हाँ तो आपको क्या लगा था? साहब आयेंगे और जूस पिलायेंगे?
क्या लगा था? प्रधान साहब इस्तीफ़ा लेकर आयेंगे और अनशन तुड़वायेंगे?
गया वह ज़माना जब प्रधानमंत्री जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया करते थे।
हनुमानगढ़ी में कभी नमाज नहीं पढ़ी गई. ये गलत बात है.
जो लोग नमाज पढ़ने की बात करते हैं, उन्हें मालूम होना चाहिए कि हनुमानगढ़ी का निर्माण मुस्लिम समाज ने कराया था.
-बृजभूषण शरण सिंह
चीजें जब बन जाएं तब उन्हें तहस नहस किया जाए यह ठीक नहीं है। इस यूनिवर्सिटी से समाज का भला ही होगा।
दो साल पहले जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन को लेकर रामपुर से रिपोर्ट की थी, जिन लोगों की जमीनों को आजम खान ने अनैतिक तरीके से लिया था, वह भी कहते थे कि जो होना था हो गया, अब आजम खान और यूनिवर्सिटी के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
राजनीतिक बदले का भी एक स्टैंडर्ड होता है, स्टैंडर्ड से नीचे जाने पर जनता घिन करने लगती है।
मतलब श्रद्धालुओं की ही नियत ख़राब थी, वाह सतीश महाना साहब वाह!
यूपी विधानसभा स्पीकर सतीश महाना ने राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी के पीछे जो तर्क दिया है उसे सुनने के बाद आपकी आँखें फटी रह जाएंगी।
सतीश महाना ने कहा है कि,
"मुझे लगता है जिनका पैसा चोरी हुआ है उन्होंने सच्ची श्रद्धा भाव से भगवान के मंदिर में अर्पित नहीं किया होगा,
इसलिए उनका पैसा चोरी हो गया हमारा पैसा चोरी नहीं हुआ हमारा पैसा मंदिर में लगा है मंदिर का भव्य स्वरूप इस बात का प्रमाण है।"
इनकी सोच देखिए, आरोपियों पर बोलने के बजाय इन्होंने राम भक्तों की श्रद्धा पर ही सवाल खड़ा कर दिया।
>ब्रो का नाम सतीश महाना
>ब्रो यूपी में कानपुर से 8 बार का विधायक है
>ब्रो अभी यूपी विधानसभा का स्पीकर भी है
>ब्रो का कहना है कि जिन लोगों ने गलत भावना से चंदा दिया उनका पैसा चोरी हुआ है
>ब्रो जैसे लोगों को देखकर और सुनकर शर्म आती है कि ये हमारे जन प्रतिनिधि हैं
>ब्रो जैसे लोग चोरों को गलत न बताकर जनता को गलत बता रहे हैं
>ब्रो जैसे लोगों से न्याय की उम्मीद करना भी बेकार है
स्कूलों की किताबों में राघव चड्ढा पर एक अध्याय जोड़ा जाना चाहिए,
ताकि यह बच्चों को दिखाया जा सके कि राजनेता विपक्ष में और सत्ता में रहते हुए कैसा व्यवहार करते हैं।
ये वही आदमी है जो गिगवर्कर तक के मुद्दे उठता था लेकिन अब ये सोनम वांगचुक के मुद्दे पर चुप हैं।
बहुत बुरी लग गई, जब बात ख़ुद पर आई
पर जब औरों पर कही, तो न हुई कार्रवाई
काश उनके साथ भी ऐसा ही होता जो विपक्ष पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हैं और सरासर झूठे आरोप लगाते हैं।
पक्षपात अन्याय का ही एक रूप है।
टिकट कटने के बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने दतिया में जमकर हुड़दंग मचाया . बवाल किया .11 घंटे तक हाईवे जाम किया . गाड़ियों में आग लगाने की कोशिश की . पत्थरबाजी में SP समेत आठ पुलिस वालों को चोटें आई . पुलिस की बेबसी और लाचारी देखिए कि पत्थर खाकर भी धैर्य दिखाती रही . DM का बयान सुनिए और प्रशासन की बेचारगी महसूस कीजिए.
अगर ये बीजेपी के हुड़दंगी न होते तो ?
पूरा वीडियो मेरे यूट्यूब चैनल पर
• पेपर लीक से सरकार को फर्क नहीं पड़ता
• टूटती सड़कों से सरकार को फर्क नहीं पड़ता
• लोगों की मौत से सरकार को फर्क नहीं पड़ता
• बेरोजगारों की भीड़ से फर्क नहीं पड़ता
• किसानों की मांग से फर्क नहीं पड़ता
ऐसा इसलिए क्योंकि अब सरकार को आपके वोट की जरूरत नहीं, मामला सेट है.
जब तक EVM है, आप सरकार का कुछ नहीं बिगाड़ सकते. ये बात सरकार जानती है.
न जवाबदेही होगी, न जिम्मेदारी होगी
सिर्फ और सिर्फ लूट होगी, बेरोकटोक
• पुलिस के पास न्याय लेने जाओ
तो घूस दो ,
• तहसील काम करवाने जाओ तो
घूस दो ,
• मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना है तो
घूस दो ,
• जन्म प्रमाण पत्र बनवाना है तो
घूस दो ,
• ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना है तो
घूस दो ,
• पासपोर्ट वेरिफिकेशन करवाना है
तो पुलिस को घूस दो ,
• DM ऑफिस में कोई काम
करवाना है तो बाबू को घूस दो ,
• अपनी ही जमीन माफिया और
अपराधियों के चंगुल से छुड़वानी है
तो घूस दो ,
• सरकारी अस्पताल में बिस्तर
चाहिए तो घूस दो या सेटिंग करो
• बिजली कनेक्शन का मसला है तो
घूस दो ,
• बिजनेस चालू करना है तो
लाइसेंस के लिए घूस दो ,
• न्याय चाहिए तो पैसा खर्च करो
क्या इस देश में कोई भी ऐसा
डिपार्टमेंट है जहाँ बिना घूस के
काम चलता हो?
बारिश की वजह से काफ़ी समस्या का सामना करना पड रहा हैं बच्चो को स्कूल जाने में काफ़ी समस्या हो रही हैं बड़े बुजुर्ग को भी आने जाने में समस्या हो रही है मामले का संज्ञान लेकर जल्द से जल्द समस्या का समाधान करने की कृपया करे सम्पर्क सूत्र 7017671916
जिसको कुत्ता नहीं पूछता वही लोग आपको जिताकर विधानसभा पहुंचाते है ,
जिसको कुत्ता नहीं पूछता उन्हीं लोगों के पैरों में गिरकर वोट मांगते हो ,
जिनको कुत्ता नहीं पूछता उन्हीं के टैक्स के पैसों पर पलते हो !
UP मेरठ में दलित समाज की बेटी ललिता गौतम के लिए न्याय की आवाज़ उठाने पर प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवार और साथ बैठे अन्य लोगों के साथ किया गया दुर्व्यवहार और बल प्रयोग अत्यंत निंदनीय है।
लोकतंत्र में न्याय की मांग करना कोई अपराध नहीं है। सरकार और प्रशासन से माँग है कि न्याय की मांग कर रहे लोगों से वार्ता कर दोषियों के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई करें।
#NirmalChoudhary
मेरठ में एक दलित छात्रा का शव मिलने के बाद परिजन विरोध कर रहे थे, कप्तान साहब ने एक दलित युवक को पुलिस वैन में चढ़कर मारा
कप्तान अविनाश पांडेय के रहते दलित विरोध करने की हिम्मत कैसे कर गया ?