वर्दी का सम्मान तभी बना रहेगा जब हर अधिकारी कानून के दायरे में रहेगा। यदि अविनाश पाण्डेय वर्दी की आड़ मे गुंडागर्दी दिखा कर जातिवाद करेगा तो ये उसको सोभा नहीं देता , अविनाश पांडे पर तत्काल कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। कानून से ऊपर कोई नहीं।
थाना देहात कोतवाली अंतर्गत गाँव संखलापुरी में जहाँ मंदिर में पूजा करने गई एक दलित नाबालिग बच्ची के साथ पुजारी द्वारा बलात्कार करने की कोशिश की घटना अतिनिंदनीय है @saharanpurpol@dgpup@Uppolice दोषी को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजे @myogiadityanath जी तुरंत एक्शन ले @BhimArmyChief
आगरा में ट्रांसपोर्टर अजहर अली की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु अत्यंत दुखद और गंभीर चिंता का विषय है।
परिजनों के अनुसार, अजहर अली ने 2 अप्रैल को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक GST अधिकारी पर भ्रष्टाचार और घूसखोरी के गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं और शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा था।
शुक्रवार रात वे जयपुर के लिए जूता ट्रांसपोर्ट करने निकले थे। रात करीब 2 बजे उनका फोन आया, जिसमें उन्होंने बताया कि GST अधिकारी ने उनकी गाड़ी पकड़ ली है और वे GST ऑफिस जा रहे हैं। इसके बाद उनका फोन बंद हो गया और उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका।
कुछ ही घंटों बाद, शनिवार सुबह उनकी लाश सड़क किनारे संदिग्ध हालत में मिली, सिर पर चोट के स्पष्ट निशान थे।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, क्या यह महज संयोग है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के 24 घंटे के भीतर ही शिकायत करने वाले व्यक्ति की मौत हो जाती है?
क्या भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को इसी तरह खामोश किया जाएगा?
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि: इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच (CBI या SIT) कराई जाए। पीड़ित परिवार को सरकारी सुरक्षा और उचित मुआवजा दिया जाए।धमकी देने वाले नंबरों की जांच कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाए।
@CMOfficeUP
सामाजिक आंदोलन के जरिए सदैव अपनी आवाज़ बुलंद करने वाले गुर्जर समाज के नेतृत्वकर्ता श्रद्धेय कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला जी के स्मृति दिवस पर उन्हें शत शत नमन एवं विनम्र आदरांजलि।
“कांशीराम साहब आपकी नेक कमाई, आपने सोती कौम जगाई”
बहुजन नायक मान्यवर साहब कांशीराम जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन एवं विनम्र आदरांजलि व आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के छठवे स्थापना दिवस की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएं।
#आजाद_समाज_पार्टी_कांशीराम
जिस रास्ते पर अँधेरा था,
वहाँ आप ने रोशनी रख दी।
जिस दिल में डर था,
वहाँ आप ने हिम्मत जगा दी।
सम्मान क्या होता है,
इंसान क्या होता है—
यह दुनिया ने नहीं,
आप ने सिखाया बाबा।
जब भी अन्याय दिखता है,
आपकी याद आती है—
और लगता है
कि सत्य के लिए खड़े होना
सबसे बड़ी पूजा है।
बाबा साहेब,
आप हमारे लिए
सिर्फ़ एक महापुरुष नहीं—
जीवन का सबसे सच्चा मार्गदर्शक हैं।
आपको हृदय से नमन एवं विनम्र आदरांजलि🙏🙏
जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी" का नारा देकर सोए हुए समाज को जगाने वाले, और "वोट हमारा, राज तुम्हारा नहीं चलेगा" के नारे से शोषित समाज में राजनीतिक चेतना पैदा करने वाले बहुजन नायक, मान्यवर साहब कांशीराम जी के परिनिर्वाण दिवस पर उन्हें कृतज्ञता पूर्ण नमन एवं विनम्र आदरांजलि। हम संकल्प लेते हैं कि आपके "बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय" के अधूरे सपने को मंजिल तक पहुंचा कर ही दम लेंगे।
माननीय सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी. आर. गवई पर सुनवाई के दौरान जूता फेंकने की कोशिश बेहद गंभीर और शर्मनाक घटना है!
