उदास आँखों के सूखे हुए ख़्वाब
पानी नहीं मांगते
मांगते हैं स्पर्श किसी अपने का
जैसे बच्चे को रोता देख, मां के छूते ही
चुप हो जाते हैं वे!
मैं तुम्हारे स्पर्श की प्रतीक्षा में
सूख रहा एक ख़्वाब हूं।
-अदित्य रहबर
In frame- @Nawazuddin_S
& @sanyamalhotra07