामी की मानसिकता से बाहर निकलकर हमें अपनी विरासत और अपने आइडियाज को हमेशा आगे रखना है। स्वामी विवेकानंद जी का जीवन भी हमें यही सिखाता है।
#YoungLeadersDialogue2026
ये "पूर्व का स्विट्ज़रलैंड" कहे जाने वाला भारत का खूबसूरत पहाड़ियों वाला राज्य "नागालैंड" है।
नागालैंड में "Dzuleke" नाम का एक गांव हैं जहां दुकानों पर दुकानदार नहीं होता आप समान लीजिए और उसका भुगतान पास के box में कर दीजिए यहां सबकुछ भरोसे पर चलता है।
आपको जानकर हैरानी होगी कि यहां का AQI 15-40 के बीच होता है यानी कि एकदम शुद्ध और मीठी हवा।
नागालैंड को "त्योहारों की भूमि" भी कहा जाता हैं यहां 16 जनजातियां निवास करती हैं जिनकी अपनी अनूठी भाषा और रीति रिवाज हैं जिससे त्यौहार सालभर चलते रहते हैं।
PC - Kanishk Gupta @Nagaland_India