नरेंद्र मोदी के मंत्री ने बता दिया कि आने वाले महीनों में खाने-पीने की चीजों का संकट आने वाला है।
देश पहले ही Energy Crisis से जूझ रहा है। खाद की भयंकर कमी है। अब खाने-पीने की चीजों पर भी संकट मंडरा रहा है।
अगर नरेंद्र मोदी ने वक्त रहते काम किया होता तो आज देश के सामने ये संकट ना होता, लेकिन उन्हें झाल बजाने से फुर्सत मिले, तब तो देश का सोचें।
एंकर मुझे मेरी विचारधारा बता रहे थे, इसलिए उन्हें उनकी विचारधारा याद दिलाना ज़रूरी था!
गोदी मीडिया तो सिर्फ़ दो शब्द ही समझती है “पैसा-पैसा, मोदी-मोदी!”
Rahul Gandhi Ji had exposed how Modi-Shah fooled investors by lying about stock market and making.
After 4th June 2024, Indian market has given zero and negative returns.
Those Andhbhakts who were mocking Rahul Gandhi Ji are crying and abusing Modi-Shah now.
Every Prime Minister before Modi was democratically elected. Modi is the first illegally elected PM of India, thanks to the compromised Election Commission of India.
यमुना किनारे बेला एस्टेट में 728 लोग रहते हैं। SIR के बाद वोटर लिस्ट में सिर्फ़ एक नाम बचा - बाकी 727 नाम काट दिए गए।
ये लोग दशकों से यहाँ रह रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के दिल्ली चुनावों में वोट डाल चुके हैं। 2023 में इनके घर तोड़ दिए गए थे - पर ये कहीं नहीं गए, यहीं हैं।
आज मैं इनकी झुग्गी में गया और सीधे इन्हीं से सुना कि चुनाव आयोग ने इनके साथ क्या किया है।
SDM से फ़ोन पर मैंने यही कहा - मकान होने या न होने का वोट के अधिकार से कोई रिश्ता नहीं है। ख़ुद CEC ज्ञानेश कुमार कह चुके हैं कि "हाउस नंबर 0" बेघरों के लिए है। फिर भी 727 लोगों का नाम काट दिया गया।
यह SIR नहीं - यह वोट चोरी का तरीक़ा है। जिनके पास पहले ही सबसे कम है, उनसे उनकी इकलौती ताक़त छीनी जा रही है।
ज्ञानेश कुमार तो जाएँगे। पर जिस सिस्टम ने उनसे यह करवाया, उसका हिसाब भी होगा।
#VoteChori
भागो प्रवेश वर्मा... कहाँ तक भागोगे?
आज तिलक नगर विधानसभा में भाजपा के भ्रष्टाचार की सड़क अपनी आँखों के सामने उखड़ते देख मंत्री प्रवेश वर्मा इतना ज्यादा बौखला गए कि वहाँ वीडियो बना रहे एक लड़के को थप्पड़ जड़ दिया।
AAP विधायक @JarnailSinghAAP ने बीजेपी सरकार को बीजेपी सरकार के मंत्री की आँखों के सामने Expose कर दिया तो मंत्री साहब अपना आपा ही खो बैठे। ऐसे थप्पड़बाज मंत्री को सरकार में नहीं, जेल में होना चाहिए।
ये आंदोलन से निकली आम आदमी पार्टी है। न हम इस गुंडागर्दी के आगे झुकेंगे और न दिल्ली की जनता। अब तो तुम लोगों के भागने के ही दिन आ गए हैं। देखते हैं कहाँ तक भागते हो।
दिल्ली की BJP सरकार के एक मंत्री वीडियो में एक नौजवान को थप्पड़ मारते दिख रहे हैं।
उसका गुनाह? वो वीडियो बना रहा था।
मंत्री के सामने सड़क खोदकर दिखाई जा रही थी, और उसके हाथ में कैमरा था।
ये उस सत्ता का चेहरा है जिसे अब वोटर से डर लगना बंद हो गया है।
सड़क पर सवाल पूछो - थप्पड़।
पेपर लीक पर सवाल पूछो - लाठी।
संसद में सवाल पूछो - माइक बंद।
ये लोग ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि इन्हें अब ये डर ही नहीं कि चुनाव इन्हें हटा सकता है। वोट चोरी यही ख़रीदती है - सिर्फ़ नतीजा नहीं, उसके बाद आने वाला अहंकार भी।
जो सरकार जीत को पक्का मान लेती है, उसे आपकी रज़ामंदी नहीं चाहिए - आपकी ख़ामोशी और अंधभक्ति चाहिए।
AMIT SHAH MUST RESIGN...
Today Ladakh commemorated the first anniversary of indiscriminate firing with AK 47 on unarmed youth that lead to the killing of 4+1, injury to 80+ & FIRs against 80+.
All without any firing order. Even after one year, the report of the Judicial Inquiry commission is suppressed & a paltry compensation of 15 lakh rupees for the dead & 3 lakhs for the severely injured has been announced. In this video I expose the root cause of the firing in Leh & also support Shri @RahulGandhi in his call #AmitShahMustResign for brutal firing with pallet guns at #JantarMantar.
Youth of Ladakh have always stood for the nation during all wars, it's time the nation stands for them.
Jai Hind
Mamata Banerjee’s constituency:
51k votes deleted. She lost by 15k.
M.K. Stalin’s constituency:
1 lakh votes deleted. He lost by 9k.
Arvind Kejriwal’s constituency:
40k votes deleted. He lost by 4k.
Was this the real reason behind the introduction of SIR?
"मोदी सरकार को मालूम था कि एक दिन चुनाव आयोग के भीतर का खेल बाहर आएगा और जनता चुनाव आयुक्त को गिरफ्तार करने की मांग करेगी। इसीलिए दिसंबर 2023 में मोदी सरकार ने कानून बनाया कि चुनाव आयुक्तों को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। यह कानून तब बना जब दोनों सदनों के 141 सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया था। सदन में कोई विपक्ष ही नहीं था। अब समझ में आ रहा है कि वह कानून किसलिए बनाया गया था।"