BJP-RSS कुछ भी कर ले, देश के युवा उनका सच जानते हैं। जिन लोगों को BJP-RSS का सच और इनकी नीयत नहीं पता थी, उन्हें अब पता चल चुकी है।
देश की आजादी की लड़ाई सत्य, अहिंसा पर आधारित थी और इसमें RSS का कोई योगदान नहीं था।
BJP-RSS के लोग कितनी भी घृणा, हिंसा और फूट फैलाने की कोशिश कर लें, वो देश की आत्मा से भाईचारे-एकता की प्रेरणा नहीं निकाल सकते।
: कांग्रेस महासचिव एवं सांसद श्रीमती @priyankagandhi जी
सरदार मनमोहन सिंह जी को क्लीन चिट मिली,
लेकिन अफसोस ये लम्हा उनकी मौत के 2 साल बाद आया, जब तक जीवित थे, भाजपाइयों ने गोदी मीडिया के साथ मिलकर खूब कीचड़ उड़ाया। आज सब खामोश है।
एप्स्टीन ने मोदी से संबंध बताते जो ईमेल की है उसकी कड़ियाँ जोड़िये
जून 2017 में मोदी अमेरिका गए, ट्रम्प से मिले
जुलाई 2017 में इज़राइल जाकर अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए नाचे गाये
फिर कुछ काम बन गया
एप्स्टीन जैसे घिनौने आदमी से देश के PM का संबंध क्यों है?
जवाब देना पड़ेगा
मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी, हम राहुल गांधी जी के बब्बर शेर हैं, आपकी लाठी और पानी की बौछार से डरने वाले नहीं।
📍 सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग के विरोध में भाजपा कार्यालय घेराव, भोपाल
बच्चों को खून के साथ #HIV दे दिया गया।
यह हादसा नहीं, सरकारी लापरवाही का अपराध है।
डोनर गायब, रिकॉर्ड अधूरे, जांच देर से —
और कीमत मासूम बच्चे चुका रहे हैं।
सतना, छिंदवाड़ा, इंदौर —
MP की स्वास्थ्य व्यवस्था खुद ICU में है।
जिम्मेदारी तय करो। FIR करो।
पीड़ित बच्चों को न्याय दो।
आज मैं अपनी प्रोफाइल पिक्चर (DP) बदलकर #SaveAravalli अभियान का हिस्सा बन रहा हूँ। यह सिर्फ एक फोटो नहीं, एक विरोध है उस नई परिभाषा के खिलाफ जिसके तहत 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों को 'अरावली' मानने से इंकार किया जा रहा है। मेरा आपसे अनुरोध है कि अपनी प्रोफाइल पिक्चर बदलकर इस अभियान से जुड़ें:
अरावली के संरक्षण को लेकर आए इन बदलावों ने उत्तर भारत के भविष्य पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। यह निर्णय हमारे अस्तित्व के लिए खतरनाक है क्योंकि:
1️⃣ मरुस्थल एवं लू के खिलाफ दीवार: अरावली कोई मामूली पहाड़ नहीं, बल्कि कुदरत की बनाई 'ग्रीन वॉल' (Green Wall) है। यह थार रेगिस्तान की रेत और गर्म हवाओं (लू) को दिल्ली, हरियाणा और यूपी के उपजाऊ मैदानों की ओर बढ़ने से रोकती है। अगर छोटी पहाड़ियाँ (Gaping Areas) खनन के लिए खुल गईं, तो रेगिस्तान हमारे दरवाज़े तक आ जाएगा और गर्म हवाएं तापमान को बढ़ा देंगी।
2️⃣ प्रदूषण से रक्षा: ये पहाड़ियाँ और यहाँ के जंगल NCR और आसपास के शहरों के 'फेफड़ों' (Lungs) की तरह काम करते हैं। ये धूल भरी आंधियों (Dust Storms) को रोकते हैं और जानलेवा प्रदूषण को कम करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं। दिल्ली और आसपास के इलाके में अरावली के बावजूद इतनी गंभीर स्थिति है तो अरावली के बिना कैसी स्थिति होगी, उसकी कल्पना करना भी वीभत्स है।
3️⃣ भूजल (Groundwater): अरावली हमारे लिए पानी का मुख्य रिचार्ज ज़ोन है। अरावली की चट्टानें बारिश के पानी को ज़मीन के भीतर भेजकर भूजल रिचार्ज करती हैं। अगर पहाड़ खत्म हुए, तो भविष्य में पीने के पानी की गंभीर कमी का सामना करना पड़ेगा,जिससे वन्यजीव लुप्त होने की कगार पर आ जाएंगे तथा इकोलॉजी को खतरा होगा।
वैज्ञानिक सच यह है कि अरावली एक निरंतर शृंखला (Continuous Chain) है। इसकी छोटी पहाड़ियाँ भी उतनी ही अहम हैं जितनी बड़ी चोटियाँ। अगर दीवार में एक भी ईंट कम हुई, तो सुरक्षा टूट जाएगी।
📢 हमारी अपील:
हम केंद्र सरकार और माननीय सुप्रीम कोर्ट से विनम्र निवेदन करते हैं कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए इस परिभाषा पर पुनर्विचार (Reconsider) करें। अरावली को 'फीते' या 'ऊंचाई' से नहीं, बल्कि इसके 'पर्यावरणीय योगदान' (Ecological Impact) से आंका जाए।
#SaveAravalli
पत्रकार - हम आपके भाई है
नेपाली लोग - हमको पता है तुम गोदी मीडिया को सरकार के दलाल हो
पत्रकार - हम आपके साथ है
नेपाली लोग - तुम अपने देश वालो के तो हो जाओ पहले फिर हमारे होना
Note - कुटाई होते होते रह गई इसका दुख है मुझे 😂✊
वोट चोरी ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ के बुनियादी लोकतांत्रिक सिद्धांत पर हमला है।
स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के लिए साफ़-सुथरी मतदाता सूची अनिवार्य है।
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ये लड़ाई लोकतंत्र की रक्षा की है।
कांग्रेस पार्टी की नींव हैं- जिला अध्यक्ष। उन्हें मजबूती दी जाएगी और उनके आधार पर संगठन सृजन होगा।
गुजरात के आणंद में हुए 'संगठन सृजन अभियान' की कुछ झलकियां