मध्य प्रदेश के दतिया उप चुनाव में नरोत्तम मिश्रा जो करवा रहे हैं, अगर ऐसा ही कांग्रेस के किसी नेता ने किया होता तो अब तक न्यूज एंकर कहते 👇
• कांग्रेस में फूट
• कांग्रेस में बगावत
• टॉप लीडरशिप की नहीं सुनी गई
अब मामला BJP का है तो सब चुपचाप तमाशा देख रहे हैं. @ranvijaylive
ABP News ने गोविंद गिरी से एकदम तार्किक सवाल पूछे।
“क्या आप अपनी ज़िम्मेदारी मानते हैं?”
मगर गोविंद गिरी की हालत देखिए, संत होकर आप एक जेन्युइन सवाल नहीं सह सके।
माइक फेंकने लगे।
बाद में जब कहा कि बिल्कुल ज़िम्मेदारी मानता हूँ तो रिपोर्टर ने अगला सवाल दाग़ा कि इस्तीफा देंगे?
गोविंद गिरी फिर भड़क गए।
सोचिए! कोषाध्यक्ष होने के बावजूद अपनी ज़िम्मेदारी स्वीकारने को तैयार नहीं,
और पद का मोह ऐसा कि उसे छोड़ने का स्वप्न भी बेचैन कर देता है!!
संतत्व की महान परंपरा आलीशान मंहगी गाड़ियों और सुख-सुविधा-अधिकार संपन्न जीवन शैली के गुरूत्वाकर्षण के आगे आद्योपांत नतमस्तक है!!
एक ‘स्वयंभू महामानव’ प्रधानमंत्री हैं जो कहते हैं ‘हम राम-लला को लाए हैं’
दूसरे चंदा-चढ़ावा चोरों की पार्टी के अध्यक्ष हैं जो अपने स्वागत में ‘हुनमान जी को नचाए हैं’
कैसे घोर कलयुग के दिन आए हैं !!!
ये क्या मज़ाक बना रखा है?
BJP के नेता अपने जुलूस में भगवान बजरंग बली को हाथ में BJP का झंडा देकर नचवा रहे हैं।
यही हाल रहा तो BJP, “हिंदू धर्म” खत्म करके “BJP धर्म” लागू कर देगी।
अपने नेताओं को भगवान घोषित कर उनका मंदिर बनवाएगी और देश वासियों से उनकी पूजा करवाएगी।
हिंदुस्तान की सियासत में अब "चारा चोरी" के तमगे की जगह "चंदा चोरी" लेने वाला है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्टर ने खुलासा किया है कि महाकुंभ के दौरान भी अयोध्या में श्री राम मंदिर से बड़े स्तर पर चंदा चोरी की गई थी, वो भी संगठित तरीके से.
रिपोर्ट के मुताबिक श्री राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की तरफ से अलग से स्टाफ की नियुक्ति की गई और इस स्टाफ में शामिल लोग भी ट्रस्ट के ही चुने हुए लोग थे, इसमें संबंधित सुरक्षा एजेंसी का काम सिर्फ ट्रस्ट के द्वारा चुने हुए लोगों को रोस्टर पर शामिल करना था, इससे ज़्यादा कुछ नहीं. मामले में जांच कर रही SIT अब इन पहलुओं पर भी जांच कर रही है.
सबसे अहम बात कि ये चंदा चोरी की बात दुनिया के सामने कभी नहीं आ पाती अगर मंदिर के भीतर आधिपत्य की लड़ाई में दो गुट आमने-सामने न आए होते. कथित तौर पर ये दो गुट चंपत राय और अनिल मिश्रा के बताए जा रहे हैं जिसमें फिलहाल चंपत राय के करीबी जेल तक पहुंच चुके हैं.
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जब भी कुर्सी कमजोरी होती दिखी सड़को पर लाठियों और तलवारों से करतब करने वाला अचानक से ग़रीब की झोपड़ी में खाने के वक़्त आ टपका
उज्जैन में कई प्लॉट निगलने के बाद भी ये प्रॉपर्टी डीलर इमेज का भूखा है बेचारा
नाश्ते में एक प्लॉट खाने वाले को ये ग़रीब का खाना गले कैसे उतरा होगा
‘मेरी वफ़ा का उन्हें ऐतबार तो है…’
वफ़ादारी की शायरी के लिए विख्यात राजीव कुमार अब HDFC बैंक के करोड़ों ग्राहकों, निवेशकों को शायरी सुनाएँगे। आप समझ रहे हैं, सारे अफ़सर चुनाव आयुक्त बनने के लिए क्यों बेकरार हैं। वहाँ वफ़ादारी साबित करना सबसे आसान हो गया है।
HDFC बैंक देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक है। इसके पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने मार्च में बैंक में ‘नैतिक’ नियमों के पालन न होने का हवाला देते हुए इस्तीफ़ा दे दिया था।
चक्रवर्ती ने बैंक के भीतर की कुछ घटनाओं, कार्यप्रणालियों को व्यक्तिगत मूल्यों, नैतिकता के खिलाफ बताते हुए इस्तीफ़ा दिया था।
इसके बाद राजीव कुमार की खोज हुई है।
माने अब अयोध्या भी कश्मीर बन गया है? अब राम की नगरी अयोध्या में भी विपक्ष के नेताओं को नज़रबंद कर दिया जाएगा, गिरफ्तार कर गायब कर दिया जाएगा?
