#JusticeForTeachers
RTE ACT लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षक राज्य निर्धारित अर्हताओं के अनुसार चयनित हुए और दशकों से सेवा दे रहे हैं। बाद की योग्यताओं को पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर थोपना अन्याय है। भारत सरकार संसद से कानून बनाकर लाखों शिक्षकों को न्याय दे।
@DrDCSHARMAUPPSS
#JusticeForTeachers
एक आग्रह (केंद्र सरकार और राज्य सरकार से)
आज शिक्षक वर्ग को टीईटी अनिवार्यता के प्रश्न पर असमंजस और असुरक्षा का ��ामना करना पड़ रहा है। शिक्षा व्यवस्था में स्थिरता और मनोबल बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है जितना गुणवत्ता सुनिश्चित करना।
हम सरकार से यह निवेदन करना चाहते हैं कि शिक्षा की गुणवत्ता केवल एक परीक्षा से नहीं, बल्कि अनुभव, समर्पण और सतत कार्य से भी आँकी जानी चाहिए। जो शिक्षक आरटीई लागू होने से पूर्व विधिवत नियुक्त हुए, जिन्होंने वर्षों तक सफलतापूर्वक अध्यापन किया, उनके अनुभव और सेवा को एक झटक�� में कमतर आंकना न्यायोचित नहीं है।
तार्किक पक्ष यह कहता है कि यदि नियुक्ति के समय जो नियम प्रभावी थे, उन्हीं के आधार पर चयन हुआ, तो बाद में नियमों में संशोधन का प्रभाव पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर लागू करना न्यायसंगत पुनर्विचार का विषय होना चाहिए। शिक्षा व्यवस्था में स्थिरता और मनोबल बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है जितना गुणवत्ता सुनिश्चित करना।
एक शिक्षक ��ा आत्मसम्मान ही उसकी सबसे बड़ी पूँजी है। जब वर्षों की सेवा के बाद उसे अपनी योग्यता सिद्ध करने की नई बाध्यता के साथ खड़ा किया जाता है, तो उसके मन में असुरक्षा और पीड़ा स्वाभाविक है। यह पीड़ा केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की चिंता बन जाती है।
हम सरकार से टकराव नहीं, समाधान चाहते हैं। हम संवाद चाहते हैं, सहानुभूति चाहते हैं और ऐसी नीति चाहते हैं जो न्याय, संवेदनशीलता और व्यवहारिकता—तीनों का संतुलन बनाए।
आशा है कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार शिक्षक समाज की इस गुहार को संवेदनशीलता से सुनेगी और अतिशीघ्र ऐसा निर्णय लेगी जो शिक्षा की गुणवत्ता भी बनाए रखे और वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के सम्मान और अधिकारों की भी रक्षा करे।
क्योंकि शिक्षक मजबूत होगा तो ही शिक्षा मजबूत होगी, और शिक्षा मजबूत होगी तो ही राष्ट्र सशक्त बनेगा।
- विपिन बिहारी
@DrDCSHARMAUPPSS
@UPPSS1921
@TFI_2025
#JusticeForTeachers
जब अधिकारों पर आंच आती है, तो मौन नहीं — संगठित स्वर ही परिव��्तन लाता है
📢 आज, 22 फ़रवरी, दोपहर 2:00 बजे — ट्विटर (X) अभियान
अपनी आवाज़ को एक स्वर दें, अपनी एकता की ताक़त दिखाएँ।
@DrDCSHARMAUPPSS
@UPPSS1921
@TFI_2025
#JusticeForTeachers
जब हम सेवा में आए थे तो उस समय की सेवा सम्बन्धी सभी अहर्ताएं पूरी की थी । 2010 में सभी शिक्षकों को टेट क्वालिफाई करने का नियम लाया गया , 45 से 56 वर्ष की उम्र में शिक्षकों को अपनी नौकरी बचाने के लिए टेट परीक्षा उत्तीर्ण ���रने का आदेश अमानवीय है । इस आयु में व्यक्ति अपने निजी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं , विभागीय , पारिवारिक और सामाजिक जिम्मेदारियों से जूझ रहा होता है । ऐसे में नौकरी जाने के भय से शिक्षक अवसाद में आ रहा है ।
���िक्षक साथियों!
#JusticeForTeachers
जब अधिकारों पर आंच आती है, तो मौन नहीं — संगठित स्वर ही परिवर्तन लाता है।
तो आइए, अपने सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट हों।
📢 कल, 22 फ़रवरी, दोपहर 2:00 बजे — ट्विटर (X) अभियान
अपनी आवाज़ को एक स्वर दें, अपनी एकता की ताक़त दिखाएँ।
एक साथ, एक समय, एक संकल्प —
न्याय के लिए, अधिकार के लिए!
@DrDCSHARMAUPPSS
@UPPSS1921
@TFI_2025
सर्वोच्च न्यायालय ने जाति भेदभाव से जुड़े UGC विनियम पर रोक लगाई। 2012 के पुराने विनियम फिर से लागू किए गए हैं और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया गया। विनियम समाज में विभाजन बढ़ा सकते हैं, इसलिए रोक जरूरी है।
यह खासियत है वरिष्ठ पत्रकार @Aamitabh2 जी की उन्होंने हमेशा जनहित के मुद्दों को तर्क की कसौटी पर रखकर उठाया है।
टीईटी अनिवार्यता मुद्दों पर यह स्पष्ट है कि क्या पुराने डॉक्टर को वर्तमान की नीट परीक्षा कराई जाए तो क्या यह उचित होगा? नहीं!
क्योंकि यह परीक्षा इस समय की व्यवस्था है जबकि उनकी भर्ती के समय उन्होंने अपने मानक पूर्ण किए होंगे।
यही बात शिक्षकों के लिए भी सार्थक है।
प्रांतीय अध्���क्ष डॉ दिनेश चंद्र शर्मा जी के नेतृत्व उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ प्रदेश के समस्त जनपदों से माननीय प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित करेगा।
#uppss #tet #ctetexam
केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारों से विनम्र आग्रह है कि वह RTE Act लागू होने से पूर्व नियुक्त सेवारत शिक्षकों हेतु TET अनिवार्य करने के फैसले पर विचार करें।इन शिक्षकों द्वारा शिक्षित बच्चे देश के सुयोग्य नागरिक बनकर राष्ट्र निर्माण में शत प्रतिशत योगदान दे रहे हैं।@pmo@CMOfficeUP
शिक्षक भर्ती के समय जो भी योग्यताएं निर्धारित की गई थी उन्हें पूर्ण करने के बाद ही एक अभ्यार्थी शिक्षक बना। अब इतने सालों बाद अचानक ही उन योग्यताओं में बदलाव करना �� क��र्यरत शिक्षकों पर उन नीतियों को थोपना कहाँ तक उचित है।
#काला_कानून_वापस_लो
सालों की मेहनत को यूं बर्बाद मत किजिए
"TET भर्ती का हिस्सा था, सेवा का नहीं"
अगर नियुक्ति के बाद भी शिक्षक असुरक्षित हैं, तो ये शिक्षा तंत्र में अस्थिरता की जड़ है
#काला_कानून_वापस_लो
जिन्होंने नियुक्ति के समय अपनी सारी दक्षताएं और सभी पात्रताएं पूर्ण की और अब जब सेवा में कई वर्ष बीतने के बाद एक परीक्षा पर उनके अनुभवों और ज्ञान का परीक्षण करना न्या��ोचित नहीं है। केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार से अनुरोध है कि इस संबंध में सार्थक कदम उठाएं।
#काला_कानून_वापस_लो