यह केवल न्याय व्यवस्था पर हमला नहीं, बल्कि जातिवाद और असहिष्णुता का भी प्रतीक है।
यह समझना ज़रूरी है कि जब न्याय के सर्वोच्च मंच पर बैठे व्यक्ति की सुरक्षा और गरिमा पर हमला होता है, तो यह पूरे न्याय व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश होती है।
ऐसी हरकतें न सिर्फ निंदनीय हैं, बल्कि यह संकेत हैं कि समाज में असहमति को अभद्रता और हिंसा के ज़रिए प्रकट करने की प्रवृत्ति बढ़ रही है — जो किसी भी लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है।
हम इस जघन्य कृत्य की कट्टर निंदा करते हैं और @PMOIndia से मांग करते हैं कि आरोपी पर देशद्रोह और न्यायिक गरिमा भंग करने की सबसे सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज हो।
न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर कोई भी हमला देश की आत्मा पर हमला है - और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
#SupremeCourt
#SupremeCourtOfIndia
#Cjigavai
@saharanpurpol@CMOfficeUP किरण हेल्थ केयर हॉ०में आई महिला का बच्चा बदल दिया गया जैसे ही परिजनों ने इसकी शिकायत की तो स्वय डॉ और उनके स्टाफ ने परिजनों के साथ गालिया देते हुए मारपीट शुरू कर दी।आप इसकी जांच कर इनका लाइसेंस रद्द करवाइए और मारपीट करने वाले सभी लोगो पर कार्रवाही करिए।
मेरठ के सरधना में पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय , नवाबगढ़ी रोड की हालत शर्मनाक है। हॉस्टल की छत से बारिश का पानी टपक रहा है, प्लास्टर गिर रहा है, शौचालय टूटे पड़े हैं, आरओ खराब है, चारों तरफ गंदगी और सांप-बिच्छुओं का खतरा मंडरा रहा है। यह स्थिति बच्चों की जान और पढ़ाई दोनों से खिलवाड़ है।
छात्र मजबूरी में धरने पर बैठ गए—यह लापरवाह प्रबंधन और भ्रष्ट व्यवस्था पर सबसे बड़ा तमाचा है। छात्रों ने साफ कहा कि वे जेल से भी बदतर हालात में रहने को मजबूर हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होना दिखाता है कि शिक्षा विभाग बच्चों के भविष्य और मूलभूत सुविधाओं को लेकर कितना गैरजिम्मेदार है।
याद रहे कि हॉस्टल भवन 1965 में बना था और आज तक उसकी ठीक से मरम्मत नहीं हुई। यह सरकारों की उपेक्षा का जीता-जागता सबूत है।
मैंने 3 फरवरी को #LokSabha में महामहिम राष्ट्रपति महोदया जी के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान छात्रावासों की जर्जर स्थिति और मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर अपनी चिंता प्रकट की थी, लेकिन सरकारें इस मुद्दे पर कान में उंगली डालकर बैठी हैं।
हम @EduMinOfIndia से माँग करते हैं कि नवोदय विद्यालय समिति और शासन तुरंत हॉस्टल की मरम्मत, सफाई व्यवस्था, सुरक्षित पेयजल, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाओं का समाधान करे।
अगर बच्चों को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल नहीं मिला तो उनकी आवाज लोकसभा में गूंजेगी और सरकार को जवाब देना पड़ेगा।
@mygovindia@dpradhanbjp
#NavodayaVidyalaya
#StudentProtest
#EducationCrisis
#BudgetSession2025
शिक्षकों के लिए टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) अनिवार्य करने संबंधी निर्णय पर पुनर्विचार करने हेतु माननीय मुख्य न्यायाधीश श्रद्धेय भूषण रामकृष्ण गवई जी को पत्र लिखकर निवेदन किया।
