सत्य और सत्याग्रह - दोनों से डरती है मोदी सरकार।
मध्य प्रदेश के आदिवासी भाई-बहन जल सत्याग्रह और भूख हड़ताल पर इसलिए बैठे थे क्योंकि केन-बेतवा परियोजना में उनकी ज़मीन छीन ली गई, लेकिन उन्हें न न्यायपूर्ण मुआवज़ा मिला और न सम्मानजनक पुनर्वास।
"सत्य" यह है कि आदिवासी देश के पहले मालिक हैं - जल, जंगल और ज़मीन पर सबसे पहला हक़ उन्हीं का है।
और उनका "सत्याग्रह" इसलिए है क्योंकि वही हक़ आज उनसे छीना जा रहा है।
अपने अनोखे तरीके से उनकी मांग बस इतनी है कि गुज़र-बसर करने के लिए उचित सहारा तो दो - वरना जिंदगी तो चिता के ही समान है।
मगर यह भी भाजपा सरकार को मंज़ूर नहीं। उनकी बात सुनने के बजाय पुलिस बल से उनका शांतिपूर्ण विरोध भी कुचला जा रहा है।
हम अपने आदिवासी भाई-बहनों के साथ हैं। उन्हें न्याय दिला कर रहेंगे - मुआवज़ा और पुनर्वास तो देना ही पड़ेगा।
Credits for video: Shiksha Pareek and Lok Singh
@faeloreeah @lok_singh_
राज्यसभा केवल प्रतिनिधित्व का मंच नहीं, बल्कि अनुभव, दृष्टि और जनभावनाओं को राष्ट्रीय विमर्श तक पहुँचाने का माध्यम है। श्री सीताराम लाम्बा जी ने वर्षों तक संगठन और समाज के बीच एक मजबूत सेतु के रूप में कार्य किया है।
राजस्थान से राज्यसभा के लिए उनका चयन न केवल एक योग्य व्यक्ति का सम्मान होगा, बल्कि समर्पित कार्यकर्ताओं के प्रति कांग्रेस की प्रतिबद्धता का भी संदेश देगा। @sitaramlamba
#sitaramlambaforRajyaSabha
साथियों,
मैं नागौर जिले से राजस्थान युवा कांग्रेस संगठन चुनाव में जिला अध्यक्ष पद हेतु अपना नामांकन प्रस्तुत कर रहा हूँ।
आप सभी के आशीर्वाद, विश्वास और सहयोग की अपेक्षा है।
आइए, मिलकर संगठन को नई ऊर्जा और नई दिशा दें।
🙏 आपका अपना
अनिल बिश्नोई
📍 नागौर
#RajasthanYouthCongress
यूथ कांग्रेस…
राजस्थान यूथ कांग्रेस के तथाकथित सर्वेसर्वा नेता…
ये कभी नहीं चाहते कि कोई उनसे आगे निकल जाए…
जब भी कोई युवा में Potential दिखने लगता है…
उसे दबाने के प्रयास शुरू हो जाते हैं…
इन युवाओं को झूठे सपने दिखाए जाते हैं..
