सैनी समाज की अनदेखी भाजपा पर पड़ेगी भारी
लोकसभा चुनाव में यदि भाजपा सैनी को झुंझुनूं से टिकट नहीं देती है तो समाज उचित निर्णय लेगा। भाजपा के लिए नींव की ईंट बनकर चार बार चुनाव लडने वाले समाज को जब राजनीतिक लाभ मिलने का समय आया तो सैनी समाज को दरकिनार किया जाने लगा है।
सैनी समाज भाजपा का मूल वोट बैंक रहा है और इसी समाज के तीन लाख वोटों के बल पर दो बार झुंझुनूं से भाजपा जीती है। विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने सैनी समाज की अनदेखी की,जिसका परिणाम सबके सामने है। यदि अब भी पार्टी नहीं समझती है तो यह पार्टी की बहुत बङी भूल होगी।
जो व्यक्ति वार्ड पंच का चुनाव तक नहीं जीत सकता, उसको अशोक गहलोत जी ने OSD के लायक समझा! RYMP की भर्ती से अपने पसंद के सीधे 200 लड़के लेकर अपनी साथ रखकर अपना प्रचार ���रवाना! आपका ही काम था! आप जैसे जयचंदों की वजह से चुनाव हार गए वरना ऐसा नहीं होता! खैर! जनता का जनादेश सर्वोपरि है।
@BanshiDharSain5@_lokeshsharma@ashokgehlot51 इसने नीचे नीचे गहलोत की जड़े काटी है।गहलोत ने इसपर आँख बंद करके भरोसा किया था।इसने गहलोत समर्थित सोशल मीडिया पेज चलाने वालों को गहलोत के क़रीब ही नहीं जाने दिया।सबको धीरे धीरे खत्म कर दिया।