हमें आशा हैं कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय इस विषय पर संवेदनशील और न्यायपूर्ण निर्णय करेगा।
#SupremeCourtOfIndia
#JusticeBRGavai
#TeachersRights
#RightToEducation
युवा तुर्क' के नाम से प्रसिद्ध श्रद्धेय चंद्रशेखर जी ने संघर्ष, सिद्धांत और सामाजिक न्याय को भारतीय राजनीति का केंद्र बनाने का कार्य किया। उन्होंने सत्ता के बजाय विचार और जनता के बीच रहकर नेतृत्व को परिभाषित किया। देश के सबसे कठिन दौर में उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में सादगी, निष्ठा और आत्मबल का परिचय दिया।
आज उनके स्मृति दिवस पर हम उनके लोकतांत्रिक मूल्यों, जनसरोकारों और सामाजिक बदलाव के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को नमन करते हैं।
अमेरिका में आयोजित विश्व पुलिस मीट में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास लिखने वाले नोएडा में तैनात आगरा के गगनदीप,जम्मू-कश्मीर पुलिस के बेनिया अमीन, गौतमबुद्धनगर की बबीता नागर,वाराणसी की बेटी ममता पाल सहित आप सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई।
हम आप सभी के उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं।
*हमें आप पर गर्व है।*
#WorldPoliceAndFireGames2025
उत्तर प्रदेश के जनपद कौशाम्बी के हमारे परिवार की बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और प्रयागराज के करछना में हमारे परिवारजन की बेरहमी से हत्या के बाद जलाए जाने की दुखद घटना हुई। मैं कल अपने इन दोनों पीड़ित परिवारों से मिलने गया था। इस दौरान प्रयागराज में सुनियोजित साजिश के तहत हमारे आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश की गई है।
संलग्न वीडियो में देखिए — पुलिस के साथ इतनी बड़ी संख्या में ये लोग कौन हैं? और कैसे पुलिस के साथ मिलीभगत करके ये लोग खुद ही सड़क पर खड़ी मोटरसाइकिल और स्कूटी व गाड़िया तोड़ रहे हैं। हमारे आंदोलन को बदनाम करने के लिए यह एक पूरा षड्यंत्र है।
मैं साफ करना चाहता हूँ कि भीम आर्मी – आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) का संघर्ष संविधान और लोकतंत्र के दायरे में रहकर चलता आया है और चलता रहेगा।
मैं फिर से दोहरा रहा हूँ, अम्बेडकरवादी कभी हिंसा कर ही नहीं सकते हैं। यह एक साजिश है, इसीलिए मैं इस पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग करता हूँ।
साथ ही मैं यह भी स्पष्ट करना चाहता हूँ कि हमारा हर कार्यकर्ता हमारा परिवार है। यदि पुलिस प्रशासन किसी भी निर्दोष कार्यकर्ता को परेशान करने या झूठे मुकदमों में फँसाने का षडयंत्र करेगा, तो मैं हर हाल में अपने उस कार्यकर्ता के साथ खड़ा रहूंगा।
हम संगठनात्मक और संवैधानिक तरीकों से संघर्ष आए हैं, और अन्याय के विरुद्ध पूरे देश का संगठन अपने साथियों के साथ खड़ा रहेंगे। हम हर स्तर पर आवाज़ उठाएँगे। सड़क हो या कोर्ट, हम मजबूती से लड़ाई लड़ेंगे। हमारे आंदोलन को कमजोर करने या हमें झुकाने की हर एक साजिश नाकाम होगी। हमारे कार्यकर्ताओं और आंदोलन को बदनाम करने वालों को मुँहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
भीम आर्मी – आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) अपने हर कार्यकर्ता की ढाल बनकर खड़ी है।
जय भीम! जय भारत! जय संविधान!