अथाह मेहनत करवाई जाती है…
इनका समय बर्बाद होता है, पैसा बर्बाद होता है…
भविष्य बर्बाद होता है…
लेकिन आखिर में चुनाव वही लड़ता है जिसे ऊपर से तय किया जाता है…
उत्तम चौधरी…
रितु बराला…
मनोज सूंडा…
सुधीन्द्र मूढ़…
और अब मुकुल खीचड़ को देख लीजिए…
अतीत में ऐसे सैकड़ों और उदाहरण मिल जाएँगे…
हर बार नया चेहरा सामने लाया जाता है, युवाओं में उम्मीद जगाई जाती है, मेहनत करवाई जाती है, और फिर वक्त आने पर उन्हें किनारे कर दिया जाता है…
इतिहास गवाह है जब जब Potential Candidate को मौक़ा मिला हैं…
उसने साबित करके दिखाया हैं…
2023 का चुनाव देख लिजिये…
सुधीन्द्र मूढ़ ने सिर्फ प्रदेश की युवा शक्ति और कार्यकर्ताओं के दम पर चुनाव लड़ा और अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई…
मौजूदा स्वयंभू और मास्टरमाइंड नेता केवल युवाओं की मेहनत की मलाई खा रहे हैं…
जिस दिन इन युवाओं का हाथ पीछे नहीं रहेगा…
उस दिन स्वयंभू और मास्टरमाइंड नेता भी नहीं रहेंगे…
जितने युवा नेता बने थे आज सब घर बैठ गए क्योंकि मास्टरमाइंड भाईसाहब अपने सिवा किसी को देखना ही नहीं चाहते।
और जो ये कहते है कि बिना नेता के चुनाव नहीं लड़ा जाता उनको अतीत में 2023 का चुनाव देखना चाहिए कि कैसे सुधींद्र मुंड ने केवल प्रदेश की युवा शक्ति के समर्थन से न केवल चुनाव लड़ा बल्कि मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई
#rajasthanyouthcongress
युवा कांग्रेस चुनाव का एक पहलू यह भी
चुनाव से पहले चुनाव का जमीनी विश्लेषण
एक तरफ जहां खेमेबाजी और किंगमेकर को लेकर रार ठनी हुई है
वही पिछले चुनाव से सबक लेकर एक नेताजी इस चुनाव की बिसात पिछले एक साल से बिछाने में लगे हुए है।
नेताजी को सर्वाधिक मत मिलने के बाद भी मैनेजमेंट और राष्ट्रीय नेतृत्व को साधने की असफलता के बाद कमियों को दूर करने और कारवां को मजबूत करने का काम किया जैसे कि
*सभी जिलों में सबको साथ लेकर चलने की रणनीति और प्रभारी के साथ सभी जिलों में सक्रियता से दौरे
दिल्ली से लेकर ब्लॉक तक सामंजस्य और साथ
एक गुट को एकजुट रखने की प्रभावी रणनीति
संगठन की नियुक्तियों में शक्ति प्रदर्शन
सबसे जरूरी युवा कांग्रेस से संबंधित सभी जंगी घोड़ों का एक मत में साथ
युवा कांग्रेस चुनाव में इस बार भाईसाहब की जबरदस्त घेराबंदी।
पिछली 3 कार्यकारिणी के साथ वाले लोगों को एकजुटता से रखा साथ
#HamaraBhai_Sundhindar
युवा कांग्रेस परफ़ॉर्मर लिस्ट जारी, जिसमें राजस्थान यूथ कांग्रेस की रणनीति के जादूगर कहे जाने वाले सुधीन्द्र मूढ़ ने सारे समीकरण बदल दिए है,
झुंझुनू की उदयपुरवाटी विधानसभा से आने वाले सुधीन्द्र मूढ़, पूर्व ज़िलाध्यक्ष और वर्तमान में राजस्थान युवा कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष हैं। पिछले चुनाव में 5.58 लाख वोट हासिल कर उन्होंने बड़ा जनाधार स्थापित किया था।
माना जा रहा है कि कार्यकारिणी के 60-70% सदस्य उनके करीबी हैं, और इस बार की लिस्ट में भी उनके समर्थकों की मजबूत मौजूदगी दिखी है। इससे संगठन में उनकी पकड़ और प्रभाव स्पष्ट रूप से झलकता है।
@SudhindarINC@GovindDotasra@UdayBhanuIYC@withabhinsui@SachinPilot@GovindDotasra@ashokgehlot51
