विभागीय कार्य हेतु कॉन्ट्रैक्टर के बाइक से साइट जा रहे रामगढ़ नगर परिषद जेई रोहित रमन रमण दास (बोकारो चास निवासी) का सड़क दुर्घटना में निधन हो गया।
मांग:
1.तत्काल मुआवजा मिले।
2.उनके भाई को अनुकंपा पर नौकरी मिले।
3.झारखंड के सारे ULB में वाहन की संख्या बढ़ाई जाए।
@HemantSorenJMM
माननीय मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी,
RCD की समीक्षा बैठक में झारखंड के इंजीनियरों की गुहार सुनिए। Advt 05/2019 के बाद से कोई भर्ती नहीं आई। RTI के मुताबिक 464+ AE पद खाली हैं।नई नियमावली पास है,फिर देरी क्यों?
कृपया JPSC AE नई वैकेंसी तुरंत जारी करने का आदेश दें!🙏
#JPSC_AE
हेमंत सरकार ने एक नन्हीं जान को बचाने के लिए नौ करोड़ रुपये की स्वीकृति कैबिनेट से दी है. गिरिडीह जिले में पदस्थापित सब इंस्पेक्टर अभिजीत कुमार की 14 महीने की बेटी वामिका पटेल एक बेहद दुर्लभ और जानलेवा बीमारी एसएमए (Spinal Muscular Atrophy) से जूझ रही है. बच्ची के इलाज के लिए हेमंत सरकार की कैबिनेट ने नौ करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है.
Esta será una publicación muy específica, pero esperen un momento, el 99% de las personas caminan con una cadena frontal tensa y acortada y, más específicamente, el psoas se bloquea extremadamente y eso arruina su cuerpo mucho más de lo que cree, incluida su postura y patrón de respiración.
Hilo🧵
Hon’ble @HemantSorenJMM & @kumarsudivya Sir 250+ Junior Engineers selected through JDLCCE-2023 (Regular) via one common exam & advt. are facing unequal service conditions. Same post,same level yet denied GPF,OPS & regular status. Kindly intervene for justice.
#JusticeFor_UDHD_JEs
मुख्य बात: अविनाश कुमार ने 30 सितंबर 2025 को अलका तिवारी की सेवानिवृत्ति के बाद मुख्य सचिव का पद संभाला।
अविनाश कुमार के मुख्य सचिव बनने से पहले वे झारखंड के ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव (Additional Chief Secretary) के रूप में कार्यरत थे।
वे झारखण्ड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (JUVNL) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (CMD) के पद पर भी थे।
उनके पास झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) के प्रबंध निदेशक का भी कार्यभार था।
#Jharkhand #Scam
एक ओर अनुभवी अधिकारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं, दूसरी ओर हज़ारों युवा इंजीनियर रोजगार की प्रतीक्षा में हैं। लगभग 470 सहायक अभियंता पद रिक्त पड़े हैं। अगर यही सही समय नहीं है नियुक्ति का, तो फिर कब होगा? झारखंड के युवाओं को न्याय मिले।@HemantSorenJMM@JMMKalpanaSoren@Avinash_IAS_jh
@HemantSorenJMM माननीय मुख्यमंत्री महोदय किसी भी राज्य के निर्माण में अभियंताओं की भूमिका आदिकाल से लेकर वर्तमान तक अहम रही है। विगत 9 वर्षों से अभियंत्रण नियुक्ति नियमावली के प्रक्रियाधीन होने के कारण पिछले 6 वर्षों से सहायक अभियंता की नियुक्ति अधर में है और राज्य के मेधावी और युवा अभियंता का महत्वपूर्ण समय व्यतीत हो रहा है। विनम्र अनुरोध है कि माननीय उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश के आलोक 19 दिसम्बर के तय सीमा तक झारखंड अभियंत्रण नियुक्ति नियमावली को कैबिनेट से पारित किया जाना है। राज्य के अभियंत्रण संवर्ग के युवा द्वारा @The_FollowUp के कार्यक्रम में भी माननीय मंत्री के संज्ञान में झारखंड अभियंत्रण नियुक्ति नियमावली का विषय केद्र में लाने की कोशिश कर रहे हैं जिस से नियुक्ति के नए मार्ग खुलेंगे ।उम्मीद है आप विशिष्ट रूप से इसका संज्ञान लेंगे जिस से युवा अभियंताओं को बेहतर अवसर प्राप्त होंगे ।
