आप सभी को प्रणाम🙏-जब लक्ष्य निर्धारित हो जाए तो रास्ते व तरीक़े अपने आप मिलने शुरू हो जाते है क्यूँकि करने के लिए सिर्फ़ लक्ष्य को पाना ही बहुत है वरना बहाने तो बहुत अच्छे,प्यारे व आनंद देने वाले होते है⛳️सच्चा प्रयास ही विश्वास देता है🙏भगवान सभी स्वस्थ व ख़ुश रहें कृपा रखना 🙏
आज के जमाने का सच
जब मर्द कमाता है तो सबसे पहले सोचता है औरत की सारी जरूरते पूरी कर सके,
पर
जब एक औरत कमाती है तो वो सोचती है की उसे अब मर्द की कोई जरूरत नही😊
ये उड़िशा के हलधर नाग हैं। कोसली भाषा के प्रसिद्ध कवि। स्कूल की रसोई में काम और पेन पेंसिल की छोटी दूकान से जीविका चलाई। फिर काव्य में ऐसा नाम किया कि राष्ट्रपति पुरस्कार से नवाज़ा गया। लेकिन पुरस्कार के लिए दिल्ली आने के पैसे नहीं थे तो कहा साहब डाक से पुरस्कार भिजवा दो। प्रणाम!