युवा कांग्रेस के आगामी चुनाव को लेकर सियासी गलियारों में हलचल तेज है। एक तरफ खेमेबाजी, किंगमेकर की रेस और गुटबाजी की रार सुर्खियों में है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर एक नेताजी पिछले एक साल से चुपचाप चुनाव की बिसात बिछा रहे हैं। पिछले चुनाव से मिले सबक को उन्होंने अपनी कमजोरियों में तब्दील कर लिया और इस बार संगठन को मजबूत बनाने की मुहिम छेड़ दी। सर्वाधिक मत प्राप्त करने के बावजूद राष्ट्रीय नेतृत्व और मैनेजमेंट को साधने में आई असफलता को उन्होंने अपनी रणनीति का केंद्र बनाया। जिसके नतीजन आज उनका कारवां पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और एकजुट दिख रहा है। नेताजी ने सबसे पहले “सबको साथ लेकर चलने” की रणनीति अपनाई। सभी जिलों में सक्रियता से दौरा किया, प्रभारी के साथ मिलकर हर स्तर पर संवाद स्थापित किया। दिल्ली से लेकर ब्लॉक तक सामंजस्य बिठाने का काम उन्होंने बारीकी से किया। कोई भी गुट अलग-थलग न रह जाए, इसकी प्रभावी रणनीति बनाई गई। संगठन की नियुक्तियों में शक्ति प्रदर्शन के साथ-साथ संतुलन भी बनाए रखा गया, ताकि हर वर्ग को अपनी भागीदारी महसूस हो।लेकिन सबसे अहम कदम था युवा कांग्रेस से जुड़े सभी “जंगी घोड़े” को एक मत में लाना। पिछले तीन कार्यकारिणियों के साथ वाले अनुभवी और प्रभावशाली कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने में भाईसाहब ने जबरदस्त घेराबंदी की।
जमीनी विश्लेषण यही कहता है कि जहां ऊपरी स्तर पर खेमेबाजी की आग धधक रही है, वहीं भाईसाहब ने नीचे से ऊपर तक का खेल पहले ही सेट कर लिया है। उनका यह तरीका न सिर्फ पिछले सबक पर आधारित है, बल्कि भविष्य की चुनौतियों का भी जवाब है। युवा कांग्रेस चुनाव इस बार सिर्फ मतों की गिनती नहीं, बल्कि रणनीति, एकजुटता और जमीनी तैयारी की परीक्षा भी होने जा रहा है।और इस परीक्षा में भाईसाहब की चुपके से बिछाई गई बिसात कई लोगों की उम्मीदों से कहीं आगे निकल सकती है।
@Rajasthan_PYC
@ashokshera94 खेमेंबाज़ी और गुटबाज़ी से ऊपर उठकर अगर किसी ने लगातार कार्यकर्ताओं के बीच रहकर काम किया है, तो वो सुधींद्र मूँड़ हैं। इस बार फैसला चेहरों से नहीं, काम के बेस पे होना चाहिए और सुधींद्र मूढ़ का फैसला सर्वोपरि होगा।
युवा कांग्रेस चुनाव का एक पहलू यह भी
चुनाव से पहले चुनाव का जमीनी विश्लेषण
एक तरफ जहां खेमेबाजी और किंगमेकर को लेकर रार ठनी हुई है
वही पिछले चुनाव से सबक लेकर एक नेताजी इस चुनाव की बिसात पिछले एक साल से बिछाने में लगे हुए है।
नेताजी को सर्वाधिक मत मिलने के बाद भी मैनेजमेंट और राष्ट्रीय नेतृत्व को साधने की असफलता के बाद कमियों को दूर करने और कारवां को मजबूत करने का काम किया जैसे कि
*सभी जिलों में सबको साथ लेकर चलने की रणनीति और प्रभारी के साथ सभी जिलों में सक्रियता से दौरे
दिल्ली से लेकर ब्लॉक तक सामंजस्य और साथ
एक गुट को एकजुट रखने की प्रभावी रणनीति
संगठन की नियुक्तियों में शक्ति प्रदर्शन
सबसे जरूरी युवा कांग्रेस से संबंधित सभी जंगी घोड़ों का एक मत में साथ
युवा कांग्रेस चुनाव में इस बार भाईसाहब की जबरदस्त घेराबंदी।
