यूँ ये सवाल @dhruv_rathee ने बेरीढ़ के एक अभिनेता से पूछा है लेकिन मैं ठीक यही सवाल विश्वविद्यालय के उन साथी शिक्षकों से, कोचिंग इंडस्ट्री के इन्फ़्लुएंसर शिक्षकों से, क्रिएटर्स से और पत्रकारों से भी पूछना चाहता हूँ जिनके बेरीढ़ होने की क़ीमत विद्यार्थी और देश चुकाता है. ध्यान रखिएगा दर्ज सब होता है - चुप्पी भी, रिरिआहट भी और ग़ुलामी भी.
BREAKING: SSR ह... त्याकांड का सबसे सनसनीखेज सबूत लीक! 😱
ये तस्वीरें सिर्फ CCTV फुटेज नहीं हैं, ये बॉलीवुड के सबसे बड़े झूठ का पर्दाफाश हैं!
2020-06-14, रात 11:48:32 - बेडरूम में आखिरी बार कौन था?
किचन वाला ये सीन क्यों आज तक छुपाया गया?????
इस 21 मिनट के खोज-परक वीडियो में ऐसे-ऐसे परिस्थितिजन्य साक्ष्य और टाइमलाइन का खुलासा हुआ है जिसे सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे।
यकीन मानिए, इस वीडियो के बाद इस केस में बहुत बड़ा बवंडर मचने वाला है। अगर CBI ने इस एंगल से जांच की तो बड़े-बड़े नाम बेनकाब होंगे!
पूरा वीडियो बहुत ध्यान से देखिए और अपना निष्कर्ष कमेंट में बताइए - क्या ये आ.. त्म।ह।। त्या थी या ह.. त्या?
SHOCKING 🚨 Taapsee Pannu lost her cool on journalist for asking questions on Kangana Ranaut 😳
REPORTER : Kangana said you insulted her upbringing. Now she has given a reply.
TAAPSEE : "Wait.. Why only men ask me such questions? If you people stopped asking us questions, there would be no controversies"
ये भी अजब बात है कि एक तरफ़ तो भाजपा और उनके संगी-साथी अपने लोगों को प्रोटेस्टर्स के बीच भेजकर युवाओं को गलत साबित करने में लगे हैं; दूसरी तरफ़ जब उन्हें ‘भाजपाई’ कहा जाता है तो वो चिढ़ जा रहे हैं।
आज जिन भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों के घर-मकान-दुकान-प्रतिष्ठान व गाड़ियों से भाजपा के झंडे उतरे हैं कल भाजपा भी उनके दिलोदिमाग़ से उतर जाएगी क्योंकि वो भोले-भाले भावुक लोग हैं लेकिन उनमें भी बुद्धि-विवेक है और वो भी भाजपाइयों की निम्नलिखित काली-करतूतों से बेहद-बेहद शर्मिंदा हैं :
1. अयोध्या में ‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरी’ का रामघात
2. दिल्ली में बच्चियों तक पर बेदर्दी से प्रहार
3. पूरे देश में युवाओं पर हिंसक प्रहार
4. मुंबई में आंदोलनकारियों को ड्रग्स के झूठे केस में फँसाने की धमकी
5. लखनऊ अग्निकांड में मृतक बच्चे की दुखी माँ तक के साथ उप्र के मुख्यमंत्री द्वारा किया गया, अति निंदनीय दुर्व्यवहार व माँ का तिरस्कार
अब भाजपा के Paid & Unpaid तथाकथित समर्थक भी अब किसी काम नहीं आ रहे हैं। दरअसल अब वो जनाक्रोश को देखकर घर से बाहर तभी निकल रहे हैं, जब बहुत ज़्यादा मजबूरी हो। इसीलिए मोहल्ले और सोसाइटियों के पार्कों में भी, अब वो बरसाती वायरल बुख़ार या सर्दी-ज़ुकाम के नाम पर तबियत ख़राब होने का बहाना करके नहीं जा रहे हैं, उनके व्हाट्सएप ग्रुप भी ठंडे पड़े हैं।
भाजपा के कट्टर समर्थकों के सामने सबसे बड़ा संकट ये है कि उन्होंने पिछले 10-12 सालों में हर कुतर्क से भाजपा और उनके संगी-साथियों की ढाल बनकर रक्षा की, अपने बचपन के मित्रों, सहपाठियों, सहकर्मियों व सहयोगियों से लड़ाई की लेकिन अब वो भी भाजपा की कारस्तानियों से समझ गये हैं कि असल में वो ख़ुद ही गलत थे, तो वो किस मुँह को लेकर घरों से बाहर निकलें। जिस तरह भाजपा ने लोकतंत्र को ख़त्म किया, सरकारी विभागों-एजेंसियों का भ्रष्टाचारीकरण किया, कमीशनख़ोरी से महंगाई बढ़ाकर लूटा, शिक्षा-परीक्षा में घनघोर धांधली की व भर्ती-नौकरी-रोज़गार की जगह केवल अपने कुछ भाजपा समर्थक गिने-चुने खरबपतियों के लिए श्रमिकों को पैदा करने का काम किया, बलात्कारियों को छुड़वाकर गले में हार डलवाया, दुनिया के सबसे घिनौने अमेरिकी कांड में नाम आने पर भी अपने मंत्री को नहीं हटाया, उत्तराखण्ड हो या उत्तर प्रदेश की बेटी उनके बलात्कारियों को बचाया, लखीमपुर खीरी के थारकांड में किसानों को मारनेवाले के साक्षात् सबूतों को झुठलाया, पीडीए पर हर तरह का अत्याचार किया व उनका आरक्षण मारने के लिए कोर्ट में साज़िशों का जाल बिछाया, संविधान को मिटाने की हर संभव कोशिश की, विपक्ष पर अनर्गल आरोप लगाकर झूठे मुक़दमे किये, बुलडोज़र व एनकाउंटर का अमानवीय दुरुपयोग किया, यहाँ तक कि शंकराचार्य जी पर भी निकृष्टतम आरोप लगाया… ऐसे और भी अनेक कुकृत्य और कुकर्म हैं जिनसे भाजपा का असली चेहरा अब उनके समर्थकों के भी सामने आ गया है।
इसीलिए भाजपा समर्थकों के लिए ये तथाकथित अमृतकाल अब सरेआम अपमान के ज़हर भरे घूंट पीने के ‘विषकाल’ बन गया है।
“Was Taj Mahal originally a Shiva temple? Allahabad High Court asks Centre.”
Centre be like, forget Taj, ASI under our instruction can prove Australia was अस्त्रालय.
कांग्रेस में चाहे कोई कितना भी ताकतवर हो, राहुल गांधी की जगह नहीं आ पाएगा!
PM बनने की बारी आई तो केवल मनमोहन
सिंह बनें मनमोहन सिंह इसलिए नहीं बनें कि वो बहुत बड़े नेता थे!
इसलिए बनें क्योंकि वे किसी के भरोसेमंद थे, कुछ भी हो जाए ये धोखा नहीं देगा!
वे भारत के अब-तक के सबसे ज्यादा पढ़ें लिखे और समझदार PM थे!
~विकास दिव्यकीर्ति सर