क्यों भाई,
आपने राम के नाम पर कांग्रेस को सालों तक भर्त्सना सुनाई, राम मंदिर का ताला खुलवाने वाली कांग्रेस को ही हर पहर राम विरोधी बताया,
फिर जब हजारों राम भक्तों के लहू, सुप्रीम कोर्ट के निर्णय और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्थानुकूल भेंट की नींव पर प्रभु श्री राम का भव्य मंदिर खड़ा हुआ है तब वहां डाका पड़ गया? ये डाका कांग्रेस ने डाला क्या? नहीं न? हिंदू आस्था के डकैतों का संबंध तो संघ-परिषद और सत्तारूढ़ पार्टी से ही है?
फिर आज कांग्रेस नेताओं को राम मंदिर जाने से क्यों रोका जा रहा है? क्या इसलिए कि कांग्रेस के लोग प्रभु श्री राम के समक्ष नतमस्तक होकर धर्म पाखंडियों के समुचित विनाश की प्रार्थना न कर आएं?
वैसे एक बात समझ लीजिए,
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय @kashikirai या किसी भी अन्य व्यक्ति को रामलला के दर्शन से वंचित करना सीधे तौर पर अयोध्या को लेकर शास्त्रों में वर्णित मर्यादा और धर्म-नियमों का उल्लंघन है. पद्म पुराण में लिखा गया है:
देव दर्शन विघ्नं तु यः करोति नराधमः।
स याति नरकं घोरं यावच्चन्द्रदिवाकरौ॥
माने, जो अधम मनुष्य किसी के देव-दर्शन में विघ्न उत्पन्न करता है, वह तब तक घोर नरक का भागी बनता है जब तक सूर्य और चंद्रमा इस सृष्टि में हैं।
खैर, ये सब शास्त्रार्थ आज के योगीराज में वैध नहीं हैं। अरे, जब राम के नाम का चंदा लूटने वाले बड़े पंडाओं पर FIR का डंडा तक चल नहीं पाया है फिर राम के दर्शन से रोकने वालों के लिए नरक की यातना तो बहुत काल्पनिक बात हो जाएगी।
अयोध्या में रामलला के दर्शन करने और मंदिर के चढ़ावे में हुई कथित चोरी के मामले की जानकारी लेने के लिए जाने वाले कांग्रेस के डेलिगेशन को उत्तरप्रदेश प्रशासन ने नज़रबंद कर लिया है। इस प्रतिनिधिमंडल में अमेठी सांसद किशोरी लाल शर्मा, सीतापुर सांसद राकेश राठौर, प्रयागराज सांसद उज्ज्वल रमन सिंह, बाराबंकी सांसद तनुज पुनिया, फरेंदा विधायक वीरेंद्र चौधरी, पूर्व सांसद एपी गौतम, पूर्व एमएलसी दीपक सिंह और पूर्व विधायक मीता गौतम शामिल हैं।
इस बीच खबर है कि अजय राय को पुलिस ने अयोध्या के होटल से जीप में बिठा कर किसी अज्ञात जगह लेकर गई है। पुलिस का कहना है कि वो अयोध्या में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ये सब कर रही है।
वही सोच रहा हूं कि अगर कल को हजारों की संख्या में राम में आस्था रखने वाले कांग्रेस के कार्यकर्ता दानपेटी का हिसाब मांगने अयोध्या पहुंच गए तो क्या योगी सरकार भी उनपर गोलियां चलवा देगी या लाठियों से उनका सिर फोड़ कर सरयू को सुर्ख लाल कर देगी?
#Ayodhya
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक गर्भवती महिला को सड़क और पुल के अभाव में ग्रामीणों ने चारपाई पर उठाकर पथरीले नदी मार्ग से पार कराया, फिर बाइक से अस्पताल ले जाने का प्रयास किया। रास्ते में ही महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया। यह केवल एक दर्दनाक घटना नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन की विफलता का प्रमाण है। सड़क, पुल और समय पर स्वास्थ्य सुविधाएँ कोई विशेषाधिकार नहीं, बल्कि हर नागरिक का मूल अधिकार हैं। आखिर कब तक ग्रामीण भारत के लोग ऐसी अमानवीय परिस्थितियों का सामना करते रहेंगे?
दोनों वीडियो मध्यप्रदेश के हैं
सागर के सरकारी अस्पताल में 19 महीने के बच्चे की आंखों में डॉक्टर द्वारा खांसी की दवा डालने से उसकी आंखों की रोशनी चली गई
अमरवाड़ा में गर्भवती महिला को खटिया पर नदी पार अस्पताल ले जाना पड़ा क्योंकि न पुल है, न एंबुलेस, न गांव में इलाज
और मोहन यादव सैकड़ों एकड़ ज़मीन हड़पने में व्यस्त हैं !
राम मंदिर घोटाले पर...
बजरंग दल के विरोध प्रदर्शन - 00
RSS के विरोध प्रदर्शन - 00
हिंदू रक्षा दल के विरोध प्रदर्शन - 00
ये लोग खुद को हिंदू धर्म का रक्षक कहते हैं, लेकिन राम मंदिर में हुए घोटाले पर चुप रहते हैं।
राम मंदिर के नाम पर जो ट्रस्ट बना, वजूद में आते ही इसने लूटना शुरू कर दिया था।
ट्रस्ट ने मंदिर के नाम पर खरीदी गई जमीनों में खूब भ्रष्टाचार किया। दो करोड़ की जमीन 14 करोड़ में खरीदी गई। इसी तरह तमाम जमीन चार गुना, आठ गुना दाम पर खरीदी गई।
इस धंधेबाजी में संघियों-भाजपाई खूब पैसा बनाया। यह मामला सामने आया। बाकायदा मीडिया ने खबर छापी कि किसने क्या गोरखधंधा किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ऐसा लगता है कि यह ट्रस्ट अयोध्या और राम भक्तों को लूटने के लिए ही बनाया गया था।