पिछली 3 कार्यकारिणी के साथ वाले लोगों को एकजुटता से रखा साथ @Rajasthan_PYC@SudhindarINC
भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @UdayBhanuIYC जी को हाल ही में तिहाड़ जेल भेज दिया गया है। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने रिमांड बढ़ाने की अर्जी खारिज कर जमानत का आदेश दिया था, लेकिन जमानत की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही दिल्ली पुलिस ने सेशंस कोर्ट से उस आदेश पर स्थगन ले लिया।
हम न्यायपालिका का सम्मान करते हैं, लेकिन इसे संवैधानिक अधिकारों के हनन के रूप में देखते हैं। लोकतंत्र में आवाज उठाना अपराध नहीं हो सकता। हमारा संघर्ष संविधान की मर्यादा और न्याय की रक्षा के लिए जारी रहेगा। @IYC
हाल में ही समिट में “शर्टलेस प्रोटेस्ट” के नाम पर हमारे नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया।
लेकिन देश अब जान चुका है, यह कार्रवाई कपड़ों पर नहीं, भारत विरोधी ट्रेड डील पर पूछे गए हमारे सवालों पर थी।
जब से राहुल गांधी जी ने compromised प्रधानमंत्री द्वारा दबाव में साइन की गई भारत विरोधी ट्रेड डील पर सवाल उठने शुरू हुए, तब से सत्ता बेचैन है।
क्योंकि सरकार नहीं चाहती की किसानों, MSMEs और युवाओं के भविष्य को प्रभावित करने वाली डील पर खुली बहस हो और सच सामने आए।
यह सरकार समझौता कर सकती है,
लेकिन ना तो हम समझौता करेंगे और न देश
हमारे साथियों की गिरफ़्तारी से सच नहीं रुकेगा।
हम सवाल पूछते रहेंगे, लड़ाई लड़ते रहेंगे
और हाँ, प्रधानमंत्री जी, युवाओं का ये डर अच्छा है
सत्यमेव जयते 🇮🇳
IYC अध्यक्ष उदय भानु चिब को मिली जमानत
आधी रात में जब देश सो रहा था, न्याय पालिका दिल्ली क्राइम ब्रांच की हर साजिश को नाकाम कर रही थी, आधी रात में पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने IYC अध्यक्ष Uday Bhanu Chib की 7 दिनों की पुलिस रिमांड बढ़ाने की अर्जी दी, जिसे न्यायपालिका ने नकारते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को जमानत पर रिहा करने का फैसला सुनाया।
हम न्यायपालिका और समस्त अधिवक्ताओं के आभारी है जिन्होंने रात के अंधेरे में न्याय का दीपक जलाते हुए इस भारत विरोधी Trade Deal के खिलाफ नए सूर्य का उदय किया। @IYC@UdayBhanuIYC
आज हम सिर्फ विरोध नहीं कर रहे, हम न्याय की मांग कर रहे हैं।
हमारे अध्यक्ष और साथियों को इसलिए गिरफ्तार किया गया क्योंकि उन्होंने “Compromised PM” से जवाबदेही मांगी।
गिरफ्तारी से सवाल खत्म नहीं होते। बल्कि और मजबूत होते हैं। हम उनकी तुरंत रिहाई की मांग करते हैं। यह लड़ाई रुकेगी नहीं।
#IStandWithYouthCongress @IYC
युवा कांग्रेस अध्यक्ष श्री @UdayBhanuIYC जी, के नेतृत्व में युवा कांग्रेस का प्रधानमंत्री आवास घेराव, सवाल साफ़ थे, एपस्टीन फ़ाइल्स, व्यापार समझौते और सीमा सुरक्षा पर नरेंद्र मोदी ने देश के साथ समझौता क्यों किया?
लेकिन जवाब देने की बजाय, प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया गया, लाठियाँ चलीं, लोग घायल हुए, महिलाओं पर भी हमला हुआ।
यह साफ़ दिखाता है कि जब भी सवाल आते हैं, PM डरते हैं और compromise करते हैं।
#PMisCompromised