उत्तर प्रदेश के जनपद बरेली की तहसील नवाबगंज के ग्राम गंगापुर में भारतीय संविधान के निर्माता, आधुनिक भारत के शिल्पकार, शोषितों-वंचितों और महिलाओं के मुक्तिदाता, ज्ञान और न्याय के प्रतीक, विश्वरत्न परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने का कृत्य न केवल कायरतापूर्ण व दण्डनीय हैं बल्कि उनके समस्त मानवतावादी अनुयायियों की भावनाओं को आहत करने वाला है।
इतना डरते क्यों हो बाबा साहेब की मूर्तियों से?
क्योंकि तुम जानते हो—जिस दिन ये समाज बाबा साहेब को ठीक से पढ़ और लेगा, उस दिन तुम्हारे अन्याय और मनुवाद की दीवारें ढह जाएंगी।
प्रशासन द्वारा दुस्साहसियों पर कठोर कार्यवाही होने के कारण ऐसे कृत्य आए-दिन हो रहे हैं। यह नफ़रत केवल मूर्तियों तक सीमित नहीं, यह बहुजन समाज के आत्मसम्मान , इतिहास और भविष्य पर हमले है।
हम @UPGovt से माँग करते है
दोषी की शीघ्रातिशीघ्र गिरफ्तारी हो और सख्त से सख्त कार्रवाई हो।
क्षतिग्रस्त प्रतिमा के स्थान पर शीघ्रातिशीघ्र नयी और भव्य प्रतिमा स्थापित की जाए।
बाबा साहेब का अपमान,
नहीं सहेगा बहुजन समाज।
मैं गहरी चिंता और आक्रोश के साथ कह रहा हूं कि लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी (LDA) की आधिकारिक वेबसाइट पर लखनऊ के बहुजन समाज से जुड़े ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्मारकों को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया है।
बहुजन समाज के स्मारक/स्थल न केवल लखनऊ की पहचान हैं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, चेतना और आत्म-सम्मान से जुड़े हैं—वे वेबसाइट पर पर्यटन या धरोहर के रूप में दर्ज ही नहीं हैं।
यह तब और भी आपत्तिजनक हो जाता है जब इन्हीं स्मारकों से LDA को नियमित रूप से बड़ा राजस्व प्राप्त होता है — टिकट, पार्किंग, आयोजनों और सेवा शुल्क के माध्यम से।
यह न सिर्फ डिजिटल बहिष्कार है, बल्कि लोकतंत्र के उस मूल सिद्धांत का सीधा उल्लंघन है, जो “प्रतिनिधित्व” पर आधारित है — जिसे मान्यवर कांशीराम साहब ने "जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी" के सिद्धांत से परिभाषित किया था।
भारत का लोकतंत्र केवल शासन प्रणाली नहीं, बल्कि सभी समुदायों की समान भागीदारी और प्रतिनिधित्व का वादा है।
जब बहुजन समाज निर्माण, संस्कृति, और अर्थव्यवस्था में सहभागी है, तो उसकी स्मृति और धरोहर को वेबसाइट से अदृश्य करना संविधान के अनुच्छेद 15 और 29 का भी उल्लंघन है।
हम स्पष्ट रूप से मांग करते हैं:
1. LDA अपनी वेबसाइट पर बहुजन स्मारकों को समुचित स्थान दे और उन्हें पर्यटन स्थल व सांस्कृतिक धरोहर के रूप में शामिल करे।
2. सभी समुदायों के प्रतीकों, स्मारकों और योगदानों को समान महत्व व मान्यता दी जाए।
3. डिजिटल प्लेटफार्मों पर “प्रतिनिधित्व” सुनिश्चित करने के लिए नीति-स्तर पर सुधार किए जाएँ।
यह केवल सूचना की बात नहीं, यह सम्मान और हिस्सेदारी की बात है। जब तक बहुजनों के प्रतीक अदृश्य हैं, तब तक लोकतंत्र अधूरा है। @LkoDevAuthority