@JMMKalpanaSoren@YogendraGomia@hafizulhasan001@DipikaPS@kumarsudivya@ShilpiNehaTirki@IrfanAnsariMLA@sunny_sharad@prabhatkhabar@DainikBhaskar@JagranNews@Live_Hindustan@htTweets@22scopenews@news11bharat
2016 की नियुक्ति नियमावली पर 9 वर्षों से लगी रोक ने हज़ारों अभियंताओं के भविष्य को अनिश्चित कर दिया है। राज्य के विकास के लिए अभियंताओं को न्याय मिलना ज़रूरी है। सरकार से विनम्र निवेदन है कि शीघ्र निर्णय लेकर नियमावली लागू करें, ताकि नियुक्ति और पदोन्नति का रास्ता खुले।
#JPSC_AE
झारखंड अभियंत्रण नियुक्ति नियमावली 2016, विगत 9 वर्षों से माननीय उच्च न्यायालय के द्वारा लगाए गए रोक एवं संशोधन की प्रत्याशा में लंबित पड़ी हुई। कारणवश सहायक अभियंता की नई नियुक्ति का सृजन एवं उच्चतर पदों पर प्रोन्नति में बाधाएँ बनी हुई है। @HemantSorenJMM माननीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध है कि राज्य के रजत जयंती वर्ष पर राज्य के सभी अभियंताओं को निर्विवादित झारखंड अभियंत्रण नियुक्ति नियमावली देने का कष्ट करे जिस से नियुक्ति एवं प्रोन्नति के माध्यम प्रशस्त हो एवं राज्य के विकाश में उत्प्रेरक का काम करे। @JMMKalpanaSoren@_YogendraYadav@kumarsudivya@ShilpiNehaTirki@hafizulhasan001@DipikaPS@deepakbiruajmm@roysaryu@yourBabulal
मैं ज़िंदगी में ये 12 काम कभी नहीं करूँगा (12th सबसे मजेदार है)
1.कभी धूम्रपान या वेप नहीं करूँगा – कैंसर तो सबसे छोटी चिंता है, यह पेट, मुँह, रक्तसंचार, मूत्राशय, दिल और दिमाग सबको बुरी तरह प्रभावित करता है।
2.कान के अंदर कभी ईयरबड्स नहीं डालूँगा – नलिका को चोट पहुँचती है। कान को पानी से साफ करूँगा और ज़रूरत पड़ने पर ENT डॉक्टर से मिलूँगा।
3.कभी फल को खाने के साथ नहीं लूँगा – सही पाचन के लिए फल हमेशा अलग खाऊँगा।
4.वयायाम कभी नहीं छोड़ूँगा – हफ़्ते में कम से कम 4 दिन, सिर्फ़ 30 मिनट तेज़ चाल भी पर्याप्त है।
5.देर रात खाना कभी नहीं खाऊँगा – रात का देर से खाना ज़हर जैसा है।
6.दिन की शुरुआत कभी चाय, कॉफी, ACV या एनर्जी ड्रिंक से नहीं करूँगा।
7. खुद को कभी अपमानित नहीं करूँगा – हाँ, रचनात्मक आलोचना ज़रूरी है।
8.मोबाइल लेकर बिस्तर पर कभी नहीं सोऊँगा – दिमाग और नींद पर सबसे बुरा असर पड़ता है।
9.कभी लो-कैलरी डाइट पर नहीं जाऊँगा – मैं किसी भी डाइट ट्रेंड को फॉलो नहीं करूँगा।
10.अपने मन की बात कभी भीतर नहीं दबाऊँगा – दबे जज़्बात बीमारियाँ लाते हैं।
11.लिखना कभी नहीं छोड़ूँगा – यह डिजिटल युग में खोती हुई कला है, रोज़ लिखना मन और दिमाग दोनों को मज़बूत करता है।
12. कभी हर समय “healthy खाने” के पीछे नहीं भागूँगा – हाँ, कभी-कभी चाट, समोसा, मिठाई भी ज़रूरी है। पर्फ़ेक्शनिज़्म ही सबसे बड़ी बीमारी है!
यह सिर्फ़ आदतें नहीं हैं, ये मेरी लाइफ़स्टाइल प्रिस्क्रिप्शन हैं।
👉 आखिर तक पढ़िए और बताइए – आप इनमें से कौन-सी आदतें है आपमें????
Make her famous. It is our duty to stand by the rare officers who dare to do their job fearlessly. She has put her future on the line for us. Let us reciprocate by standing with her!! 🫡🙏🙌🏽🙌🏽
"प्रतिभाएँ केवल आलोचना से नहीं मरतीं, बल्कि लगातार मिलती रही सस्ती तालियों से भी दम तोड़ देती हैं।
क्योंकि सुविधाओं पर बजने वाली तालियाँ, अक्सर हुनर के सामने रखा आईना हटा देती हैं।"
विस्थापितों को सुविधा और सुरक्षा मुहैया कराने को लेकर @HemantSorenJMM सरकार की पहल…
झारखण्ड राज्य विस्थापन एवं पुनर्वास आयोग (गठन, कार्य एवं दायित्व) नियमावली 2025 को मंज़ूरी।