“सच्चा गुरु वही होता है, जो अपने शिष्य को पूर्णतः स्वतंत्र बनाता है, केवल अपना अनुयायी नहीं।”
आज गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मैं पत्रकारिता क्षेत्र में मेरे गुरु @sharatjpr को सादर नमन करता हूँ, जिन्होंने उपनिषदों की परंपरा की भाँति स्नेहपूर्वक अपने समीप बैठाकर मुझे अज्ञान से ज्ञान की ओर अग्रसर होने का मार्ग दिखाया और निरंतर मेरा मार्गदर्शन करते रहे।
पत्रकारिता के इस पावन पेशे में आप वही गुरु हैं, जिन्होंने मेरे भीतर निहित प्रतिभा और गुणों को पहचानकर उन्हें आलोकित किया तथा मुझे नई दिशा और नई राह प्रदान की। आपका स्नेह, प्रेरणा और मार्गदर्शन मेरे लिए सदैव अमूल्य रहेगा।
गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं सभी गुरुजनों को कोटिशः प्रणाम।
प्रिय दिल्ली पुलिस कुछ पता चला इनका। वर्ना लोग प्रदर्शनों में इनकी तरह कपड़े में जाने लगेंगे और लाठी लेकर भी। आपको लगेगा कि पुलिस ही पुलिस आई है। जनता तो आई नहीं। सोशल मीडिया में इस तरह के पोस्टर चल रहे हैं।
भारत के निर्दोष छात्रों पर हमला करने वाले अधिकारी ध्यान रखें
संविधान ही आपका मालिक है। सत्ता हमेशा के लिए नहीं रहती। जवाबदेही ज़रूर तय की जाएगी
: राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष
20 जुलाई को हुए कॉकरोच जनता पार्टी के संसद चलो मार्च पर चप्पल पहनकर, बिना वर्दी के एक व्यक्ति प्रदर्शनकारियों पर डंडे भांज रहा था.
लल्लनटॉप के पत्रकार अभिलाष ने सवाल किया तो केवल सवाल पूछने की वजह से ही रिपोर्टर को लाठी मार दी गई.
इसके बाद पुलिस ने भी लाठी मारने वाले का बचाव किया और बदतमीज़ी करते हुए माइक जमीन पर फेंक दिया.
@DelhiPolice
CJP | Delhi Police | Reporter
इन सुरक्षा कर्मियों को किसने कहा था इस धरना प्रदर्शन को बदनाम करने के लिए खुद के डंडे से गाड़ियों के शीशे तोड़फोड़ करो ??
क्या यह आदेश गृहमंत्री अमित शाह जी को पता हैं ??
स्विगी - जोमेटो के जरिए देश भर से जंतर मंतर के प्रदर्शनकारियों के लिए खाना भेज रहे हैं लोग .
खाना भेजने वाले को नहीं पता कि उनका भेजा खाना कौन खा रहा है और खाने वाले को नहीं पता कि कौन भेज रहा है.
पूरी रिपोर्ट मेरे यूट्यूब चैनल पर
ये लोग कौन हैं ? इनकी क्या पहचान है? पुलिस की किस शाखा के हैं जो लाठी लेकर बैठे हैं। पुलिस कवर करने वाले पत्रकारों को पता होगा बस उनके संपादक छापने की हिम्मत कर पाएँ । उम्मीद है दिल्ली पुलिस जवाब देगी।
मुझे गर्व था कि Anjana Om Kashyap मेरे जिले से आती हैं.
लेकिन वो झालमुड़ी पर न्यूज तो बनाती हैं पर प्रोटेस्ट कवर नहीं करतीं.
अंजना तुम्हें शर्म आनी चाहिए!!