जनपद सहारनपुर के कस्बा रामपुर मनिहारान में अनुसूचित जाति के लोगो को जातिवादी लोगो ने घर आकर लाठी डंडों व धारदार हथियारों से मारा पीटा जिसमे महिलाओं सहित कई लोगो को गंभीर चोट आई है मुकदमा पंजीकृत होने के बाद भी दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है @saharanpurpol@dgpup@Uppolice
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, ग्वालियर खंडपीठ में भारतीय संविधान के निर्माता, आधुनिक भारत के शिल्पकार, शोषितों-वंचितों और महिलाओं के मुक्तिदाता, ज्ञान के प्रतीक, विश्व रत्न, परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की प्रतिमा स्थापित करने का अनुरोध अंबेडकरवादी अधिवक्ताओं द्वारा किया गया था। 19 मार्च 2025 को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश ने इस अनुरोध को स्वीकृति प्रदान की, जो कि न्यायालय के अभिलेख में दर्ज है।
बाबा साहेब की प्रतिमा स्थापना को रोकने हेतु जातिवादी तत्वों ने हर संभव प्रयास किया। इसके पश्चात, 26 मार्च 2025 को माननीय मुख्य न्यायाधीश ने एक आदेश पारित किया कि यदि कुछ अधिवक्ता इसका विरोध कर रहे हैं तो उन्हें नजरअंदाज किया जाए, और भारत के सर्वोच्च न्यायालय में स्थापित बाबा साहेब की प्रतिमा के अनुरूप कार्य पूर्ण किया जाए।
माननीय उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद, ग्वालियर खंडपीठ में प्रतिमा स्थापना में हो रही बाधा न केवल न्यायालय की अवमानना है, बल्कि यह सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों के विरुद्ध हिंसक मानसिकता का भी प्रमाण है। इस गंभीर स्थिति में सबसे पहले मेरे द्वारा ट्वीट (14 मई और 18 मई को) कर इस मुद्दे को उठाया गया। साथ ही, 27 मई को सर्वोच्च न्यायालय के माननीय प्रधान न्यायाधीश, न्यायमूर्ति श्रद्धेय भूषण रामकृष्ण गवई जी को पत्र भी प्रेषित किया गया। इसके अतिरिक्त, 31 मई को दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय अधिवक्ता सम्मेलन के अवसर पर 11 जून को ग्वालियर में एक बड़ी जनसभा (अंबेडकर महापंचायत) आयोजित करने की घोषणा की गई।
11 जून को, ग्वालियर में भीम आर्मी के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष भाई विनय रत्न जी और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के माननीय राष्ट्रीय महासचिव भाई रविन्द्र सिंह भाटी जी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक माननीय प्रधान न्यायाधीश, न्यायमूर्ति श्रद्धेय संजीव सचदेवा जी के नाम ज्ञापन देकर विनम्र अपील की गई।
अब बाबा साहेब के विरोधियों ने यह कहना आरंभ कर दिया है कि परम पूज्य बाबा साहेब संविधान निर्माता नहीं हैं। यह दावा न केवल ऐतिहासिक सत्य का अपमान है, बल्कि राष्ट्रविरोधी षड्यंत्र का हिस्सा भी है। इन षड्यंत्रकारियों के असत्य को खंडित करने हेतु, भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) मध्य प्रदेश के प्रत्येक गाँव - गाँव गली - गली जाकर में बाबा साहेब के सम्मान में जनजागरूकता यात्राएं निकालेंगी।
परम पूज्य बाबा साहेब के मान-सम्मान से कोई भी खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बाबा साहेब का अपमान नहीं सहेंगे!
#संविधान_निर्माता_परम_पूज्य_बाबा_साहेब
#AmbedkarIsOurPride